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भाजपा नेता व हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत को किसानों ने दिखाए काले झंडे
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लायंस क्लब कैथल सेंट्रल द्वारा आयोजित कोविड-19 टीकाकरण शिविर में पहुंचे भाजपा नेता और हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत का किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया। हालांकि शिविर में विधायक लीलाराम को भी बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे शिविर में नहीं पहुंच पाए। विधायक के शिविर में पहुंचने का कोई कारण स्पष्ट तो नहीं हो पाया, लेकिन जिस प्रकार से उन्हें बतौर मुख्यातिथि आमंत्रित किया गया था, संभवत: किसानों द्वारा किया गया विरोध ही उनके मौके पर नहीं पहुंचने का कारण रहा।
मौके पर शिविर में पहुंचने से पहले किसानों ने हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत को काले झंडे दिखाते हुए जोरदार नारेबाजी की। किसान सुबह करीब 9 बजे ही विधायक और चेयरमैन का विरोध करने के लिए कार्यक्रम स्थल के पास रोटरी क्लब के नजदीक पहुंच गए थे। किसानों के विरोध के चलते कार्यक्रम भी करीब दो घंटे बाद शुरू हो पाया।
भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान होशियार सिंह गिल, साहिल नरड़, महाबीर चहल, जसविंद्र ढुल, पूर्व सरपंच पोलड़ बलराज सिंह, चमकौर सिंह सहित अन्य किसानों ने कहा कि वे तीनों कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा और जजपा नेताओं का विरोध कर रहे हैं। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है, तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे टीकाकरण का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि शिविर का उद्घाटन करने आ रहे भाजपा के नुमाइंदों का विरोध कर रहे हैं और भविष्य में भी भाजपा के नेताओं और मंत्रियों का यूं ही काले झंडों से विरोध किया जाएगा।
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किसानों के पहुंचने की सूचना मिलते ही एसडीएम संजय कुमार और सिटी थाना एसएचओ शिव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से शांत रहने की अपील की। किसानों ने शिविर आयोजकों को भी कहा कि वे इस शिविर का शुभारंभ किसी प्रशासन के अधिकारी से करवा लें उनको कोई एतराज नहीं है। सरकार किसानों के विरोध में तीनों कृषि कानून लेकर आई है, जो किसानों के लिए घाटे का सौदा है। प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों का कहना था कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वे शांतिप्रिय ढंग से अपना विरोध जताएंगे।
प्रदर्शन के बीच में पहुंच एसडीएम संजय कुमार ने किसानों को समझाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। जब किसान शांत हो गए तो एसडीएम ने गर्मी को देखते हुए किसानों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था करवाई। एडीएम ने किसानों का कहा कि वे भले ही शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते रहे, लेकिन सभी मास्क का भी प्रयोग करें। उन्होंने मौके पर उपस्थित सभी किसानों को मास्क वितरित किए।
किसानों ने सुबह 9 बजे से लेकर सवा 11 बजे तक किसानों ने प्रदर्शन किया है। लगभग सवा दो घंटे तक भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। चेयरमैन करीब 35 मिनट शिविर में रहे, तब तक किसानों द्वारा लगातार जोरदार नारेबाजी जारी रही। चेयरमैन के जाते ही किसान वहां से वापस चले गए।
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मौके पर शिविर में पहुंचने से पहले किसानों ने हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत को काले झंडे दिखाते हुए जोरदार नारेबाजी की। किसान सुबह करीब 9 बजे ही विधायक और चेयरमैन का विरोध करने के लिए कार्यक्रम स्थल के पास रोटरी क्लब के नजदीक पहुंच गए थे। किसानों के विरोध के चलते कार्यक्रम भी करीब दो घंटे बाद शुरू हो पाया।
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भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान होशियार सिंह गिल, साहिल नरड़, महाबीर चहल, जसविंद्र ढुल, पूर्व सरपंच पोलड़ बलराज सिंह, चमकौर सिंह सहित अन्य किसानों ने कहा कि वे तीनों कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा और जजपा नेताओं का विरोध कर रहे हैं। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है, तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे टीकाकरण का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि शिविर का उद्घाटन करने आ रहे भाजपा के नुमाइंदों का विरोध कर रहे हैं और भविष्य में भी भाजपा के नेताओं और मंत्रियों का यूं ही काले झंडों से विरोध किया जाएगा।
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किसानों के पहुंचने की सूचना मिलते ही एसडीएम संजय कुमार और सिटी थाना एसएचओ शिव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से शांत रहने की अपील की। किसानों ने शिविर आयोजकों को भी कहा कि वे इस शिविर का शुभारंभ किसी प्रशासन के अधिकारी से करवा लें उनको कोई एतराज नहीं है। सरकार किसानों के विरोध में तीनों कृषि कानून लेकर आई है, जो किसानों के लिए घाटे का सौदा है। प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों का कहना था कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वे शांतिप्रिय ढंग से अपना विरोध जताएंगे।
प्रदर्शन के बीच में पहुंच एसडीएम संजय कुमार ने किसानों को समझाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। जब किसान शांत हो गए तो एसडीएम ने गर्मी को देखते हुए किसानों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था करवाई। एडीएम ने किसानों का कहा कि वे भले ही शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते रहे, लेकिन सभी मास्क का भी प्रयोग करें। उन्होंने मौके पर उपस्थित सभी किसानों को मास्क वितरित किए।
किसानों ने सुबह 9 बजे से लेकर सवा 11 बजे तक किसानों ने प्रदर्शन किया है। लगभग सवा दो घंटे तक भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। चेयरमैन करीब 35 मिनट शिविर में रहे, तब तक किसानों द्वारा लगातार जोरदार नारेबाजी जारी रही। चेयरमैन के जाते ही किसान वहां से वापस चले गए।