फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   farmers protest against govt

कर्ज में डूबे किसान : हाबड़ी

Wed, 09 Dec 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल Updated Wed, 09 Dec 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन की बैठक मंगलवार को किसान भवन पूंडरी में ब्लाक प्रधान मांगाराम सिकंदरखेड़ी की अध्यक्षता में हुई। इसके बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार प्रकाशचंद को ज्ञापन सौंपा। सर्वसम्मति से मांगाराम खेड़ी सिकंदर को एक बार फिर से ब्लाक प्रधान चुना गया।
विज्ञापन


राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने कहा कि आजादी के 68 साल बाद भी किसी सरकार ने किसानों को उनकी फसलों के लाभकारी मूल्य नहीं दिए। नतीजा यह रहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबता चला गया और खेती अब उसके लिए घाटे का सौदा बन चुकी है।
विज्ञापन


वर्तमान भाजपा सरकार ने चुनाव से पूर्व किसानों की दशा मेें सुधार लाने के लिए कारगर कदम उठाने की बात की तो किसानों ने भी भाजपा का साथ दिया। सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार भी किसानों की सुध नहीं ले रही, जिससे किसान मायूस हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिजली निगम भी किसानों को तंग कर रहा है, जिसे किसान सहन नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि निगम के अधिकारियों पर लगाम लगाए नहीं तो किसानों को आंदोलन पर उतरना पड़ेगा।


किसान नेता सुखविंद्र खारा, जियालाल ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी फसलों के लाभकारी मूल्य दिलाया जाएं।

इस मौके पर पालाराम संगरौली, सतपाल दिलोंवाली, महल सिंह हाबड़ी, जियालाल डुंडवा, रामकुमार पबनावा, रसालाराम टयोंठा, कुलदीप जांबा, गुरबक्श सिंह, लक्खा सिंह, मुख्त्यार सिंह, गुरप्रीत सिंह, वीरभान जांबा, जगमेल बरसाना, बीरूराम, नसीब सिंह, रणजीत सिंह और करतारा पाई समेत कई किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed