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Kaithal News: धान का मुआवजा न मिलने से बढ़ी किसानों की परेशानी
Tue, 18 Nov 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:57 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली के बाद भी मुआवजा राशि जारी न होने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसान लगातार अपने बैंक खातों में राशि की जांच कर रहे हैं, लेकिन खातों में अब तक एक रुपये तक की मुआवजा राशि नहीं पहुंची। इससे किसानों के सब्र का बांध टूटने लगा है।
अकेले गुहला-चीका क्षेत्र के लगभग 90 गांव प्रभावित हुए थे। तेज बरसात और बाढ़ के चलते 5096 किसानों की करीब 40 हजार एकड़ में खड़ी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। जिलेभर के 273 गांवों के कुल 9,745 किसानों ने पोर्टल पर आवेदन किया था। गुहला-चीका, सीवन, पूंडरी, कलायत और ढांड क्षेत्रों में धान समेत अन्य फसलें भी भारी मात्रा में चौपट हुई थीं।
पटवारियों द्वारा सर्वे और गिरदावरी कार्य पूरा होने के बावजूद मुआवजा राशि अब तक जारी नहीं हुई है। किसान धर्मेंद्र राणा ने बताया कि अब किसानों की उम्मीदें टूटने लगी हैं। “किसानों को अब तक एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन वादों पर अमल नहीं दिखता।” उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द मुआवजा जारी करे।
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गांव कांगथली के किसान राजू ने बताया कि बाढ़ के पानी से उसकी 3 एकड़ में खड़ी पूरी धान की फसल बह गई। परिवार का इकलौता सहारा खेती ही है। पिछले दो सीजन से फसल नष्ट होने से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। राजू ने कहा कि अधिकारी यह कहकर टाल देते हैं कि कार्रवाई पूरी हो चुकी है, मुआवजा सरकार ने जारी करना है।
किसानों की फसल की गिरदावरी का कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही किसानों को फसल खराबे की मुआवजा राशि मिल जाएगी। -कैप्टन प्रमेश सिंह, एसडीएम
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कैथल। दिवाली के बाद भी मुआवजा राशि जारी न होने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसान लगातार अपने बैंक खातों में राशि की जांच कर रहे हैं, लेकिन खातों में अब तक एक रुपये तक की मुआवजा राशि नहीं पहुंची। इससे किसानों के सब्र का बांध टूटने लगा है।
अकेले गुहला-चीका क्षेत्र के लगभग 90 गांव प्रभावित हुए थे। तेज बरसात और बाढ़ के चलते 5096 किसानों की करीब 40 हजार एकड़ में खड़ी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। जिलेभर के 273 गांवों के कुल 9,745 किसानों ने पोर्टल पर आवेदन किया था। गुहला-चीका, सीवन, पूंडरी, कलायत और ढांड क्षेत्रों में धान समेत अन्य फसलें भी भारी मात्रा में चौपट हुई थीं।
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पटवारियों द्वारा सर्वे और गिरदावरी कार्य पूरा होने के बावजूद मुआवजा राशि अब तक जारी नहीं हुई है। किसान धर्मेंद्र राणा ने बताया कि अब किसानों की उम्मीदें टूटने लगी हैं। “किसानों को अब तक एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन वादों पर अमल नहीं दिखता।” उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द मुआवजा जारी करे।
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गांव कांगथली के किसान राजू ने बताया कि बाढ़ के पानी से उसकी 3 एकड़ में खड़ी पूरी धान की फसल बह गई। परिवार का इकलौता सहारा खेती ही है। पिछले दो सीजन से फसल नष्ट होने से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। राजू ने कहा कि अधिकारी यह कहकर टाल देते हैं कि कार्रवाई पूरी हो चुकी है, मुआवजा सरकार ने जारी करना है।
किसानों की फसल की गिरदावरी का कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही किसानों को फसल खराबे की मुआवजा राशि मिल जाएगी। -कैप्टन प्रमेश सिंह, एसडीएम