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Farmers made aware for digital farming
- फोटो : Kaithal
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प्यौदा रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें कृषक मित्र एप के बारे में किसानों को जागरूक किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जापान की वैज्ञानिक रायना व जार्विओ स्काउटिंग एप के इंडिया हेड शिवा प्रकाश ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि कृषि उपनिदेशक कर्मचंद पहुंचे। वैज्ञानिक रायना ने बताया कि किसानों के लिए एक एप लांच की गई है। जिससे किसान अब डिजिटल फार्मिंग कर सकेंगे। इस एप से किसी भी फसल की बीमारी को जानना आसान होगा। इतना ही नहीं उसका इलाज भी बताया जाएगा। इस एप को दिल्ली व महाराष्ट्र के वैज्ञानिकों ने जर्मन के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर तैयार किया है। किसानों को एप का प्रयोग कैसे करना है, इसकी भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गूगल प्ले स्टोर में जाने के बाद स्काउटिंग एप लिखे। इसके बाद उसको इंस्टॉल करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद इसमें भाषा का चयन करें और अपनी फसल का चयन करें। इसके बाद फसल की फोटो को इसमें स्कैन करें। इसके बाद आपकी स्क्रीन पर फसल की बीमारी का नाम व उसके बचाव के उपाय व उपयोगी दवाइयों के बारे में आपको जानकारी मिलेगी। वैज्ञानिक रायना ने बताया कि इस एप ने 10 देशों में और 11 भाषाओं में काम करना शुरू कर दिया। आगामी दिनों में 72 भाषाओं व 51 देशों में इस एप का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खरपतवार की पहचान एप के माध्यम से किसी भी फसल से खरपतवार की पहचान की जा सकती है। इससे उन्हें फसल से निकालना आसान होगा। फसल में रोग जानने के लिए भी एप महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। रोग की पहचान बनाने के साथ-साथ उसको दूर करने वाले साल्ट को भी बताएगी। किसी भी फसल के पत्ते में होने परिवर्तन की जानकारी भी दी जाएगी। यदि नुकसान हो रहा है तो उसका बचाव भी बताएगी। इनके लिए एप पर जाना है। बीच में कैमरे से निशान से फोटो लेनी है। फोटो के बाद 30 सेकेंड में किसान को पूरी जानकारी मिलेगी। कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि डिजिटल का समय है। एप के माध्यम से किसान बीमारियां जांच सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर भी किसान जागरूक रहे। खेतों में आग न लगाएं। कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र ने भी किसानों को जागरूक किया। इस मौके पर किसान जगदीप नायक, गुरदयाल मलिकपुर, महेंद्र रसीना, राजेश सिकंदर खेड़ी, सतबीर प्यौदा, फकीरचंद कैलरम व सुभाष हजवाना मौजूद थे।
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