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Kaithal News: लघु सचिवालय पर किसानों ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
Fri, 19 Sep 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:52 AM IST
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255 एसडीएम अजय सिहं को ज्ञापन सौंपने भकियू के सदस्य संवाद
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ग्रुप के किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने और स्पेशल गिरदावरी कराने की मांग उठाई। किसानों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे जिले भर के किसान लघु सचिवालय में एकत्र हुए। वहां से प्रदर्शन करते हुए वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण धान, बाजरा, कपास और गन्ना जैसी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन गिरदावरी का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। किसानों ने मांग की कि स्पेशल गिरदावरी कराकर पोर्टल पर रिपोर्ट जल्द अपलोड की जाए और पोर्टल को भी शीघ्र खोला जाए।
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विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि जिन किसानों ने पराली नहीं जलाई थी, उन्हें पिछले दो वर्षों का मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पराली जलाने पर किसानों को जेल में डालने की बात करती है, तो किसान हर समय जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन अपनी मेहनत की फसल का हक अवश्य मांगेंगे।
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कैथल। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ग्रुप के किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने और स्पेशल गिरदावरी कराने की मांग उठाई। किसानों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे जिले भर के किसान लघु सचिवालय में एकत्र हुए। वहां से प्रदर्शन करते हुए वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
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किसानों ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण धान, बाजरा, कपास और गन्ना जैसी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन गिरदावरी का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। किसानों ने मांग की कि स्पेशल गिरदावरी कराकर पोर्टल पर रिपोर्ट जल्द अपलोड की जाए और पोर्टल को भी शीघ्र खोला जाए।
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विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि जिन किसानों ने पराली नहीं जलाई थी, उन्हें पिछले दो वर्षों का मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पराली जलाने पर किसानों को जेल में डालने की बात करती है, तो किसान हर समय जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन अपनी मेहनत की फसल का हक अवश्य मांगेंगे।