{"_id":"6369674c90439754d31b55c0","slug":"fair-on-rinmochan-shrine-devotees-gathered-kaithal-news-knl126779163","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋणमोचन तीर्थ पर मेला, जुटे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋणमोचन तीर्थ पर मेला, जुटे श्रद्धालु
विज्ञापन
01-सीवन के श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित हवन में भाग लेते श्रद्धालु
- फोटो : Kaithal
सीवन। गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में सोमवार को ऋणमोचन तीर्थ पर मेला लगा। तीर्थ पर सुबह के समय हवन किया। इसके बाद लंगर लगाया गया। श्रद्धालुओं ने तीर्थ में व मंदिर में माथा टेका। लोगों का मानना है कि तीर्थ पर पूजा स्नान करने पर मन से मांगी मुराद पूरी होती है।
मान्यताओं के अनुसार, सीवन में ऋणमोचन व यमुनानगर के बिलासपुर में कपालमोचन ये दोनों भाई हैं, जिनकी पूजा करने दूर दूर से लोग आते हैं। मेले पर दुकानें सजी हुई थी व बच्चों व महिलाओं ने जम कर खरीदारी की। महिलाएं कार्तिक माह की समाप्ति पर घर से चूरी बना कर तीर्थ पर प्रसाद बांटती है व परिवार की सलामती की दुआ मांगी जाती है। महिलाएं खेतों में मिट्टी के ढेलों से कोठडिय़ां बना कर भी पूजा करती हैं। मंदिर में दीप दान किया जाता है। इस अवसर पर तीर्थ पर एक प्रसाद वितरित किया।
उधर, श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित कार्तिक मास की कथा का समापन हुआ। इस दौरान आयोजित हवन में 108 पूर्णाहुतियां डाली। मंदिर के महंत महेश शर्मा ने बताया की कार्तिक मास आरंभ होते ही रोजाना प्रात: काल में हवन किया जाता रहा है। इसकी समाप्ति सोमवार को हुई। शर्मा ने बताया कि साल में सभी मास में कार्तिक मास को सबसे शुभ मास बताया गया है। इसमें भीष्म पंचक दिवस, कार्तिक पूर्र्णिमा, प्रबोधनी एकादशी, आंवला पूजन, सत्संग के द्वारा भगवत कृपा प्राप्त करने का प्रयास, दीपदान, धार्मिक अनुष्ठान, त्योहार सबसे अधिक होते हैै।
विज्ञापन
यज्ञ की महत्ता बताते हुए उन्होंने बताया कि यह सतयुग, द्वापर युग काल के किए जाते रहे हैं। यज्ञ में डाली जाने वाली आम की लकड़ी सामग्री से वातावरण शुद्ध होता है। श्री सनातन धर्म मंदिर में पिछले 25 सालों से कार्तिक मास में हवन किए जा रहे हैं। इस मौके पर नंद लाल रहेजा, तेजेंद्र मिड्ढा, धीरज गंभीर, संदीप, वीना तनेजा, रानी तनेजा व अन्य उपस्थित थे।
विज्ञापन
मान्यताओं के अनुसार, सीवन में ऋणमोचन व यमुनानगर के बिलासपुर में कपालमोचन ये दोनों भाई हैं, जिनकी पूजा करने दूर दूर से लोग आते हैं। मेले पर दुकानें सजी हुई थी व बच्चों व महिलाओं ने जम कर खरीदारी की। महिलाएं कार्तिक माह की समाप्ति पर घर से चूरी बना कर तीर्थ पर प्रसाद बांटती है व परिवार की सलामती की दुआ मांगी जाती है। महिलाएं खेतों में मिट्टी के ढेलों से कोठडिय़ां बना कर भी पूजा करती हैं। मंदिर में दीप दान किया जाता है। इस अवसर पर तीर्थ पर एक प्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन
उधर, श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित कार्तिक मास की कथा का समापन हुआ। इस दौरान आयोजित हवन में 108 पूर्णाहुतियां डाली। मंदिर के महंत महेश शर्मा ने बताया की कार्तिक मास आरंभ होते ही रोजाना प्रात: काल में हवन किया जाता रहा है। इसकी समाप्ति सोमवार को हुई। शर्मा ने बताया कि साल में सभी मास में कार्तिक मास को सबसे शुभ मास बताया गया है। इसमें भीष्म पंचक दिवस, कार्तिक पूर्र्णिमा, प्रबोधनी एकादशी, आंवला पूजन, सत्संग के द्वारा भगवत कृपा प्राप्त करने का प्रयास, दीपदान, धार्मिक अनुष्ठान, त्योहार सबसे अधिक होते हैै।
विज्ञापन
यज्ञ की महत्ता बताते हुए उन्होंने बताया कि यह सतयुग, द्वापर युग काल के किए जाते रहे हैं। यज्ञ में डाली जाने वाली आम की लकड़ी सामग्री से वातावरण शुद्ध होता है। श्री सनातन धर्म मंदिर में पिछले 25 सालों से कार्तिक मास में हवन किए जा रहे हैं। इस मौके पर नंद लाल रहेजा, तेजेंद्र मिड्ढा, धीरज गंभीर, संदीप, वीना तनेजा, रानी तनेजा व अन्य उपस्थित थे।