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Kaithal News: हीमोफीलिया में मामूली चोट भी खतरनाक
Sun, 15 Jun 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 15 Jun 2025 01:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हीमोफीलिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाबी सेवा सदन में शनिवार को जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में डॉ. रमेश बंसल ने उपस्थित मरीजों और उनके परिजनों को इस गंभीर बीमारी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कहा कि हीमोफीलिया होने पर मामूली चोट भी खतरनाक बन सकती है।
डॉ. बंसल ने बताया कि यह एक जन्मजात व लाइलाज बीमारी है, जिसमें शरीर में खून का थक्का नहीं जमता। इसी वजह से कोई मामूली चोट भी जीवन के लिए घातक बन सकती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का स्थायी इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन समय पर सावधानी और इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने मरीजों को खान-पान और जीवनशैली में सावधानी बरतने की सलाह दी।
शिविर के दौरान इंटास कंपनी की ओर से उपस्थित मरीजों को दो-दो फैक्टर-8 इंजेक्शन नि:शुल्क वितरित किए गए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका समय पर उपयोग किया जा सके।
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राकेश यादव ने बताया कि हीमोफीलिया मरीजों को कभी भी आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है, जिसके लिए महंगे इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। उन्होंने मांग की कि सरकारी अस्पतालों में हीमोफीलिया मरीजों के लिए इंजेक्शन की सुविधा सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर इलाज हो सके।
शिविर में कैथल जिले से लगभग 25 हीमोफीलिया मरीज पहुंचे और उन्होंने शिविर का लाभ उठाया। आयोजकों ने आगे भी कार्यक्रम कराने के लिए कहा।
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कैथल। हीमोफीलिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाबी सेवा सदन में शनिवार को जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में डॉ. रमेश बंसल ने उपस्थित मरीजों और उनके परिजनों को इस गंभीर बीमारी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कहा कि हीमोफीलिया होने पर मामूली चोट भी खतरनाक बन सकती है।
डॉ. बंसल ने बताया कि यह एक जन्मजात व लाइलाज बीमारी है, जिसमें शरीर में खून का थक्का नहीं जमता। इसी वजह से कोई मामूली चोट भी जीवन के लिए घातक बन सकती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का स्थायी इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन समय पर सावधानी और इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने मरीजों को खान-पान और जीवनशैली में सावधानी बरतने की सलाह दी।
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शिविर के दौरान इंटास कंपनी की ओर से उपस्थित मरीजों को दो-दो फैक्टर-8 इंजेक्शन नि:शुल्क वितरित किए गए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका समय पर उपयोग किया जा सके।
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राकेश यादव ने बताया कि हीमोफीलिया मरीजों को कभी भी आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है, जिसके लिए महंगे इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। उन्होंने मांग की कि सरकारी अस्पतालों में हीमोफीलिया मरीजों के लिए इंजेक्शन की सुविधा सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर इलाज हो सके।
शिविर में कैथल जिले से लगभग 25 हीमोफीलिया मरीज पहुंचे और उन्होंने शिविर का लाभ उठाया। आयोजकों ने आगे भी कार्यक्रम कराने के लिए कहा।