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Kaithal News: नवाचार और स्टार्टअप में दिखाया उत्साह
Sat, 13 Sep 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:41 AM IST
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आरकेएसडी कॉलेज में उद्यमिता प्रकोष्ठ ने मनाया उद्यमिता पखवाड़ा के तहत मौजूद छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज की उद्यमिता प्रकोष्ठ ने शुक्रवार को बड़े उत्साह और विद्यार्थियों व संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ उद्यमिता पखवाड़ा मनाया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर के मार्गदर्शन में किया गया। इस मौके पर युवाओं ने नवाचार और स्टार्टअप पर उत्साह दिखाया।
कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर ने उद्यमिता पखवाड़ा मनाने के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उद्यमिता रोजगार सृजन, आर्थिक स्वतंत्रता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पूरे दिन महाविद्यालय में “नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो” का संदेश गूंजता रहा।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विनय सिंगल और डॉ. सूरज वालिया ने संयोजक के रूप में किया, जबकि डॉ. विशाल आनंद और प्रो. सुमित कुमार ने विशेष योगदान दिया। इस अवसर पर स्लोगन लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने विचारों, रचनात्मकता और उद्यमशील सोच को प्रस्तुत करने का मंच उपलब्ध कराना था। विषयों ने युवाओं की स्टार्टअप निर्माण में भूमिका, उद्यमियों की चुनौतियां और नवाचार की महत्ता पर विचार रखने के लिए प्रेरित किया।
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स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की तीक्ष्ण सोच और रचनात्मकता सामने आई। उनके नारे कठिन परिश्रम, नवाचार और दृढ़ संकल्प की अहमियत को दर्शाते रहे। वहीं, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और उद्यमशील दृष्टिकोण की रंगीन व कलात्मक प्रस्तुति रही। पोस्टरों में “बेहतर भविष्य के लिए स्टार्टअप्स,” “विकास की कुंजी है नवाचार” और “आत्मनिर्भरता का मार्ग- उद्यमिता” जैसे विषयों का सजीव चित्रण किया गया।
वक्ताओं ने चुनौतियों और अवसरों से परिचित कराया
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उद्यमिता से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक मानसिकता है, जो व्यक्ति को नवाचार करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सक्षम बनाती है। विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, साहसपूर्वक अपने विचारों को आगे बढ़ाने के साथ असफलताओं से सीखने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं के प्रेरणादायी शब्दों ने विद्यार्थियों पर गहरी छाप छोड़ी और उन्हें कई सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज की उद्यमिता प्रकोष्ठ ने शुक्रवार को बड़े उत्साह और विद्यार्थियों व संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ उद्यमिता पखवाड़ा मनाया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर के मार्गदर्शन में किया गया। इस मौके पर युवाओं ने नवाचार और स्टार्टअप पर उत्साह दिखाया।
कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर ने उद्यमिता पखवाड़ा मनाने के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उद्यमिता रोजगार सृजन, आर्थिक स्वतंत्रता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पूरे दिन महाविद्यालय में “नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो” का संदेश गूंजता रहा।
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कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विनय सिंगल और डॉ. सूरज वालिया ने संयोजक के रूप में किया, जबकि डॉ. विशाल आनंद और प्रो. सुमित कुमार ने विशेष योगदान दिया। इस अवसर पर स्लोगन लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने विचारों, रचनात्मकता और उद्यमशील सोच को प्रस्तुत करने का मंच उपलब्ध कराना था। विषयों ने युवाओं की स्टार्टअप निर्माण में भूमिका, उद्यमियों की चुनौतियां और नवाचार की महत्ता पर विचार रखने के लिए प्रेरित किया।
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स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की तीक्ष्ण सोच और रचनात्मकता सामने आई। उनके नारे कठिन परिश्रम, नवाचार और दृढ़ संकल्प की अहमियत को दर्शाते रहे। वहीं, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और उद्यमशील दृष्टिकोण की रंगीन व कलात्मक प्रस्तुति रही। पोस्टरों में “बेहतर भविष्य के लिए स्टार्टअप्स,” “विकास की कुंजी है नवाचार” और “आत्मनिर्भरता का मार्ग- उद्यमिता” जैसे विषयों का सजीव चित्रण किया गया।
वक्ताओं ने चुनौतियों और अवसरों से परिचित कराया
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उद्यमिता से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक मानसिकता है, जो व्यक्ति को नवाचार करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सक्षम बनाती है। विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, साहसपूर्वक अपने विचारों को आगे बढ़ाने के साथ असफलताओं से सीखने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं के प्रेरणादायी शब्दों ने विद्यार्थियों पर गहरी छाप छोड़ी और उन्हें कई सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।