फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Efforts for TB eradication campaign intensify

Kaithal News: टीबी मुक्ति अभियान के लिए कवायद तेज

Tue, 18 Mar 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 18 Mar 2025 01:35 AM IST
विज्ञापन
Efforts for TB eradication campaign intensify
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। जिले में क्षय रोग यानी टीबी (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक हजार लोगों की दवा शुरू की गई है। टीबी मुक्ति अभियान के लिए अब कवायद तेज की जा रही है। इससे पहले विभाग टीबी की जांच के लिए करीब 75 हजार की स्क्रीनिंग कर चुका है।

गौरतलब है कि सरकार ने 2025 के अंत तक जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत अब तक जिले में 20 गांव टीबी मुक्त भी हो चुके हैं। फिलहाल इस बीच 25 और गांवों को जल्द ही टीबी मुक्त किया जाना है।
विज्ञापन


टीबी की बीमारी के न बढ़े मरीज, इसी उद्देश्य से विभाग ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। जिले में इस समय टीबी के 750 से अधिक एक्टिव मरीज हैं। इन मरीजों को विभिन्न संगठनों की ओर से गोद भी लिया गया है। इसके तहत सरकार इन्हें 500 रुपये प्रति माह डाइट की राशि भी दे रही है। चिह्नित किए गए लोगों के
विज्ञापन
विज्ञापन


टीबी के संदर्भ में सैंपल भी लिए गए हैं।

दूसरी ओर राहत की बात है अभी तक संक्रमित मरीज सामने नहीं आए हैं। वहीं, यदि विभाग को जांच में यह लोग टीबी पॉजिटिव मिलते हैं तो उपचार भी शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग फेफड़ों में टीबी मिलने वाले मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच करेगा। फेफड़ों की टीबी के मरीज से संपर्क में आए व्यक्ति के शरीर में कीटाणु जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 1500 से अधिक टीबी के संक्रमित केस सामने आ चुके हैं। इसमें से करीब 750 मरीज सक्रिय हैं।


जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों व उसके संपर्क में आए लोगों का टीएसटी और ईग्रा टेस्ट किया जा रहा है। यदि इसमें वे पॉजिटिव मिलते हैं तो उनका उपचार शुरू किया जाएगा। इस कवायद का मकसद उनके संपर्क में आए व्यक्ति को टीबी होने से बचाना है। - डॉ. संदीप बातिश, उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी, टीबी बचाव कार्यक्रम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed