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Kaithal News: सैंपल किट खत्म, धूल फांक रही काला पीलिया जांच की मशीन
Wed, 05 Apr 2023 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 05 Apr 2023 12:37 AM IST
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कैथल।सरकार ने काला पीलिया के इलाज को निशुल्क घोषित किया है, लेकिन इसकी जांच के लिए लैब में प्रयोग होने वाली सैंपल किट करीब एक साल से खत्म है। ऐसे में में कलायत स्थित अत्याधुनिक 14 लाख रुपये कीमत की महंगी मशीन धूल फांक रही है। दूसरी ओर लगभग 400 मरीजों को इंतजार हैं कि कब सैंपल किट खरीदे जाने की अनुमति मिलेगी, कब उनकी जांच होगी। इसके बाद ही उनका इलाज शुरू हो पाएगा।
जिले के नागरिक अस्पताल में काला पीलिया के मरीजों के सैंपल लेने से लेकर दवाएं तक बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं। एक सैंपल किट 300 रुपये की पड़ती है और इससे एक ही मरीज का सैंपल लिया जा सकता है। दूसरी ओर सैंपल किट खरीदने के लिए पिछले एक साल से अनुमति नहीं मिल रही, इसलिए समय पर सैंपल भी नहीं हो पाते हैं। किट न होने की स्थिति में मरीजों के सैंपल जांच के लिए अंबाला व पंचकूला में भेजे जा रहे हैं। यहां पर सैंपल भेजे जाने के कारण जिला अस्पताल में काला पीलिया की जांच करवाने वाले लोगों की वेटिंग लगातार बढ़ती जा रही है। इस समय प्रतिदिन 30 से 40 लोगों को जांच के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
काला पीलिया के हैं 395 एक्टिव मरीज-
जिले में वर्ष 2013 से लेकर मार्च 2023 तक करीब 10 हजार मरीज काला पीलिया से संक्रमित हो चुक हैं। वहीं, इस समय काला पीलिया के 395 एक्टिव मरीज हैं, जिनका इलाज जिला नागरिक अस्पताल से चल रहा है। मार्च महीने में कुल 520 मरीजों के सैंपल काला पीलिया के संक्रमण को लेकर लिए गए हैं।
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यह हैं काला पीलिया के लक्षण-
लगातार बुखार होना।
लगातार त्वचा और आखों में पीलापन रहना।
थकान रहना।
भूख नहीं लगना।
ज्यादा उल्टी आना।
वजन कम होना और पेट में दर्द रहना।
ऐसे बरतें एहतियात-
यदि किसी परिवार का सदस्य हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित है तो उन्हें बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति के सामान का इस्तेमाल करने से परहेज करें। साथ ही उसका जूठा खाना भी नहीं खाना चाहिए। चिकित्सक के मुताबिक उसके कपड़े, टूथ ब्रश, बर्तन को अलग कर देना चाहिए।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले के मरीजों की काला पीलिया की जांच अंबाला व पंचकूला से करवाई जा रही है। कलायत में मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन सैंपल किट उपलब्ध नहीं है। सैंपल किट मंगवाने के लिए विभाग के आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। जैसे किट उपलब्ध होगी, उसी अनुसार पात्र लोगों की जांच कर इलाज शुरू किया जाएगा।
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जिले के नागरिक अस्पताल में काला पीलिया के मरीजों के सैंपल लेने से लेकर दवाएं तक बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं। एक सैंपल किट 300 रुपये की पड़ती है और इससे एक ही मरीज का सैंपल लिया जा सकता है। दूसरी ओर सैंपल किट खरीदने के लिए पिछले एक साल से अनुमति नहीं मिल रही, इसलिए समय पर सैंपल भी नहीं हो पाते हैं। किट न होने की स्थिति में मरीजों के सैंपल जांच के लिए अंबाला व पंचकूला में भेजे जा रहे हैं। यहां पर सैंपल भेजे जाने के कारण जिला अस्पताल में काला पीलिया की जांच करवाने वाले लोगों की वेटिंग लगातार बढ़ती जा रही है। इस समय प्रतिदिन 30 से 40 लोगों को जांच के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
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काला पीलिया के हैं 395 एक्टिव मरीज-
जिले में वर्ष 2013 से लेकर मार्च 2023 तक करीब 10 हजार मरीज काला पीलिया से संक्रमित हो चुक हैं। वहीं, इस समय काला पीलिया के 395 एक्टिव मरीज हैं, जिनका इलाज जिला नागरिक अस्पताल से चल रहा है। मार्च महीने में कुल 520 मरीजों के सैंपल काला पीलिया के संक्रमण को लेकर लिए गए हैं।
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यह हैं काला पीलिया के लक्षण-
लगातार बुखार होना।
लगातार त्वचा और आखों में पीलापन रहना।
थकान रहना।
भूख नहीं लगना।
ज्यादा उल्टी आना।
वजन कम होना और पेट में दर्द रहना।
ऐसे बरतें एहतियात-
यदि किसी परिवार का सदस्य हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित है तो उन्हें बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति के सामान का इस्तेमाल करने से परहेज करें। साथ ही उसका जूठा खाना भी नहीं खाना चाहिए। चिकित्सक के मुताबिक उसके कपड़े, टूथ ब्रश, बर्तन को अलग कर देना चाहिए।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले के मरीजों की काला पीलिया की जांच अंबाला व पंचकूला से करवाई जा रही है। कलायत में मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन सैंपल किट उपलब्ध नहीं है। सैंपल किट मंगवाने के लिए विभाग के आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। जैसे किट उपलब्ध होगी, उसी अनुसार पात्र लोगों की जांच कर इलाज शुरू किया जाएगा।