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उठान न होने से अनाज मंडियों में लाखों कट्टों का अंबार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Apr 2021 12:07 AM IST
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Due to lack of lift, there are lakhs of kattas in the grain markets
Due to lack of lift, there are lakhs of kattas in the grain markets - फोटो : Kaithal
जिले की अनाज मंडियों में उठान की समस्या विकराल हो गई है। तीन-चार दिनों से न के बराबर उठान होने के कारण आढ़तियों को गेहूं के सूखने से कम होने वाले वजन की चिंता सता रही है। प्रत्येक बोरी में आधा से एक किलो तक गेहूं कम हुआ तो आढ़ती इस घटौतरी को कहां से पूरा करेंगे। रोष प्रकट करते हुए आढ़तियों ने कहा कि सरकार केवल गेहूं का उठान करवा ले। वे अपनी आढ़त तक भी नहीं लेंगे। लेकिन घटौतरी के नुकसान से बच जाएंगे।
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विदित रहे कि पिछले एक सप्ताह में अनाज मंडियों में गेहूं की आवक एकदम से बढ़ गई। जिस कारण अनाज मंडियों में गेहूं के कट्टों का अंबार लग गया। उठान के लिए ऑनलाइन गेटपास की नई व्यवस्था के चलते उठान का कार्य प्रभावित हो रहा है। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग ने कहा कि ऑनलाइन गेटपास के माध्यम से उठान का कार्य संभव ही नहीं है। इस तरह से तो कई महीने तक उठान नहीं हो पाएगा। ऐसे में वे कैसे गेहूं के सूखने पर कम वजन की भरपाई कर पाएंगे।
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जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि डीसी कैथल, एसडीएम सहित जिले के स्थानीय अधिकारी उनकी हर संभव सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन सरकार की व्यवस्था ही ऐसी है कि स्थानीय अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद उठान नहीं हो पा रहा है। विधायक तक ने सीएम से बात की है। लेकिन समस्या जस की तस है। मंडियों से उठान नहीं हो रहा। प्रत्येक कट्टे से यदि आधा से एक किलो तक गेहूं सूखकर कम हो गया तो वे इस नुकसान को कहां से पूरा करेंगे। उन्हें डर है कि उन्हें तो अपने पास से रुपये देकर ही पिंड छूटेगा। इसीलिए सरकार से उनकी मांग है कि वे आढ़त भी नहीं लेंगे, बस किसी तरह से खरीद लिया गया गेहूं का उठान हो जाए। ताकि वे घटौतरी से बच जाएं। पूर्व नगर परिषद चेयरमैन रामनिवास मित्तल, विस्तार अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रघबीर सिंह ने कहा कि सरकार जो भी नई नीति बनाए, पहले उस नीति पर काम करे। सीजन में ही सब तरह के प्रयोग किए जाते हैं, जिस कारण यह परेशानी हो रही है। आढ़तियों ने कहा कि अकेले कैथल अनाज मंडी में 26 लाख से अधिक कट्टे पड़े हैं। लेकिन उठान कुछ हजार कट्टों का ही हुआ है।
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कर्मचारियों को ही ट्रेनिंग नहीं-आढ़तियों ने कहा कि उठान एजेंसियों के कर्मचारियों को ही ट्रेनिंग नहीं हैं कि कैसे ऑनलाइन गेट पास में गाडिय़ों से माल का उठान होगा। सीजन में ही सरकार द्वारा नई-नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। जिस कारण यह अव्यवस्था बनी हुई है।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि उन्होंने कुछ सुझाव खरीद एजेंसियों को दिए थे। जिसमें एक दिन में करीब डेढ़ लाख कट्टों का उठान हो जाता। लेकिन किसी कर्मचारी व अधिकारी ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने डीसी को रिपोर्ट दी है।

डीसी सुजान सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकार द्वारा नया सिस्टम अपनाया है। जिसमें कुछ दिक्कतें हैं। एक-दो दिन में इन सभी परेशानियों को दूर कर दिया जाएगा।
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