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Kaithal News: मैदान न होने से खिलाड़ी खेतों और गलियों में खेलने के लिए मजबूर
Mon, 10 Jun 2024 04:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 10 Jun 2024 04:20 AM IST
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राजौंद। सरकार एक ओर जहां प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व खिलाड़ियों को हर सुविधा मुहैया करवाने के दावे करती है, वहीं राजौंद क्षेत्र के अधिकांश गांवों में खेल का आधार एक अदद मैदान तक नहीं है। इस कारण खिलाड़ियों को खाली खेतों व गलियों में खेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
खिलाड़ी प्रेमी राहुल, पवन, मनोज, जोगिंद्र सिंह, सोनू, मोहन, दीपक ने बताया कि गांव में खेलने के लिए खेल मैदान न होने के कारण गांव के युवाओं को खेलों से वंचित रहना पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि वह खेल मैदान के अभाव में वह न तो खेल प्रतियोगिता का आयोजन करवा सकते हैं तथा न ही वह अभ्यास कर सकते हैं।
इन खिलाड़ियों ने बताया कि खेतों में बनाए गए अस्थाई मैदानों में भी उन्हें कुछ दिन खेलना ही नसीब हो पाता है। क्योंकि खाली खेतों में कुछ दिन बाद बिजाई कर दी जाती है, जिससे उनसे वह मैदान भी छिन जाते हैं। इसके बाद खिलाडिय़ों को गांव की सडक़ों व गलियों में खेलना पड़ता है। इन खिलाड़ियों ने यह भी बताया कि खेल के मैदान के अभाव में गांव की खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर नहीं मिलता, जिससे कई प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर कस्बा में एक अच्छा खेल स्टेडियम बनाकर उसमें एक कोच की नियुक्ति की जाए तो राजौंद से कई होनहार खिलाड़ी प्रदेश व देश व विदेश तक अपनी सफलता के परचम लहरा सकते हैं। संवाद
खिलाड़ी प्रेमी राहुल, पवन, मनोज, जोगिंद्र सिंह, सोनू, मोहन, दीपक ने बताया कि गांव में खेलने के लिए खेल मैदान न होने के कारण गांव के युवाओं को खेलों से वंचित रहना पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि वह खेल मैदान के अभाव में वह न तो खेल प्रतियोगिता का आयोजन करवा सकते हैं तथा न ही वह अभ्यास कर सकते हैं।
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इन खिलाड़ियों ने बताया कि खेतों में बनाए गए अस्थाई मैदानों में भी उन्हें कुछ दिन खेलना ही नसीब हो पाता है। क्योंकि खाली खेतों में कुछ दिन बाद बिजाई कर दी जाती है, जिससे उनसे वह मैदान भी छिन जाते हैं। इसके बाद खिलाडिय़ों को गांव की सडक़ों व गलियों में खेलना पड़ता है। इन खिलाड़ियों ने यह भी बताया कि खेल के मैदान के अभाव में गांव की खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर नहीं मिलता, जिससे कई प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर कस्बा में एक अच्छा खेल स्टेडियम बनाकर उसमें एक कोच की नियुक्ति की जाए तो राजौंद से कई होनहार खिलाड़ी प्रदेश व देश व विदेश तक अपनी सफलता के परचम लहरा सकते हैं। संवाद