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Kaithal News: शहर में सीवरेज समस्या के साथ निकासी बदहाल
Thu, 12 Sep 2024 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 12 Sep 2024 02:03 AM IST
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जितेंद्र पांचाल
कैथल। विधानसभा के कैथल क्षेत्र में इस बार गंदे पानी की निकासी भी बड़ा मुद्दा है। कई दलों की सरकारें आई और चली गई, लेकिन इस समस्या के समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। करीब 10 वर्षों में सीवरेज की नई लाइनें बिछाई गई, नाले भी बने, लेकिन आज तक दुरुस्त नहीं है। ऐसे में शहर में सीवरेज की समस्या ज्यों की त्यों बनी है। बीते दो चुनावों में सरकार ने अमृत योजना को भी लागू किया, लेकिन इस योजना के तहत भी पूरे शहर में सीवरेज की नई पाइपलाइन नहीं डल पाई। कई कॉलोनियां तो ऐसी हैं, जहां नाले तक नहीं हैं। ऐसे में शहरवासियों को भावी प्रत्याशियों से उम्मीद है कि इस बार जीतने वाला प्रत्याशी शहर को इस समस्या से निजात दिलाएगा।
इन जगहों पर रहती है ज्यादा समस्या
निकासी को लेकर शहर की हरसौला बस्ती, रामनगर, देवीगढ़ रोड, अमरगढ़ गामड़ी, रजनी कॉलोनी, जालंधरी मोहल्ला, आरके पुरम, व सीवन गेट पर समस्या अधिक रहती है। इसके अलावा शहर की पॉश कॉलोनियों में भी कई बार यह समस्या सामने आती है। बरसात के दिनों में तो लोगों को सडक़ों पर जमा पानी के कारण आवाजाही में भी दिक्कतें आती हैं। निकासी व्यवस्था दुरुस्त होने से शहर की काफी आबादी को राहत मिल सकती है। संवाद
शहर में पानी निकासी का हाल खराब
शहर में निकासी व्यवस्था का बुरा हाल है। रोजाना कहीं न कहीं सीवरेज बंद पड़े रहते हैं। इस समस्या को लेकर रोजाना अधिकारियों को शिकायतें करनी पड़ती हैं। चुनाव में जो प्रत्याशी उतरते हैं, उन्हें इस समस्या का प्राथमिकता से समाधान करवाना चाहिए। निकासी दुरुस्त होने से शहर में कहीं भी जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। - राजेश कुमार, शहरवासी।
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नई लाइन बिछाई जानी चाहिए
शहर में जिन जगहों पर सीवरेज बार-बार बंद हो जाते हैं, उनके स्थान पर नई लाइनें बिछाई जानी चाहिए। नालों की सफाई भी समय-समय पर होनी चाहिए। जो पार्टी सत्ता में आएगी, उसे यह प्रयास जरूर करना चाहिए कि कहीं भी निकास को लेकर दिक्कत न रहे। जिन कॉलोनियों में सीवरेज और नाले अभी नहीं बने हैं, वहां पर भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
- राधेश्याम, शहरवासी।
निकासी की समस्या शहर में का बड़ा मुद्दा है। बीते चुनावों में जो पार्टी सत्ता में आई, उन्होंने इस समस्या के समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि सीवरेज की लाइनें तो बिछाई गई, लेकिन उन्हें साथ के साथ शुरू नहीं किया गया। जो शुरू हुई उनकी देखभाल सही नहीं की गई। परिणाम आज सामने है। शहर की दर्जनों कॉलोनियों में बिना बारिश के गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। निकासी दुरुस्त नहीं है। बारिश में गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है। - अनिल तंवर, कैथल हलका प्रधान, इंडियन नेशनल लोकदल।सरकार की ओर से कैथल में पानी की निकासी की समस्या का समाधान करने के लिए अमृत योजना के तहत विकास कार्य करवाने की रूपरेखा बनाई है। इस रुप रेखा के तहत शहर में कई स्थानों पर अमृत योजना के तहत नई पाइपलाइन डालने का काम पूरा भी करवाया गया है। शहर के लोगों की सुविधा के लिए लगातार विकास कार्य करवाए गए हैं। - सुरभि गर्ग, अध्यक्ष, नगर परिषद, कैथल।
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कैथल। विधानसभा के कैथल क्षेत्र में इस बार गंदे पानी की निकासी भी बड़ा मुद्दा है। कई दलों की सरकारें आई और चली गई, लेकिन इस समस्या के समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। करीब 10 वर्षों में सीवरेज की नई लाइनें बिछाई गई, नाले भी बने, लेकिन आज तक दुरुस्त नहीं है। ऐसे में शहर में सीवरेज की समस्या ज्यों की त्यों बनी है। बीते दो चुनावों में सरकार ने अमृत योजना को भी लागू किया, लेकिन इस योजना के तहत भी पूरे शहर में सीवरेज की नई पाइपलाइन नहीं डल पाई। कई कॉलोनियां तो ऐसी हैं, जहां नाले तक नहीं हैं। ऐसे में शहरवासियों को भावी प्रत्याशियों से उम्मीद है कि इस बार जीतने वाला प्रत्याशी शहर को इस समस्या से निजात दिलाएगा।
इन जगहों पर रहती है ज्यादा समस्या
निकासी को लेकर शहर की हरसौला बस्ती, रामनगर, देवीगढ़ रोड, अमरगढ़ गामड़ी, रजनी कॉलोनी, जालंधरी मोहल्ला, आरके पुरम, व सीवन गेट पर समस्या अधिक रहती है। इसके अलावा शहर की पॉश कॉलोनियों में भी कई बार यह समस्या सामने आती है। बरसात के दिनों में तो लोगों को सडक़ों पर जमा पानी के कारण आवाजाही में भी दिक्कतें आती हैं। निकासी व्यवस्था दुरुस्त होने से शहर की काफी आबादी को राहत मिल सकती है। संवाद
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शहर में पानी निकासी का हाल खराब
शहर में निकासी व्यवस्था का बुरा हाल है। रोजाना कहीं न कहीं सीवरेज बंद पड़े रहते हैं। इस समस्या को लेकर रोजाना अधिकारियों को शिकायतें करनी पड़ती हैं। चुनाव में जो प्रत्याशी उतरते हैं, उन्हें इस समस्या का प्राथमिकता से समाधान करवाना चाहिए। निकासी दुरुस्त होने से शहर में कहीं भी जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। - राजेश कुमार, शहरवासी।
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नई लाइन बिछाई जानी चाहिए
शहर में जिन जगहों पर सीवरेज बार-बार बंद हो जाते हैं, उनके स्थान पर नई लाइनें बिछाई जानी चाहिए। नालों की सफाई भी समय-समय पर होनी चाहिए। जो पार्टी सत्ता में आएगी, उसे यह प्रयास जरूर करना चाहिए कि कहीं भी निकास को लेकर दिक्कत न रहे। जिन कॉलोनियों में सीवरेज और नाले अभी नहीं बने हैं, वहां पर भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
- राधेश्याम, शहरवासी।
निकासी की समस्या शहर में का बड़ा मुद्दा है। बीते चुनावों में जो पार्टी सत्ता में आई, उन्होंने इस समस्या के समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि सीवरेज की लाइनें तो बिछाई गई, लेकिन उन्हें साथ के साथ शुरू नहीं किया गया। जो शुरू हुई उनकी देखभाल सही नहीं की गई। परिणाम आज सामने है। शहर की दर्जनों कॉलोनियों में बिना बारिश के गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। निकासी दुरुस्त नहीं है। बारिश में गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है। - अनिल तंवर, कैथल हलका प्रधान, इंडियन नेशनल लोकदल।सरकार की ओर से कैथल में पानी की निकासी की समस्या का समाधान करने के लिए अमृत योजना के तहत विकास कार्य करवाने की रूपरेखा बनाई है। इस रुप रेखा के तहत शहर में कई स्थानों पर अमृत योजना के तहत नई पाइपलाइन डालने का काम पूरा भी करवाया गया है। शहर के लोगों की सुविधा के लिए लगातार विकास कार्य करवाए गए हैं। - सुरभि गर्ग, अध्यक्ष, नगर परिषद, कैथल।