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Kaithal News: डॉ. विजय चावला ने पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ में दिया योगदान
Sun, 29 Jun 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 29 Jun 2025 01:24 AM IST
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कैथल। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली के प्रकाशन विभाग ने कक्षा पांच की हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा प्रकाशित कर दी गई है। इस सत्र से सभी विद्यालयों में कक्षा पांच के विद्यार्थी यह पुस्तक पढ़ेंगे।
आरोही आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग के हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने बताया कि वे हरियाणा शिक्षा विभाग से एकमात्र शिक्षक हैं, जिन्हें वीणा पाठ्यपुस्तक निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गठित समिति में सदस्य के रूप में चयनित किया गया। कक्षा 1 से 5 तक की नई हिंदी पाठ्यपुस्तकों में सदस्य के रूप में योगदान देकर उन्होंने न केवल कैथल, बल्कि पूरे हरियाणा शिक्षा विभाग का नाम गौरवान्वित किया है।
उन्होंने बताया कि बूझो तो जानो, शब्द निर्माण, भूलभुलैया, शब्द पिटारा, उचित मिलान, नए शब्द सीखना और अनुच्छेद लेखन जैसी गतिविधियों को पुस्तक के विभिन्न पाठों में शामिल किया गया है। उन्होंने एनसीईआरटी के निदेशक डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी, समिति के अध्यक्ष प्रो. चमन लाल गुप्त और सदस्य समन्वयक डॉ. नीलकंठ का आभार व्यक्त किया। संवाद
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पुस्तक में भारतीय परंपरा और संस्कृति से लेकर गगनयान तक की यात्रा को भाषा और साहित्य के माध्यम से रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन का माध्यम भी बनेगी और उनमें खेल भावना तथा रचनात्मकता का विकास करेगी।
-डॉ. चावला
आरोही आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग के हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने बताया कि वे हरियाणा शिक्षा विभाग से एकमात्र शिक्षक हैं, जिन्हें वीणा पाठ्यपुस्तक निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गठित समिति में सदस्य के रूप में चयनित किया गया। कक्षा 1 से 5 तक की नई हिंदी पाठ्यपुस्तकों में सदस्य के रूप में योगदान देकर उन्होंने न केवल कैथल, बल्कि पूरे हरियाणा शिक्षा विभाग का नाम गौरवान्वित किया है।
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उन्होंने बताया कि बूझो तो जानो, शब्द निर्माण, भूलभुलैया, शब्द पिटारा, उचित मिलान, नए शब्द सीखना और अनुच्छेद लेखन जैसी गतिविधियों को पुस्तक के विभिन्न पाठों में शामिल किया गया है। उन्होंने एनसीईआरटी के निदेशक डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी, समिति के अध्यक्ष प्रो. चमन लाल गुप्त और सदस्य समन्वयक डॉ. नीलकंठ का आभार व्यक्त किया। संवाद
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पुस्तक में भारतीय परंपरा और संस्कृति से लेकर गगनयान तक की यात्रा को भाषा और साहित्य के माध्यम से रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन का माध्यम भी बनेगी और उनमें खेल भावना तथा रचनात्मकता का विकास करेगी।
-डॉ. चावला