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Kaithal News: अंडरपास के प्रवेश द्वार पर संशय, कॉलोनियों की राय अलग-अलग
Sun, 04 May 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 04 May 2025 01:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर रेलवे स्टेशन के पास बनने वाले अंडरपास निर्माण के तहत बनाए जाने वाले प्रवेश द्वार पर संशय बन गया है। इस मामले में दो कॉलोनियों के लोगों की अलग-अलग राय है। इसमें रामनगर कॉलोनी के लोगों की जहां अनाज मंडी की तरफ प्रवेश द्वार बनाने की मांग है वहीं वाल्मीकि बस्ती कॉलोनी के लोगों का कहना है कि चंदाना गेट की तरफ सैनी स्कूल के रास्ते पर इसे बनाना चाहिए।
गौरतलब है कि करीब चार साल पहले ही यहां पर स्थित रेलवे फाटक के यार्ड में आने के कारण इस बंद कर दिया गया था। इसके बाद से यहां पर रास्ता बनाने की मांग उठाने लगी थी। इसके बाद से करीब तीन साल से अंडरपास बनाने की मांग उठ रही थी। फिर रेलवे ने सर्वे करवाया, लेकिन इसका खर्च राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया।
अब करीब एक महीने पहले ही राज्य सरकार ने करीब पांच करोड़ रुपये की राशि रेलवे को दी है। वहीं, यहां रेलवे फाटक बंद होने से 25 से अधिक कॉलोनियाें के 40 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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रेलवे अंडरपास के लिए रेलवे की टीम ने जगह का किया है सर्वे
गौरतलब है कि रेलवे अंडरपास के लिए रेलवे की टीम ने जगह का सर्वे किया। रेलवे अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के नजदीक वाली जगह के साथ-साथ चंदाना गेट से बैंक कालोनी जाने वाली सड़क पर रेलवे अंडरपास बनाने के लिए सर्वे किया था। दोनों जगह का सर्वे करने के बाद रेलवे अधिकारियों ने आसपास की कालोनियों में रहने वाले लोगों से बातचीत की तो सभी की अलग-अलग राय मिली। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैठक कर एनओसी देने के बारे में कहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के लिए दोनों जगह उपयुक्त हैं। इस संदर्भ में कोी समस्या नहीं है लेेकिन एक जगह का चयन चुनौती बन गया है। इस बारे में नगर परिषद की तरफ से एनओसी मिलने के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने रेलवे अंडरपास के निर्माण को लेकर पिछले माह चार करोड़ 96 लाख 17 हजार 800 रुपये का बजट जारी किया जा है। अब अंडरपास के निर्माण के लिए कार्य शुरू किया जाना है।
जल्द ही नगर परिषद अधिकारियों की होगी संयुक्त बैठक ः रेलवे अंडरपास के निर्माण के संबंध में जगह का चयन करने के लिए अब जल्द ही रेलवे के अधिकारी नगर परिषद अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग, वार्ड पार्षद राजेश सिसोदिया को आमंत्रित किया जाएगा। जिन दो जगहों का सर्वे किया गया है, इनमें से एक जगह को फाइनल किया जाना है।
वर्ष 2022 में बंद किया गया था रेलवे फाटक ः रेलवे ने वर्ष 2022 में फाटक के रेलवे स्टेशन के यार्ड में आने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। इस पर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कालोनियों के लोगों ने रोष जताया था। लोगों की मांग पर रेलवे ने अंडरपास के निर्माण को लेकर सर्वे किया था।
सर्वे के बाद यहां पर फाटक का निर्माण न कर रेलवे अंडरपास निर्माण की फिजिबिलिटी सही पाई गई थी। इसके बाद ही रेलवे ने इस परियोजना के बजट को राज्य सरकार को जारी करने की गुजारिश की थी। इसके बाद इसके निर्माण कार्य को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। अब बजट जारी होने पर कालोनी वासियों में अंडरपास के निर्माण की उम्मीद जगी है।
जगह को जल्द किया जाएगा फाइनल : सुरभि
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि रेलवे लाइन पर वर्ष 2022 में फाटक को बंद कर दिया था। अब यहां रेलवे अंडरपास के निर्माण कार्य को लेकर 4.96 करोड़ रुपये का बजट जारी हो चुका है। अंडरपास बनाने के लिए दो जगहों का चयन किया है। इनमें से एक को फाइनल किया जाना है। इसके लिए रेलवे विभाग की टीम सर्वे कर चुकी है। अब अगले सप्ताह रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसमें जगह को फाइनल कर जल्द से से जल्द कार्य शुरू करवाने का प्रयास रहेगा। गौरतलब है कि यहां रेलवे फाटक बंद होने से 25 से अधिक कॉलोनियाें के 40 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे थे।
जल्द बनाया जाए अंडरपास : सिसोदिया
वार्ड नंबर 22 से पार्षद राजेश सिसोदिया ने कहा कि रेलवे अंडरपास को लेकर बजट जारी हो चुका है। इसलिए इसका निर्माण जल्द से जल्द कार्य किया जाना चाहिए।
इन काॅलोनी वासियों को आ रही परेशानी
रेलवे फाटक बंद होने से शहर की 25 से अधिक कालोनियों के लोगों को समस्या हो रही है। फाटक के बंद होने से इन लोगों को दो से तीन किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करके अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। फाटक बंद होने के बाद नई अनाज मंडी, रामनगर, रजनी कॉलोनी, चंदाना गेट, शक्ति नगर, जींद रोड माडल टाउन, रेलवे गेट कालोनी, वाल्मीकि धर्मशाला बस्ती, भगत सिंह चौक, प्रताप गेट, डकौत बस्ती, भट्ट बस्ती, रेलवे गेट, भगत सिंह चौक, जनता मार्केट, सब्जी मंडी सहित अन्य काॅलोनी के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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कैथल। शहर रेलवे स्टेशन के पास बनने वाले अंडरपास निर्माण के तहत बनाए जाने वाले प्रवेश द्वार पर संशय बन गया है। इस मामले में दो कॉलोनियों के लोगों की अलग-अलग राय है। इसमें रामनगर कॉलोनी के लोगों की जहां अनाज मंडी की तरफ प्रवेश द्वार बनाने की मांग है वहीं वाल्मीकि बस्ती कॉलोनी के लोगों का कहना है कि चंदाना गेट की तरफ सैनी स्कूल के रास्ते पर इसे बनाना चाहिए।
गौरतलब है कि करीब चार साल पहले ही यहां पर स्थित रेलवे फाटक के यार्ड में आने के कारण इस बंद कर दिया गया था। इसके बाद से यहां पर रास्ता बनाने की मांग उठाने लगी थी। इसके बाद से करीब तीन साल से अंडरपास बनाने की मांग उठ रही थी। फिर रेलवे ने सर्वे करवाया, लेकिन इसका खर्च राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया।
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अब करीब एक महीने पहले ही राज्य सरकार ने करीब पांच करोड़ रुपये की राशि रेलवे को दी है। वहीं, यहां रेलवे फाटक बंद होने से 25 से अधिक कॉलोनियाें के 40 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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रेलवे अंडरपास के लिए रेलवे की टीम ने जगह का किया है सर्वे
गौरतलब है कि रेलवे अंडरपास के लिए रेलवे की टीम ने जगह का सर्वे किया। रेलवे अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के नजदीक वाली जगह के साथ-साथ चंदाना गेट से बैंक कालोनी जाने वाली सड़क पर रेलवे अंडरपास बनाने के लिए सर्वे किया था। दोनों जगह का सर्वे करने के बाद रेलवे अधिकारियों ने आसपास की कालोनियों में रहने वाले लोगों से बातचीत की तो सभी की अलग-अलग राय मिली। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैठक कर एनओसी देने के बारे में कहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के लिए दोनों जगह उपयुक्त हैं। इस संदर्भ में कोी समस्या नहीं है लेेकिन एक जगह का चयन चुनौती बन गया है। इस बारे में नगर परिषद की तरफ से एनओसी मिलने के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने रेलवे अंडरपास के निर्माण को लेकर पिछले माह चार करोड़ 96 लाख 17 हजार 800 रुपये का बजट जारी किया जा है। अब अंडरपास के निर्माण के लिए कार्य शुरू किया जाना है।
जल्द ही नगर परिषद अधिकारियों की होगी संयुक्त बैठक ः रेलवे अंडरपास के निर्माण के संबंध में जगह का चयन करने के लिए अब जल्द ही रेलवे के अधिकारी नगर परिषद अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग, वार्ड पार्षद राजेश सिसोदिया को आमंत्रित किया जाएगा। जिन दो जगहों का सर्वे किया गया है, इनमें से एक जगह को फाइनल किया जाना है।
वर्ष 2022 में बंद किया गया था रेलवे फाटक ः रेलवे ने वर्ष 2022 में फाटक के रेलवे स्टेशन के यार्ड में आने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। इस पर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कालोनियों के लोगों ने रोष जताया था। लोगों की मांग पर रेलवे ने अंडरपास के निर्माण को लेकर सर्वे किया था।
सर्वे के बाद यहां पर फाटक का निर्माण न कर रेलवे अंडरपास निर्माण की फिजिबिलिटी सही पाई गई थी। इसके बाद ही रेलवे ने इस परियोजना के बजट को राज्य सरकार को जारी करने की गुजारिश की थी। इसके बाद इसके निर्माण कार्य को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। अब बजट जारी होने पर कालोनी वासियों में अंडरपास के निर्माण की उम्मीद जगी है।
जगह को जल्द किया जाएगा फाइनल : सुरभि
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि रेलवे लाइन पर वर्ष 2022 में फाटक को बंद कर दिया था। अब यहां रेलवे अंडरपास के निर्माण कार्य को लेकर 4.96 करोड़ रुपये का बजट जारी हो चुका है। अंडरपास बनाने के लिए दो जगहों का चयन किया है। इनमें से एक को फाइनल किया जाना है। इसके लिए रेलवे विभाग की टीम सर्वे कर चुकी है। अब अगले सप्ताह रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसमें जगह को फाइनल कर जल्द से से जल्द कार्य शुरू करवाने का प्रयास रहेगा। गौरतलब है कि यहां रेलवे फाटक बंद होने से 25 से अधिक कॉलोनियाें के 40 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे थे।
जल्द बनाया जाए अंडरपास : सिसोदिया
वार्ड नंबर 22 से पार्षद राजेश सिसोदिया ने कहा कि रेलवे अंडरपास को लेकर बजट जारी हो चुका है। इसलिए इसका निर्माण जल्द से जल्द कार्य किया जाना चाहिए।
इन काॅलोनी वासियों को आ रही परेशानी
रेलवे फाटक बंद होने से शहर की 25 से अधिक कालोनियों के लोगों को समस्या हो रही है। फाटक के बंद होने से इन लोगों को दो से तीन किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करके अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। फाटक बंद होने के बाद नई अनाज मंडी, रामनगर, रजनी कॉलोनी, चंदाना गेट, शक्ति नगर, जींद रोड माडल टाउन, रेलवे गेट कालोनी, वाल्मीकि धर्मशाला बस्ती, भगत सिंह चौक, प्रताप गेट, डकौत बस्ती, भट्ट बस्ती, रेलवे गेट, भगत सिंह चौक, जनता मार्केट, सब्जी मंडी सहित अन्य काॅलोनी के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।