{"_id":"68f93308525f2f09930ab71c","slug":"dont-share-personal-information-shubhranshu-kaithal-news-c-245-1-kht1002-139624-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी जानकारी साझा न करें : शुभ्रांशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी जानकारी साझा न करें : शुभ्रांशु
Thu, 23 Oct 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 23 Oct 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नरड़ गांव में पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में थाना साइबर क्राइम कैथल के पीएसआई शुभ्रांशु ने ग्रामीणों को संबोधित किया और डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
पीएसआई शुभ्रांशु ने कहा कि आजकल ठग फर्जी लिंक, क्यूआर कोड, ऑनलाइन शॉपिंग साइट, लोन एप, बिजली बिल अपडेट, इनाम जीतने और केवाईसी वेरिफिकेशन जैसे बहानों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और कभी भी अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
उन्होंने बताया कि कई लोग लालच या डर में आकर अपने एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन, या बैंक डिटेल्स साझा कर देते हैं, जिससे साइबर ठग उनके खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
विज्ञापन
पीएसआई शुभ्रांशु ने ग्रामीणों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना घट जाए तो घबराएं नहीं, तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। यह काम करना जरूरी है।
विज्ञापन
कैथल। नरड़ गांव में पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में थाना साइबर क्राइम कैथल के पीएसआई शुभ्रांशु ने ग्रामीणों को संबोधित किया और डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
पीएसआई शुभ्रांशु ने कहा कि आजकल ठग फर्जी लिंक, क्यूआर कोड, ऑनलाइन शॉपिंग साइट, लोन एप, बिजली बिल अपडेट, इनाम जीतने और केवाईसी वेरिफिकेशन जैसे बहानों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और कभी भी अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कई लोग लालच या डर में आकर अपने एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन, या बैंक डिटेल्स साझा कर देते हैं, जिससे साइबर ठग उनके खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
विज्ञापन
पीएसआई शुभ्रांशु ने ग्रामीणों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना घट जाए तो घबराएं नहीं, तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। यह काम करना जरूरी है।