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श्री रामायण पाठ श्रवण करते हुए करें साधना : हरजीत
Sat, 05 Apr 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 05 Apr 2025 01:07 AM IST
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गुहला-चीका। शहर में सिनेमा रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में शुक्रवार को भगवान वाल्मीकि मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय आयोजन के चौथे दिन की शुरुआत हुई। पंडित विद्यासागर के सानिध्य में पूरे विधि-विधान से श्री रामायण पाठ का प्रकाश करवाया। मुख्यातिथि हरजीत सीड़ा ने परिवार सहित महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के समक्ष ज्योति प्रज्ज्वलित कर पूजन करवाया। मुख्य अतिथि हरजीत सीड़ा ने कहा कि श्री रामायण पाठ श्रवण करते हुए सभी श्रद्धालु धर्म साधना करें।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत रामायण के प्रथम रचयिता हैं, जो आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने रामायण की रचना की। महर्षि वाल्मीकि की ओर से रची रामायण वाल्मीकि रामायण कहलाई जाती है। रामायण एक महाकाव्य है जो कि राजा राम के जीवन के सत्य व कर्तव्य से, परिचित करवाता है। महर्षि वाल्मीकि मंदिर सभा के प्रधान राकेश वाल्मीकि व ईश्वर रिंपी ने कहा कि श्री वाल्मीकि जी की अष्टधातु से बनी मूर्ति सिनेमा रोड स्थित चीका में बनाए भव्य मंदिर में रविवार को श्री वाल्मीकि महाराज जी की अष्टधातु की मूर्ति सुशोभित तथा शनिवार को शहर भर में कलश यात्रा निकाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत रामायण के प्रथम रचयिता हैं, जो आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने रामायण की रचना की। महर्षि वाल्मीकि की ओर से रची रामायण वाल्मीकि रामायण कहलाई जाती है। रामायण एक महाकाव्य है जो कि राजा राम के जीवन के सत्य व कर्तव्य से, परिचित करवाता है। महर्षि वाल्मीकि मंदिर सभा के प्रधान राकेश वाल्मीकि व ईश्वर रिंपी ने कहा कि श्री वाल्मीकि जी की अष्टधातु से बनी मूर्ति सिनेमा रोड स्थित चीका में बनाए भव्य मंदिर में रविवार को श्री वाल्मीकि महाराज जी की अष्टधातु की मूर्ति सुशोभित तथा शनिवार को शहर भर में कलश यात्रा निकाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद
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