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Kaithal News: नाबालिग बच्चों को नहीं चलाने दें दोपहिया वाहन
Tue, 08 Jul 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 08 Jul 2025 12:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। सड़क सुरक्षा के विषय पर एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने सोमवार को आयोजित बैठक में लोगों से आह्वान किया कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन बिल्कुल भी न चलाने दें। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एसडीएम ने कहा कि यदि हम यातायात नियमों का पालन ईमानदारी से नहीं करेंगे तो इससे न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान-माल को भी गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से अपील की कि वे अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह नियमों का पालन पूरी सजगता से करे, क्योंकि हमारी थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सभी स्कूल संचालकों से उन्होंने आग्रह किया कि वे सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत निर्धारित मानकों और मापदंडों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।
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उन्होंने बताया कि समय-समय पर स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना चाहिए, तेज रफ्तार में वाहन न चलाएं, जेब्रा क्रॉसिंग का सही उपयोग करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग बिल्कुल न करें। सीट बेल्ट अवश्य लगाएं और सड़क पर लगे संकेतों को गंभीरता से लें।
एसडीएम ने कहा कि यातायात पुलिस जहां एक ओर लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। समय-समय पर सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें आयोजित कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रभावी सुझाव
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बातचीत करें, डराएं नहीं : बच्चों को दोपहिया वाहन न चलाने के पीछे का तार्किक और भावनात्मक कारण समझाएं—उन्हें बताएं कि यह उनकी सुरक्षा, कानूनी जिम्मेदारी और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
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दुर्घटना के उदाहरण साझा करें : आसपास या समाचारों में हुई दुर्घटनाओं के वास्तविक किस्से साझा करें ताकि वे इसके खतरे को महसूस करें।
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वाहन की चाबी सुरक्षित रखें : दोपहिया वाहन की चाबी को खुले में न रखें, बल्कि माता-पिता नियंत्रित करें।
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गुहला-चीका। सड़क सुरक्षा के विषय पर एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने सोमवार को आयोजित बैठक में लोगों से आह्वान किया कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन बिल्कुल भी न चलाने दें। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एसडीएम ने कहा कि यदि हम यातायात नियमों का पालन ईमानदारी से नहीं करेंगे तो इससे न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान-माल को भी गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से अपील की कि वे अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
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उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह नियमों का पालन पूरी सजगता से करे, क्योंकि हमारी थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सभी स्कूल संचालकों से उन्होंने आग्रह किया कि वे सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत निर्धारित मानकों और मापदंडों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।
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उन्होंने बताया कि समय-समय पर स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना चाहिए, तेज रफ्तार में वाहन न चलाएं, जेब्रा क्रॉसिंग का सही उपयोग करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग बिल्कुल न करें। सीट बेल्ट अवश्य लगाएं और सड़क पर लगे संकेतों को गंभीरता से लें।
एसडीएम ने कहा कि यातायात पुलिस जहां एक ओर लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। समय-समय पर सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें आयोजित कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रभावी सुझाव
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बातचीत करें, डराएं नहीं : बच्चों को दोपहिया वाहन न चलाने के पीछे का तार्किक और भावनात्मक कारण समझाएं—उन्हें बताएं कि यह उनकी सुरक्षा, कानूनी जिम्मेदारी और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
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दुर्घटना के उदाहरण साझा करें : आसपास या समाचारों में हुई दुर्घटनाओं के वास्तविक किस्से साझा करें ताकि वे इसके खतरे को महसूस करें।
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वाहन की चाबी सुरक्षित रखें : दोपहिया वाहन की चाबी को खुले में न रखें, बल्कि माता-पिता नियंत्रित करें।