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जिला अस्पताल को मिला आईसीयू, अब रेफर नहीं होंगे गंभीर मरीज
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जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अब चंडीगढ़, पटियाला या अन्य अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब अस्पताल में ही इन मरीजों का इलाज हो सकेगा। इसके लिए अस्पताल में 12 बेड का आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) बनाने के लिए विभाग ने मंजूरी दे दी है। अगले सप्ताह ही आईसीयू के नर्मिाण से संबंधित कार्य विभाग द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। इससे रेफर होने वाले मरीजों को तो राहत मिलेगी ही, साथ में परिजनों पर पडऩे वाला धन और समय का अतिरिक्त बोझ भी कम होगा। गंभीर मरीजों का कैथल में ही इलाज किया जाएगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनवरी माह में आईसीयू के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया गया था। रेफर होने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आईसीयू बनवाने की डिमांड भेजी गई थी। मुख्यालय द्वारा अब इस डिमांड को मंजूर कर लिया गया है। विभाग जल्द ही इसके निर्माण से संबंधित प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
जिला अस्पताल से हर महीने 15-20 मरीजों को स्थिति गंभीर होने पर या तो चंडीगढ़ या पटियाला या फिर रोहतक के लिए रेफर किया जाता है। ऐसे में कई मरीजों की तो रास्ते में ही मौत होने की संभावना रहती है। कोरोना काल के बाद तो रेफर होने वालों की संख्या और भी ज्यादा बढ़ गई थी, जो अब गृह जिलों में सुविधाएं होने के बाद थोड़ी कम हुई है। अब जिले में आईसीयू की सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिवार वालों को काफी राहत मिलेगी।
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आईसीयू के निर्माण के लिए अस्पताल की बिल्डिंग के द्वितीय फ्लोर पर इसके लिए स्थान निर्धारित किया गया है। नीचे इमरजेंसी वार्ड, पास में अन्य टेस्टों की सुविधा व लिफ्ट इत्यादी को देखते हुए इमरजेंसी के पास इसे बनाने के लिए स्थान निर्धारित किया गया है।
प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. रेनू चावला ने बताया कि विभाग द्वारा आईसीयू बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस समय भी अस्पताल के कोविड सेंटर में टेंपरेरी आईसीयू बनाया गया है। आईसीयू का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनवरी माह में आईसीयू के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया गया था। रेफर होने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आईसीयू बनवाने की डिमांड भेजी गई थी। मुख्यालय द्वारा अब इस डिमांड को मंजूर कर लिया गया है। विभाग जल्द ही इसके निर्माण से संबंधित प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
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जिला अस्पताल से हर महीने 15-20 मरीजों को स्थिति गंभीर होने पर या तो चंडीगढ़ या पटियाला या फिर रोहतक के लिए रेफर किया जाता है। ऐसे में कई मरीजों की तो रास्ते में ही मौत होने की संभावना रहती है। कोरोना काल के बाद तो रेफर होने वालों की संख्या और भी ज्यादा बढ़ गई थी, जो अब गृह जिलों में सुविधाएं होने के बाद थोड़ी कम हुई है। अब जिले में आईसीयू की सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिवार वालों को काफी राहत मिलेगी।
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आईसीयू के निर्माण के लिए अस्पताल की बिल्डिंग के द्वितीय फ्लोर पर इसके लिए स्थान निर्धारित किया गया है। नीचे इमरजेंसी वार्ड, पास में अन्य टेस्टों की सुविधा व लिफ्ट इत्यादी को देखते हुए इमरजेंसी के पास इसे बनाने के लिए स्थान निर्धारित किया गया है।
प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. रेनू चावला ने बताया कि विभाग द्वारा आईसीयू बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस समय भी अस्पताल के कोविड सेंटर में टेंपरेरी आईसीयू बनाया गया है। आईसीयू का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।