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Kaithal News: पंचायत की 10 एकड़ भूमि के आवंटन पर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने साैंपा ज्ञापन
Sun, 26 Jul 2026 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:46 AM IST
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गांव में पूरे मामले काे लेकर पंचायत करते ग्रामीण।
गुहला-चीका। ग्राम भुना में पंचायत की लगभग 10 एकड़ भूमि के आवंटन का विवाद थमने का नाम नहीं ल रहा है। गांव के पंचों और ग्रामीणों ने पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर पर प्रशासनिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पंचायत की भूमि की रसीद माता भरवरी के नाम नियमों के विपरीत करवाने का आरोप लगाया हैं।
ग्रामीणों ने एसडीएम गुहला मनीष कुमार यादव को मामले के संबंध में सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने,जारी रसीद को तत्काल प्रभाव से रद्द करने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए प्रशासन को गुमराह किया। उनकी माता भरवरी के आधार कार्ड में कथित रूप से पता बदलवाया गया और उसी के आधार पर उन्हें पंचायत की लगभग 10 एकड़ भूमि की रसीद जारी कर दी गई। इससे पूर्व ग्रामीणों ने गांव में पंचायत की। बता दें कि एक दिन पूर्व कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने भी पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह सीएम का नाम लेकर लोगों पर दबाव बनाते हैं। जमीन नियमों के खिलाफ ली गई है।
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लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में पंचायत की अन्य संपत्तियों पर भी इसी प्रकार विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे रिकॉर्ड, दस्तावेजों, आधार संबंधी अभिलेखों तथा रसीद जारी करने की प्रक्रिया की बारीकी से जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित रसीद को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए यह कार्रवाई की है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग करने का प्रयास न कर सके।
एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि जांच पूरी होने तक विवादित भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
एसडीएम मनीष कुमार यादव को ज्ञापन सौंपने वालों में सुरताराम, सतबीर, पोला कश्यप, सोनू, कृष्ण कुमार, शीशपाल, दलराम, सतपाल राणा, विक्की कश्यप, जगसीर, सेठी कश्यप, कुलदीप, रमेश, विक्रम सिंह, कर्ण, नीरज, राहुल, संदीप, राजेश, बलराम, मिया सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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ग्रामीणों ने एसडीएम गुहला मनीष कुमार यादव को मामले के संबंध में सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने,जारी रसीद को तत्काल प्रभाव से रद्द करने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए प्रशासन को गुमराह किया। उनकी माता भरवरी के आधार कार्ड में कथित रूप से पता बदलवाया गया और उसी के आधार पर उन्हें पंचायत की लगभग 10 एकड़ भूमि की रसीद जारी कर दी गई। इससे पूर्व ग्रामीणों ने गांव में पंचायत की। बता दें कि एक दिन पूर्व कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने भी पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह सीएम का नाम लेकर लोगों पर दबाव बनाते हैं। जमीन नियमों के खिलाफ ली गई है।
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लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में पंचायत की अन्य संपत्तियों पर भी इसी प्रकार विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे रिकॉर्ड, दस्तावेजों, आधार संबंधी अभिलेखों तथा रसीद जारी करने की प्रक्रिया की बारीकी से जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित रसीद को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए यह कार्रवाई की है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग करने का प्रयास न कर सके।
एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि जांच पूरी होने तक विवादित भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
एसडीएम मनीष कुमार यादव को ज्ञापन सौंपने वालों में सुरताराम, सतबीर, पोला कश्यप, सोनू, कृष्ण कुमार, शीशपाल, दलराम, सतपाल राणा, विक्की कश्यप, जगसीर, सेठी कश्यप, कुलदीप, रमेश, विक्रम सिंह, कर्ण, नीरज, राहुल, संदीप, राजेश, बलराम, मिया सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।