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Kaithal News: प्रशासन की नाकाबंदी से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

Tue, 13 Feb 2024 04:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 13 Feb 2024 04:07 AM IST
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Difficulties for passengers increased due to administration blockade
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल/गुहला-चीका। 13 फरवरी को किसान संगठनों के दिल्ली कूच के दृष्टिगत जिले में कानून व्यवस्था के संबंध में पुलिस ने कड़े प्रबंध किए हैं। पुलिस की ओर से कैथल पुलिस लाइन में अस्थायी जेल बनाई गई है, जिसमें जरूरत पड़ने पर आंदोलन कर रहे किसानों को अस्थायी तौर पर बंद किया जा सकता है। वहीं, पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर बैरिकेडिंग करने के चलते रास्ते से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ लोग मजबूरी में घर से निकल रहे हैं, लेकिन बॉर्डर सील होने के चलते वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे। महिलाएं बच्चों को लेकर पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दूसरी ओर लोगों का कहना है कि सरकार को मिल बैठकर किसानों की समस्याओं को सुनना चाहिए। सरकार और किसानों के बीच में आम लोग पीस रहे हैं। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और यात्रियों की परेशानी बढ़ी है। यात्रियों ने बैरिकेडिंग के बारे में अपना अनुभव साझा किया है। टटियाना में बॉर्डर बंद होने पर यात्री गुरमीत कौर ने कहा कि हमें दिक्कत हो रही है। हम पैदल चल रहे हैं। ऑटो रिक्शा वाले ज्यादा किराया मांग रहे हैं।
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वहीं, एक अन्य यात्री किरण ने कहा कि बस वालों का कहना है कि अगर हम बस से यात्रा करेंगे तो हमें पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ेगा। हमें देर हो रही है, इसलिए हम पैदल ही चल रहे हैं। एक अन्य यात्री का कहना है किसानों को आने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए है जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दूसरी ओर किसानों को रोकने के लिए जिले की छह कंपनियों के अलावा पुलिस विभाग ने पांच कंपनी बाहर से बुलाई गई है। प्रत्येक कंपनी में पुलिस कर्मचारियों की संख्या 100 से लेकर 120 के बीच है। 11 में से एक कंपनी महिला पुलिसकर्मियों की है। इन कंपनियों को किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है।

इसके अलावा सुरक्षा के दौरान जिन उपकरणों की आवश्यकता कंपनियों को होगी, उसके लिए भी प्रबंधों को पुख्ता किया गया है। डीएसपी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। आंदोलन के चलते कई किसान नेताओं ने भी अपने मोबाइल बंद कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन किसानों के दिल्ली कूच को लेकर पूरी स्थित पर नजर बनाए हुए है। बसों के बंद होने से यात्री पंजाब नहीं जा पा रहे हैं।

थ्री लेयर की सुरक्षा लगाई

पुलिस प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए गुहला में थ्री लेयर की सुरक्षा लगाई है। इसमें सीमेंट, लोहे के बैरिकेट और कंटेनर लगाए गए हैं। बॉर्डर पर पैदल जाने का रास्ता भी पुलिस की ओर से नहीं छोड़ा गया है। इसके तहत पंजाब बॉर्डर के बसे गांव के लोग खेतों के रास्ते ही जा आवागमन कर रहे हैं। वहीं, यात्रियों को गांवों का रास्ता न पता होने की स्थिति में वे घग्गर के किनारे ही चीका की तरफ आ रहे हैं।



इंटरनेट बंद रहने से लोगों को हुई परेशानी

मोबाइल पर इंटरनेट सेवा बंद रहने से लोगों को काफी परेशानी हुई। छोटी मंडी सब्जी मंडी चौ महा सिंह मार्केट के दुकानदार अमनदीप सिंह, विशाल गर्ग, गुरबिंद्र सिंह, जोनी गोयल ने बताया कि अब दुकानों में खरीदारी के लिए आने वाले लोग ऑनलाइन पेमेंट जैसे यूपीआई से भुगतान करते हैं। मगर मोबाइल पर इंटरनेट न चलने से खरीदार व व्यापारी दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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