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Kaithal News: कपिल मुनि तीर्थ पर मेले में उमड़े श्रद्धालु
Mon, 05 Jun 2023 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 05 Jun 2023 02:59 AM IST
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कलायत। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर श्री कपिल मुनि तीर्थ व धाम पर रविवार को धार्मिक मेले
का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के क्षेत्र और दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र
श्री कपिल मुनि तीर्थ के जल का आचमनकिया तो कुछ ने आस्था की
डुबकी लगा कर अपने इष्ट देवों की पूजा की। इस दौरान उच्च न्यायालय की न्यायाधीश ऋतु
टैगोर भी मंदिर में पूजा के लिए पहुंची। मंदिर के पुजारी कृष्ण गौतम व
अनिरुद्ध गौतम ने उनसे भगवान कपिल मुनि व मां कात्यायनी की विशेष पूजा
करवाई। इसके अलावा मंदिर परिसर में पुजारी श्याम लाल गौतम ने श्रद्धालुओं को पूर्णिमा
की कथा सुनने का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी नारायण के अलावा चंद्रमा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पूर्णिमा व्रत मानसिक कष्टों से
मुक्ति दिलाने वाला होता है। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन महिलाएं अपने
पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए वट पूर्णिमा का व्रत
रखती हैं। वट पूर्णिमा का व्रत वट अमावस्या के समान पुण्यदायी माना गया है।
पूर्णिमा पर तीर्थ में स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं ने तीर्थ का पानी गंदे होने पर अधिकारियों से शिकायत भी की।
बिमला, राज रानी, सुषमा, पूजा, सूबे सिंह व
राजेंद्र कुमार ने कहा कि जिस आस्था को लेकर वे तीर्थ स्नान के लिए आते हैं
वह तीर्थ के गंदे पानी को लेकर मंद पड़ जाती है। उनका कहना है कि सरोवर के जल को
साफ रखना तो प्रबंधकों की जिम्मेवारी बनती है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में
भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस दौरान लोगों ने मंदिर परिसर में लगी दुकानों से
खरीदारी भी की।
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का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के क्षेत्र और दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र
श्री कपिल मुनि तीर्थ के जल का आचमनकिया तो कुछ ने आस्था की
डुबकी लगा कर अपने इष्ट देवों की पूजा की। इस दौरान उच्च न्यायालय की न्यायाधीश ऋतु
टैगोर भी मंदिर में पूजा के लिए पहुंची। मंदिर के पुजारी कृष्ण गौतम व
अनिरुद्ध गौतम ने उनसे भगवान कपिल मुनि व मां कात्यायनी की विशेष पूजा
करवाई। इसके अलावा मंदिर परिसर में पुजारी श्याम लाल गौतम ने श्रद्धालुओं को पूर्णिमा
की कथा सुनने का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी नारायण के अलावा चंद्रमा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पूर्णिमा व्रत मानसिक कष्टों से
मुक्ति दिलाने वाला होता है। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन महिलाएं अपने
पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए वट पूर्णिमा का व्रत
रखती हैं। वट पूर्णिमा का व्रत वट अमावस्या के समान पुण्यदायी माना गया है।
पूर्णिमा पर तीर्थ में स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं ने तीर्थ का पानी गंदे होने पर अधिकारियों से शिकायत भी की।
बिमला, राज रानी, सुषमा, पूजा, सूबे सिंह व
राजेंद्र कुमार ने कहा कि जिस आस्था को लेकर वे तीर्थ स्नान के लिए आते हैं
वह तीर्थ के गंदे पानी को लेकर मंद पड़ जाती है। उनका कहना है कि सरोवर के जल को
साफ रखना तो प्रबंधकों की जिम्मेवारी बनती है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में
भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस दौरान लोगों ने मंदिर परिसर में लगी दुकानों से
खरीदारी भी की।