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Kaithal News: पूजा के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी

Mon, 09 Dec 2024 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 09 Dec 2024 02:18 AM IST
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Devotees gathered in large numbers for the puja
21-कलायत। बीबड़ी माता मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
कलायत। मां बीबड़ी माता पर रविवार को भक्तों की भारी भीड़ रही। बीबड़ी माता की गिनती पोषश मातृका चौंसठ योगिनी में होती है। सेवादार महावीर ने बताया कि शुक्ल पक्ष के रविवार को माता के मंदिर में पूजा का प्रावधान है। मां की पूजा पारंपरिक ढंग से की जाती है। सदियों से कलायत में परंपरा है मां बीबड़ी की पूजा की।
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उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व मीठे चावल व गेहूं से माता की पूजा करना होती है। बच्चे के जन्म के बाद उसके सुच्चे बाल भी माता के मंदिर में ही उतरवाए जाते हैं। इस अवसर पर माता की पूजा पक्के भोजन के साथ होती है। मुढाढ के 365 गांवों में बीबड़ी माता की पूजा होती है।
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इसके अलावा हरियाणा व पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीबड़ी माता पर बाल उतरवाने व असदास लगाने आते हैं। लीला राम ने बताया कि सदियों से परंपरा है कि कलायत की बेटी कहीं भी ब्याही हो उसके बच्चों के सुच्चे बाल बीबड़ी माता पर ही उतरेंगे। भोग भरने व बाल चढ़ाने के लिए उसे कलायत आना ही पड़ता है। इसके अलावा जिन परिवारों में बच्चों का अभाव है यदि वे यहां आकर बीबड़ी माता की पूजा कर अरदास करते हैं तो उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। मंदिर प्रबंध कमेटी ने बताया कि हर माह के शुक्ल पक्ष में स्थानीय व दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
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दिल्ली से आए विशाल ने बताया की उनके परिवार में जन्मे बच्चों के बाल पीढिय़ों से यही उतरते हैं। रमेश अत्रेय ने बताया की उनका बेटा कैनेडा में रहता है। पारिवारिक परंपरा के अनुसार उसके बेटे के बाल उतरवाने के लिए वह यहां आया। पहले तो यह मंदिर बिना देवी के विग्रह के ही था पर अब दो साल से मां की प्रतिमा मंदिर में स्थापित कर दी गई है। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग बीच में से कच्चा होने के कारण दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। कुछ फर्लांग का टुकड़ा तो कच्चा है जिस पर बरसात के दिनों में निकलना अपने आप में बहुत ही दुष्कर कार्य है। प्रबंध समिति सदस्यों ने बीबड़ी माता तक जाने वाले पूरे रास्ते को पक्का व चौड़ा बनाए जाने की मांग की है।
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