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Kaithal News: 4.63 करोड़ खर्च करने के बाद भी बालू गांव के छह तालाब बदहाल
Sun, 23 Nov 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:36 PM IST
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23केएलटी6: बदहाल स्थिति में गांव बालू स्थित तालाब
कलायत। तालाब के जीर्णोद्धार योजना के तहत कलायत उपमंडल के बालू गांव में हुए छह तालाबों के सुंदरीकरण कार्य में ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। स्थानीय निवासी गुरदेव सिंह ने एसडीएम कलायत को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 4 करोड़ 63 लाख रुपये की भारी सरकारी ग्रांट खर्च होने के बावजूद तालाबों की स्थिति जस की तस है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 2022-2023 में चले इस कार्य में सुंदरीकरण के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और सरकारी दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर पैसों का गबन किया गया है। ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि जिस विभाग को कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने ग्राम पंचायतों के साथ सांठ-गांठ की है। शिकायत में कहा गया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी छह तालाब आज भी गंदगी और दूषित पानी से भरे हुए हैं। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि तालाबों की बदहाली का फायदा उठाते हुए लोगों ने पहले से भी अधिक अवैध कब्जे कर लिए हैं।
गुरदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने कार्य शुरू होने से पहले ही जिला और ब्लॉक के आला अधिकारियों से मांग की थी कि पहले तालाबों की निशानदेही कराई जाए, अवैध कब्जे हटाए जाएं और दीवार चिन्हित की जाए, ताकि भविष्य में कोई खामी न रहे। लेकिन, प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण सरकारी खजाने से मोटी रकम निकलने के बावजूद योजना का मूल उद्देश्य धरा का धरा रह गया।
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जांच की उठाई मांग
गुरदेव सिंह ने एसडीएम से अपील की है कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए गांव बालू के 6 तालाबों के जीर्णोद्धार पर हुए संपूर्ण खर्च और किए गए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जांच में जो भी विभाग या ग्राम पंचायत दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 2022-2023 में चले इस कार्य में सुंदरीकरण के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और सरकारी दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर पैसों का गबन किया गया है। ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि जिस विभाग को कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने ग्राम पंचायतों के साथ सांठ-गांठ की है। शिकायत में कहा गया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी छह तालाब आज भी गंदगी और दूषित पानी से भरे हुए हैं। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि तालाबों की बदहाली का फायदा उठाते हुए लोगों ने पहले से भी अधिक अवैध कब्जे कर लिए हैं।
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गुरदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने कार्य शुरू होने से पहले ही जिला और ब्लॉक के आला अधिकारियों से मांग की थी कि पहले तालाबों की निशानदेही कराई जाए, अवैध कब्जे हटाए जाएं और दीवार चिन्हित की जाए, ताकि भविष्य में कोई खामी न रहे। लेकिन, प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण सरकारी खजाने से मोटी रकम निकलने के बावजूद योजना का मूल उद्देश्य धरा का धरा रह गया।
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जांच की उठाई मांग
गुरदेव सिंह ने एसडीएम से अपील की है कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए गांव बालू के 6 तालाबों के जीर्णोद्धार पर हुए संपूर्ण खर्च और किए गए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जांच में जो भी विभाग या ग्राम पंचायत दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।