{"_id":"698b878b3e0d22a5260bce0f","slug":"despite-limited-resources-khushi-excelled-in-handball-kaithal-news-c-245-1-kht1002-144855-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सीमित संसाधनों के बावजूद हैंडबॉल में खुशी ने फहराया परचम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सीमित संसाधनों के बावजूद हैंडबॉल में खुशी ने फहराया परचम
Wed, 11 Feb 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
खुशी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मेहनत, अनुशासन और जुनून यदि साथ हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। इसका जीवंत उदाहरण हैं कैथल की 19 वर्षीय हैंडबॉल खिलाड़ी खुशी, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।
खुशी सीवन गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में कैथल स्थित आरकेएसडी कॉलेज में अध्ययनरत हैं। वह पिछले चार वर्षों से हैंडबॉल खेल रही हैं और लगातार अपने खेल में निखार ला रही हैं। खुशी एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अशोक कुमार ट्रक चालक हैं, जो कड़ी मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में तीन बहनें और दो भाई हैं। खेल का माहौल घर में पहले से मौजूद है, क्योंकि खुशी की छोटी बहन बॉक्सिंग की खिलाड़ी है।
विज्ञापन
सीमित आय के बावजूद पिता ने कभी बच्चों के सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया और हर संभव सहयोग किया। खुशी कैथल के छोटूराम इंडोर स्टेडियम में कोच प्रशांत के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण लेती हैं। उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित है। वह रोजाना सुबह पांच बजे से आठ बजे तक और शाम को चार बजे से सात बजे तक कड़ा अभ्यास करती हैं। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन खुशी ने इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।
विज्ञापन
खुशी का कहना है कि मैदान पर हर मैच उनके लिए एक सीख होता है। हार से उन्होंने खुद को मजबूत बनाना सीखा है, जबकि जीत से जिम्मेदारी का अहसास हुआ। वहीं कोच प्रशांत का मानना है कि खुशी में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की पूरी क्षमता है। जरूरत सिर्फ निरंतर अभ्यास और बेहतर खेल सुविधाओं की है। खुशी ने बताया कि उनका सपना है कि वह आगे चलकर भारतीय हैंडबॉल टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करें। वह चाहती हैं कि गांव और छोटे शहरों की लड़कियां भी खेल को करियर के रूप में अपनाएं। खुशी का मानना है कि यदि परिवार और समाज का सहयोग मिले, तो कोई भी लड़की अपनी अलग पहचान बना सकती है।
खुशी की सफलता पर कैथल के खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि ऐसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, छात्रवृत्ति और आधुनिक खेल संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। खुशी की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह साबित कर रही है कि सच्ची मेहनत से सपने जरूर पूरे होते हैं।
खुशी की उपलब्धियां
n
खुशी अब तक 7 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं।
n
जूनियर व सब-जूनियर वर्ग में जिले और प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
n
गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।
n
उत्तराखंड में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।