{"_id":"64cc0445cb5b4da9ec0bbb39","slug":"desi-ghee-gift-on-the-birth-of-a-child-kaithal-news-c-245-1-kht1002-2752-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: बच्चे के जन्म पर देसी घी का तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: बच्चे के जन्म पर देसी घी का तोहफा
Fri, 04 Aug 2023 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 04 Aug 2023 01:17 AM IST
विज्ञापन
कुलदीप प्रजापति
कैथल। गांव कैलरम सरपंच सीता देवी ने गांव में एक अनूठी पहल की है। स्वस्थ समाज की सोच के तहत गांव के जिस घर में भी बच्चा पैदा होता है, वहां पर सरपंच जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दो किलो देसी घी का तोहफा भिजवाती हैं। अब तक करीब 70 घरों को संरपच की यह सौगात मिल चुकी है।
कैलरम गांव की आबादी करीब 6000 है। सरपंच सीता देवी ने बताया कि बच्चा पैदा होने पर उनका घी देने का उद्देश्य जच्चा व बच्चा का विकास करना है। जब बच्चा पैदा होता है तो महिला को शरीर की 20 हड्डियां टूटने जितना दर्द सहन करना पड़ता है। यदि बच्चा होने के बाद उसे अच्छा व पौष्टिक आहार मिलेगा तो वह महिला जल्द शरीर की रिकवरी कर सकेगी और बच्चे का मानसिक व शरीर विकास में सहायक होगा।
उन्होंने बताया कि उनकी यह सौगात भेदभाव नहीं करती। बच्चा चाहे लड़का हो या लड़की, वे अपनी तरफ से दो किलो देसी घी भिजवाना नहीं भूलती। दिसंबर 2022 से लेकर जुलाई 2023 तक आठ माह में एक लाख रुपये से ज्यादा का घी अब तक वे वितरित कर चुकी हैं। सरपंच का यह कदम की गांव सहित आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसकी सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन
नवंबर 2022 में पंचायत चुनाव हुए थे। इससे पहले सीता देवी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जीत होने के बाद बच्चा होने पर दो किलो देसी घी देने की बात कही गई थी। 26 नवंबर को पंचायत का परिणाम आया था। इसमें सरपंच सीता देवी की जीत हुई और उन्होंने देसी घी की सौगात देने शुरू कर दी। संवाद
देसी घी के फायदे
देसी घी में कैल्शियम, विटामिन डी, ई, ए और के जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। बच्चे के जन्म या डिलीवरी के बाद मां को आहार में घी को जरूर शामिल करना चाहिए। सिजेरियन डिलीवरी के बाद तो घी खाना मां के शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। इसे कितनी मात्रा में खाना है, यह सलाह डॉक्टर से जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ शुद्ध देसी घी से की गई मालिश बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम होती है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है।
विज्ञापन
कैथल। गांव कैलरम सरपंच सीता देवी ने गांव में एक अनूठी पहल की है। स्वस्थ समाज की सोच के तहत गांव के जिस घर में भी बच्चा पैदा होता है, वहां पर सरपंच जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दो किलो देसी घी का तोहफा भिजवाती हैं। अब तक करीब 70 घरों को संरपच की यह सौगात मिल चुकी है।
कैलरम गांव की आबादी करीब 6000 है। सरपंच सीता देवी ने बताया कि बच्चा पैदा होने पर उनका घी देने का उद्देश्य जच्चा व बच्चा का विकास करना है। जब बच्चा पैदा होता है तो महिला को शरीर की 20 हड्डियां टूटने जितना दर्द सहन करना पड़ता है। यदि बच्चा होने के बाद उसे अच्छा व पौष्टिक आहार मिलेगा तो वह महिला जल्द शरीर की रिकवरी कर सकेगी और बच्चे का मानसिक व शरीर विकास में सहायक होगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उनकी यह सौगात भेदभाव नहीं करती। बच्चा चाहे लड़का हो या लड़की, वे अपनी तरफ से दो किलो देसी घी भिजवाना नहीं भूलती। दिसंबर 2022 से लेकर जुलाई 2023 तक आठ माह में एक लाख रुपये से ज्यादा का घी अब तक वे वितरित कर चुकी हैं। सरपंच का यह कदम की गांव सहित आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसकी सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन
नवंबर 2022 में पंचायत चुनाव हुए थे। इससे पहले सीता देवी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जीत होने के बाद बच्चा होने पर दो किलो देसी घी देने की बात कही गई थी। 26 नवंबर को पंचायत का परिणाम आया था। इसमें सरपंच सीता देवी की जीत हुई और उन्होंने देसी घी की सौगात देने शुरू कर दी। संवाद
देसी घी के फायदे
देसी घी में कैल्शियम, विटामिन डी, ई, ए और के जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। बच्चे के जन्म या डिलीवरी के बाद मां को आहार में घी को जरूर शामिल करना चाहिए। सिजेरियन डिलीवरी के बाद तो घी खाना मां के शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। इसे कितनी मात्रा में खाना है, यह सलाह डॉक्टर से जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ शुद्ध देसी घी से की गई मालिश बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम होती है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है।