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Kaithal News: मिलावटखोरों पर शिंकजा कसने के लिए विभाग सख्त

Tue, 22 Oct 2024 04:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 22 Oct 2024 04:10 AM IST
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Department is strict to tighten the noose on adulterants
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। त्योहारी सीजन में मिलावट खोरो पर शिंकजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्त रवैया अपनाया है। इस मामले में सोमवार को सोमवार को एडीसी कोर्ट में 16 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें से नौ मामलों में एक लाख 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इस मौके पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने कहा कि त्यौहार का सीजन चल रहा है।

ऐसे में त्योहार आए और मिठाई न खाएं, यह हो ही नहीं सकता है परंतु कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में इसमें मिलावट कर देते हैं, जोकि बहुत गलत है। जिला प्रशासन की ऐसे लोगों पर पैनी नजर है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। कहा कि मिलावट करना एक गंभीर अपराध माना गया है। मिलावटी खाद्य पदार्थ के सेवन से आदमी अनेक प्रकार की बीमारियों का शिकार हो जाता है। आमजन को भी मिलावटी व नकली खाद्य पदार्थों से सतर्क एवं सावधान रहना चाहिए।
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खाद्य पदार्थ बनाने वाले प्रतिष्ठानों को स्वस्थ एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ ही आमजन को परोसना चाहिए। उन्होंने दुकानदारों से आह्वान किया कि वह अपनी दुकानों पर गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखें। कहा कि जिला में इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत नियमानुसार सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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उन्होंने कहा कि आमजन जागरूक रहें। दिवाली पर मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए और जांच-परख कर ही मिठाईयां, ड्राई फ्रूट्स व चॉकलेट आदि खरीदनी चाहिए। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि जहां तक हो सके भरोसेमंद दुकान से ही मिठाई खरीदें। मिठाई खरीदने से पहले उसे सूंघ कर और चखकर जरूर देखें। घटिया सामग्री से बनाई गई मिठाई के स्वाद और सुगंध में फर्क आ जाता है।

मिलावट से हो सकती है हानि
खाद्य अपमिश्रण से आखों की रोशनी जाना, हृदय संबन्धित रोग, लीवर खराब होना, कुष्ठ रोग, आहार तंत्र के रोग, पक्षाघात व कैंसर जैसे हो सकते हैं। नकली मिठाई को पहचानने लिए मावे की पहचान के लिए आपको चाहिए आयोडीन। मावे का बहुत ज्यादा दानेदार होना भी उसके नकली होने की एक पहचान मानी जाती है इसलिए दानेदार मावा खरीदने से परहेज करें। मिठाई पर लगे वर्क की पहचान आप जलाकर कर सकते हैं। समझ लें सावधानी ही बचाव है।
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