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डेंगू का डंक तोड़ने की कवायद शुरू
ब्यूरो कैथल
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:20 AM IST
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मच्छर
- फोटो : Desk
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जिले में डेंगू के डंक से बचने के लिए अमर उजाला के प्रयास रंग लाए हैं। डीसी रविप्रकाश गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए सभी नगर पालिकाओं को हरियाणा नगर पालिका कानून 2010 का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। जिसमें सभी नगर पालिकाओं को मच्छरों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय किए जाने के लिए कहा है। इन आदेशों के बाद नगर परिषद कैथल से कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग मशीन उपलब्ध करवाने के लिए संपर्क किया है।
विदित रहे कि अमर उजाला द्वारा जिले में पिछले साल की डेंगू की स्थिति को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग कार्य बंद करने का मामला उठाया गया था। नए फैसले के अनुसार शहरों में फॉगिंग का कार्य अब नगर पालिकाओं के माध्यम से करवाया जाएगा। इस बारे में जिले के किसी भी नगर पालिका या नगर परिषद अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया था। जबकि शहर में डेंगू का लार्वा पनपने लगा है। इस मामले के उठाए जाने के बाद डीसी ने आवश्यक संज्ञान लिया है।
मच्छरों पर नियंत्रण की दिशा में कदम उठाएं अधिकारी
डीसी ने अपने आदेशों में कहा है कि सरकार ने निजी स्वास्थ्य, लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण स्वच्छता को बनाए रखने के लिए हरियाणा नगर पालिका कानून 2010 (मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार ) को तुरंत प्रभाव से नगर पालिका में लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत विभिन्न अधिकारियों को घरों में मच्छर पलने से रोकने के निरीक्षण की शक्तियां प्रदान की गई हैं। मच्छर मिलने वाले घरों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, गोदामों आदि पर जुर्माना भी किया जा सकता है। दिसंबर तक जल जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार फैलते हैं। नए अधिनियम के तहत सिविल सर्जन, सभी कार्यकारणी अधिकारी, मलेरिया उप सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परिषद की चेयर पर्सन, तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों, एसएमओ, एमपीएचएस, स्वास्थ्य निरीक्षकों, कैथल नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, सभी नगर पालिकाओं के सचिवों को किसी भी घर में मच्छरों को पलने से रोकने हेतु निरीक्षण की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इस अधिनियम के तहत नोटिस देने तथा 200 रुपये का जुर्माने का प्रावधान है तथा दोनों परिस्थितियों में मना करने में कानूनी चालान किया जा सकता है।
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इस तरह बचें मच्छरों से
जल जनित रोगों के फैलाव तथा महामारी से बचने के लिए कुछ खास तरीके अपनाने जरूरी होते हैं। नागरिक अपने घरों या आस-पास किसी प्रकार का पानी न खड़ा होने दें। घर में रखे कूलरों एवं फ्रिजों को सप्ताह में साफ करें। घर या आस-पास छत पर पुराने टायर, टूटी हुई बोतलों या बाल्टियों, घड़े या कांच के बर्तन न रखें। ऐसा करने से इन बर्तनों में बरसात का पानी इकट्ठा होने से मच्छर पैदा हो सकते हैं। गमलों व क्यारियों में जरूरत अनुसार ही पानी डालें। छत पर बनी हुई या रखी हुई टंकियों या आंगन में बनी होदियों को पूर्णतया ढक कर रखें ताकि इनमें मच्छर पैदा न हों। अगर घर या छत पर पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन रखा गया है, तो रोजाना इन्हें साफ करके ताजा पानी डालें।
तीन मशीनें होंगी नगर परिषद कैथल को हैंड ओवर
नगर परिषद कैथल ने मामले के संज्ञान में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मशीनों के लिए आग्रह किया है। डिप्टी सिविल सर्जन डा. देवेंद्र ने बताया कि दो छोटी एवं एक बड़ी मशीन को नगर परिषद को सौंपा जाएगा। साथ ही नगर परिषद के कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कैथल नगर परिषद ने विभाग से संपर्क कर इस बारे में आग्रह किया है।
शहर की कई कालोनियों में मिल चुका है डेंगू का लार्वा
शहर की कई कालोनियों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इतनी ज्यादा गर्मी के मौसम में डेंगू के लार्वा की यह स्थिति है। यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में इस बार डेंगू का बड़ा हमला हो सकता है। जिस पर अभी से काम की जरूरत है।
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विदित रहे कि अमर उजाला द्वारा जिले में पिछले साल की डेंगू की स्थिति को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग कार्य बंद करने का मामला उठाया गया था। नए फैसले के अनुसार शहरों में फॉगिंग का कार्य अब नगर पालिकाओं के माध्यम से करवाया जाएगा। इस बारे में जिले के किसी भी नगर पालिका या नगर परिषद अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया था। जबकि शहर में डेंगू का लार्वा पनपने लगा है। इस मामले के उठाए जाने के बाद डीसी ने आवश्यक संज्ञान लिया है।
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मच्छरों पर नियंत्रण की दिशा में कदम उठाएं अधिकारी
डीसी ने अपने आदेशों में कहा है कि सरकार ने निजी स्वास्थ्य, लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण स्वच्छता को बनाए रखने के लिए हरियाणा नगर पालिका कानून 2010 (मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार ) को तुरंत प्रभाव से नगर पालिका में लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत विभिन्न अधिकारियों को घरों में मच्छर पलने से रोकने के निरीक्षण की शक्तियां प्रदान की गई हैं। मच्छर मिलने वाले घरों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, गोदामों आदि पर जुर्माना भी किया जा सकता है। दिसंबर तक जल जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार फैलते हैं। नए अधिनियम के तहत सिविल सर्जन, सभी कार्यकारणी अधिकारी, मलेरिया उप सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परिषद की चेयर पर्सन, तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों, एसएमओ, एमपीएचएस, स्वास्थ्य निरीक्षकों, कैथल नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, सभी नगर पालिकाओं के सचिवों को किसी भी घर में मच्छरों को पलने से रोकने हेतु निरीक्षण की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इस अधिनियम के तहत नोटिस देने तथा 200 रुपये का जुर्माने का प्रावधान है तथा दोनों परिस्थितियों में मना करने में कानूनी चालान किया जा सकता है।
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इस तरह बचें मच्छरों से
जल जनित रोगों के फैलाव तथा महामारी से बचने के लिए कुछ खास तरीके अपनाने जरूरी होते हैं। नागरिक अपने घरों या आस-पास किसी प्रकार का पानी न खड़ा होने दें। घर में रखे कूलरों एवं फ्रिजों को सप्ताह में साफ करें। घर या आस-पास छत पर पुराने टायर, टूटी हुई बोतलों या बाल्टियों, घड़े या कांच के बर्तन न रखें। ऐसा करने से इन बर्तनों में बरसात का पानी इकट्ठा होने से मच्छर पैदा हो सकते हैं। गमलों व क्यारियों में जरूरत अनुसार ही पानी डालें। छत पर बनी हुई या रखी हुई टंकियों या आंगन में बनी होदियों को पूर्णतया ढक कर रखें ताकि इनमें मच्छर पैदा न हों। अगर घर या छत पर पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन रखा गया है, तो रोजाना इन्हें साफ करके ताजा पानी डालें।
तीन मशीनें होंगी नगर परिषद कैथल को हैंड ओवर
नगर परिषद कैथल ने मामले के संज्ञान में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मशीनों के लिए आग्रह किया है। डिप्टी सिविल सर्जन डा. देवेंद्र ने बताया कि दो छोटी एवं एक बड़ी मशीन को नगर परिषद को सौंपा जाएगा। साथ ही नगर परिषद के कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कैथल नगर परिषद ने विभाग से संपर्क कर इस बारे में आग्रह किया है।
शहर की कई कालोनियों में मिल चुका है डेंगू का लार्वा
शहर की कई कालोनियों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इतनी ज्यादा गर्मी के मौसम में डेंगू के लार्वा की यह स्थिति है। यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में इस बार डेंगू का बड़ा हमला हो सकता है। जिस पर अभी से काम की जरूरत है।