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Kaithal News: सीमला में ग्रामीणों का प्रदर्शन
Wed, 03 Jul 2024 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 03 Jul 2024 06:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत के गांव सीमला में मनरेगा के तहत किए जा रहे खोदाई कार्य की मिट्टी को वापस ढोब तालाब में डालने पर ग्रामीण भड़क उठे। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने मनरेगा अधिकारियों के खिलाफ तालाब पर नारेबाजी की।
नाराज ग्रामीणों में शामिल सचिन, पाला राम, दलीप, मेहर सिंह, रमेश, बलवान, सतबीर, हवा सिंह, जसबीर और अन्य ने कहा कि पूर्व में जब भी तालाबों की खोदाई होती रही है मिट्टी को अन्य सार्वजनिक कार्य मेंं प्रयोग किया जाता रहा है लेकिन इस बार अधिकारी अलग ही ढंग अपनाए हैं। गांव मेंं खुदाई से मिट्टी को वापिस तालाब की दीवार के पास डाला जा रहा है। इससे तालाब खोदाई के कार्य का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। मिट्टी को सार्वजनिक कार्यों मेंं इस्तेमाल करने की मांग ग्रामीणों ने की। साथ ही कार्य को गंभीरता से न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कार्रवाई की मांग की।
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के माध्यम से तालाब खोदाई का कार्य जारी है। इससे सुधारीकरण का कदम माना जा रहा था लेकिन जो व्यवस्था बनाई गई है उससे ग्रामीण नाराज हैं। पिंजुपुरा गांव के मनरेगा मजदूरों ने अधिकारियों पर पड़ोस के गांव सीमला में काम न देने के आरोप लगाए। उनका कहना कि उनके गांव मेंं मजदूरोंं के पास काम नहीं है। इस स्थिति में पड़ोस के गांव मेंं कार्य दिया जाता है। विभाग के अधिकारी न जाने क्यों उन्हें काम नहीं दे रहे हैं।
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बीडीपीओ के संज्ञान में पहुंचा मामला:
कलायत के बीडीपीओ तरुण सुथार ने बताया कि सीमला गांव में खुदाई की मिट्टी को वापिस तालाब में डालने का मामला उनके संज्ञान में आया है। इस संबंध में ग्राम सचिव से ग्राउंड रिपोर्ट ली जाएगी। नियम अनुसार कार्य न होने पर जिम्मेेेेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कलायत। कलायत के गांव सीमला में मनरेगा के तहत किए जा रहे खोदाई कार्य की मिट्टी को वापस ढोब तालाब में डालने पर ग्रामीण भड़क उठे। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने मनरेगा अधिकारियों के खिलाफ तालाब पर नारेबाजी की।
नाराज ग्रामीणों में शामिल सचिन, पाला राम, दलीप, मेहर सिंह, रमेश, बलवान, सतबीर, हवा सिंह, जसबीर और अन्य ने कहा कि पूर्व में जब भी तालाबों की खोदाई होती रही है मिट्टी को अन्य सार्वजनिक कार्य मेंं प्रयोग किया जाता रहा है लेकिन इस बार अधिकारी अलग ही ढंग अपनाए हैं। गांव मेंं खुदाई से मिट्टी को वापिस तालाब की दीवार के पास डाला जा रहा है। इससे तालाब खोदाई के कार्य का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। मिट्टी को सार्वजनिक कार्यों मेंं इस्तेमाल करने की मांग ग्रामीणों ने की। साथ ही कार्य को गंभीरता से न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कार्रवाई की मांग की।
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नाराज ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के माध्यम से तालाब खोदाई का कार्य जारी है। इससे सुधारीकरण का कदम माना जा रहा था लेकिन जो व्यवस्था बनाई गई है उससे ग्रामीण नाराज हैं। पिंजुपुरा गांव के मनरेगा मजदूरों ने अधिकारियों पर पड़ोस के गांव सीमला में काम न देने के आरोप लगाए। उनका कहना कि उनके गांव मेंं मजदूरोंं के पास काम नहीं है। इस स्थिति में पड़ोस के गांव मेंं कार्य दिया जाता है। विभाग के अधिकारी न जाने क्यों उन्हें काम नहीं दे रहे हैं।
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बीडीपीओ के संज्ञान में पहुंचा मामला:
कलायत के बीडीपीओ तरुण सुथार ने बताया कि सीमला गांव में खुदाई की मिट्टी को वापिस तालाब में डालने का मामला उनके संज्ञान में आया है। इस संबंध में ग्राम सचिव से ग्राउंड रिपोर्ट ली जाएगी। नियम अनुसार कार्य न होने पर जिम्मेेेेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।