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लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम की बर्खास्तगी की मांग
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Demand for dismissal of SDM who ordered lathi charge
- फोटो : Kaithal
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अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर देश की सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों को पूंजीपतियों को बेचने और किसानों पर किए गए लाठीचार्ज के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने जिला प्रधान जरनैल सिंह के अध्यक्षता में डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम को बर्खास्त करने की मांग भी की गई।
संघ के वरिष्ठ उप प्रधान जसवीर सिंह, धर्मचंद नैन व सतबीर गोयत ने कहा कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने आम जनता की मेहनत व टैक्स पेयर्स के पैसों से खड़े किए गए पब्लिक सेक्टर ( रेल, सड़क, एयरपोर्ट, टेलीकॉम, बिजली, बंदरगाह, गैस पाइप लाइन, वेयरहाउस और खनिज इत्यादि ) को निजी हाथों में सौंपकर छह लाख करोड़ रुपया जुटाने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले भी सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं के विभागों का निजीकरण किया है। सरकार का यह कदम जहां सार्वजनिक जन सेवाओं को खत्म करेगा, वहीं रोजगार के अवसर भी समाप्त होंगे। जन सेवाएं आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी।
संघ के संगठन सचिव ओमपाल भाल, बलविंदर सिंह व सुरेश शर्मा ने 28 अगस्त को करनाल में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर किए गए लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम को बर्खास्त करने के मांग भी की गई। सर्व कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष सीनू बेनीवाल ने भी सभा को संबोधित किया।
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की संयुक्त जिला कमेटी की ओर से डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी पहले हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए और वहां पर सभा की। अध्यक्षता पार्टी नेता महेंद्र सिंह बरोट ने की, जबकि संचालन प्रेम चंद ने किया। प्रेमचंद ने कहा कि बसताड़ा टोल पर हुआ लाठी चार्ज सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। वामपंथी नेताओं ने भाजपा-जजपा सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रेमचंद ने कहा कि इस घटनाक्रम की न्यायिक जांच होनी चाहिए। बाद में हरियाणा के राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में करनाल के एसडीएम को बर्खास्त करके केस दर्ज करने, मामले में नेताओं की भूमिका की न्यायिक जांच करने, किसान सुशील के परिवार को उचित मुआवजा देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। इस अवसर पर नरेश कुमार, सतपाल आनंद, शर्मिला, सुखदेई, हरप्रीत कौर व दलजीत कौर मौजूद थे। संवाद
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बालाजी कॉलोनी में किसान नेता राधा कृष्ण शर्मा की अध्यक्षता में हुई। किसान नेता भरत सिंह बेनीवाल व जयप्रकाश शास्त्री ने बसताड़ा टोल पर किसानों पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को मुजफ्फर नगर रैली में किसान भारी संख्या में भाग लेंगे। 4 सितंबर को ही किसान रवाना होना शुरू हो जाएंगे ताकि 5 को जाम का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर चरण सिंह कुलतारण, मास्टर रामकला बालू, रामफल भानपुरा, ओमप्रकाश व कपूर सिंह देवीगढ़, मास्टर राम किशन ढांडा, सोहन पूनिया, ईशम तंवर व महेंद्र गुर्जर मौजूद रहे। संवाद
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दिल्लू राम बाजीगर ने सीवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि करनाल में किसानों पर हुए लाठी चार्ज में सारा दोष सरकार का है। भाजपा सरकार के इशारे पर ही यह सारा काम हुआ है। इस लाठी चार्ज में एक किसान की मौत भी हो गई है। किसान शांति पूर्वक तरीके से इतने लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन पर इस प्रकार अत्याचार करना मानवता के भी विरुद्ध है। बाजीगर ने कहा कि किसान करनाल से 15 किलोमीटर दूर बैठ कर शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे थे, लेकिन वहां पर भी उन किसानों पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतांत्रिक नहीं है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। मृतक किसान के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। जो किसान घायल हुए हैं उन्हें 25-25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। सरकार को किसानों की मांगें मान लेनी चाहिएं और तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राज कुमार वधवा, संजय कंसल, कृपाल सिंह, रोहित सैनी व प्रेम सैनी मौजूद थे। संवाद
करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में एसयूसीआई कम्युनिष्ट द्वारा अनाज मंडी ढांड के गेट के सामने सरकार का पुतला फूंका गया। जिला सचिव राजकुमार सारसा के नेतृत्व में कार्यकर्ता ढांड स्थित कार्यालय से हरियाणा सरकार मुर्दाबाद, किसानों का दमन बंद करो, लाठीचार्ज करने वालों को सजा दो, किसानों मजदूरों को उजाड़ने वाले कानून रद्द करो, बिजली बिल 2020 वापस लो, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कानून बनाओ, खेती बचाओ, कार्पोरेट भगाओ, किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के नारों लगाते हुए बाजारों से होते हुए पुराने कुरुक्षेत्र रोड पर अनाज मंडी गेट के सामने पहुंचे। नारेबाजी की और सरकार का पुतला फूंका। राज्य कमेटी सदस्य कामरेड बाबूराम ने कहा कि किसानों द्वारा तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए 9 महीने से सड़कों पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है। लेकिन भाजपा सरकार को इस प्रकार की शांति रास नहीं आ रही है और किसानों को उकसाने का काम कर रही है। जिला कमेटी सदस्य रामस्वरूप व जयकरण मंडोठी, संजू, कृष्ण चंद, सुभाष चंद, राजेश, रवि, किशन चंद, शीशपाल, बीरभान, बलदेव भी मौजूद थे।
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संघ के वरिष्ठ उप प्रधान जसवीर सिंह, धर्मचंद नैन व सतबीर गोयत ने कहा कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने आम जनता की मेहनत व टैक्स पेयर्स के पैसों से खड़े किए गए पब्लिक सेक्टर ( रेल, सड़क, एयरपोर्ट, टेलीकॉम, बिजली, बंदरगाह, गैस पाइप लाइन, वेयरहाउस और खनिज इत्यादि ) को निजी हाथों में सौंपकर छह लाख करोड़ रुपया जुटाने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले भी सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं के विभागों का निजीकरण किया है। सरकार का यह कदम जहां सार्वजनिक जन सेवाओं को खत्म करेगा, वहीं रोजगार के अवसर भी समाप्त होंगे। जन सेवाएं आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी।
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संघ के संगठन सचिव ओमपाल भाल, बलविंदर सिंह व सुरेश शर्मा ने 28 अगस्त को करनाल में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर किए गए लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम को बर्खास्त करने के मांग भी की गई। सर्व कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष सीनू बेनीवाल ने भी सभा को संबोधित किया।
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की संयुक्त जिला कमेटी की ओर से डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी पहले हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए और वहां पर सभा की। अध्यक्षता पार्टी नेता महेंद्र सिंह बरोट ने की, जबकि संचालन प्रेम चंद ने किया। प्रेमचंद ने कहा कि बसताड़ा टोल पर हुआ लाठी चार्ज सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। वामपंथी नेताओं ने भाजपा-जजपा सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रेमचंद ने कहा कि इस घटनाक्रम की न्यायिक जांच होनी चाहिए। बाद में हरियाणा के राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में करनाल के एसडीएम को बर्खास्त करके केस दर्ज करने, मामले में नेताओं की भूमिका की न्यायिक जांच करने, किसान सुशील के परिवार को उचित मुआवजा देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। इस अवसर पर नरेश कुमार, सतपाल आनंद, शर्मिला, सुखदेई, हरप्रीत कौर व दलजीत कौर मौजूद थे। संवाद
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बालाजी कॉलोनी में किसान नेता राधा कृष्ण शर्मा की अध्यक्षता में हुई। किसान नेता भरत सिंह बेनीवाल व जयप्रकाश शास्त्री ने बसताड़ा टोल पर किसानों पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को मुजफ्फर नगर रैली में किसान भारी संख्या में भाग लेंगे। 4 सितंबर को ही किसान रवाना होना शुरू हो जाएंगे ताकि 5 को जाम का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर चरण सिंह कुलतारण, मास्टर रामकला बालू, रामफल भानपुरा, ओमप्रकाश व कपूर सिंह देवीगढ़, मास्टर राम किशन ढांडा, सोहन पूनिया, ईशम तंवर व महेंद्र गुर्जर मौजूद रहे। संवाद
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दिल्लू राम बाजीगर ने सीवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि करनाल में किसानों पर हुए लाठी चार्ज में सारा दोष सरकार का है। भाजपा सरकार के इशारे पर ही यह सारा काम हुआ है। इस लाठी चार्ज में एक किसान की मौत भी हो गई है। किसान शांति पूर्वक तरीके से इतने लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन पर इस प्रकार अत्याचार करना मानवता के भी विरुद्ध है। बाजीगर ने कहा कि किसान करनाल से 15 किलोमीटर दूर बैठ कर शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे थे, लेकिन वहां पर भी उन किसानों पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतांत्रिक नहीं है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। मृतक किसान के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। जो किसान घायल हुए हैं उन्हें 25-25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। सरकार को किसानों की मांगें मान लेनी चाहिएं और तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राज कुमार वधवा, संजय कंसल, कृपाल सिंह, रोहित सैनी व प्रेम सैनी मौजूद थे। संवाद
करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में एसयूसीआई कम्युनिष्ट द्वारा अनाज मंडी ढांड के गेट के सामने सरकार का पुतला फूंका गया। जिला सचिव राजकुमार सारसा के नेतृत्व में कार्यकर्ता ढांड स्थित कार्यालय से हरियाणा सरकार मुर्दाबाद, किसानों का दमन बंद करो, लाठीचार्ज करने वालों को सजा दो, किसानों मजदूरों को उजाड़ने वाले कानून रद्द करो, बिजली बिल 2020 वापस लो, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कानून बनाओ, खेती बचाओ, कार्पोरेट भगाओ, किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के नारों लगाते हुए बाजारों से होते हुए पुराने कुरुक्षेत्र रोड पर अनाज मंडी गेट के सामने पहुंचे। नारेबाजी की और सरकार का पुतला फूंका। राज्य कमेटी सदस्य कामरेड बाबूराम ने कहा कि किसानों द्वारा तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए 9 महीने से सड़कों पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है। लेकिन भाजपा सरकार को इस प्रकार की शांति रास नहीं आ रही है और किसानों को उकसाने का काम कर रही है। जिला कमेटी सदस्य रामस्वरूप व जयकरण मंडोठी, संजू, कृष्ण चंद, सुभाष चंद, राजेश, रवि, किशन चंद, शीशपाल, बीरभान, बलदेव भी मौजूद थे।