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Kaithal News: ठोस आश्वासन के बाद ही अध्यक्ष उम्मीदवार को वोट देने का फैसला
Mon, 23 Dec 2024 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 23 Dec 2024 02:03 AM IST
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कलायत। खेल स्टेडियम की मांग को लेकर युवाओं फैसला लिया है कि नगरपालिका चुनाव में केवल उसी उम्मीदवार को वोट देंगे जो उन्हें खेल स्टेडियम बनवाने का ठोस आश्वासन देगा। युवा इस बार अपनी मांग को लेकर इस बात पर स्टैंड ले चुके हैं कि स्टेडियम नहीं तो वोट नहीं। खेल स्टेडियम की मांग को लेकर पिछले काफी लंबे समय से युवा वर्ग उठा रहा है।
राघव राणा ने कहा कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि बच्चों को सेना, पुलिस में जाने के लिए या खेलों की तैयारी के लिए नहर की पटड़ी पर अपनी तैयारी करनी पड़ रही है। युवाओं के पास अपनी तैयारी करने के लिए स्थान ही नहीं है। पिछले पांच साल में नहर की पटरी पर की गई तैयारी से 15 से 20 युवा सेना में जा चुके हैं।
निखिल राणा ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर युवा वर्ग नगर पालिका सचिव से लेकर मंत्री तक ज्ञापन दे चुके हैं पर उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। तत्कालीन सांसद नायब सैनी को भी युवाओं ने ज्ञापन दिया था पर उन्होंने भी कोई ध्यान नहीं दिया।
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राघव राणा ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों ने उनसे वायदा किया था। कलायत से विधायक चुने गए विकास सहारण से सत्र के दौरान उन्होंने दूरभाष पर बात की तो कहा कि उनको सत्र में बोलने के लिए डेढ़ मिनट का समय मिला था और वे बोल चुके हैं। युवाओं में इस बात की टीस है कि उनकी मांगों को लेकर पूर्व में राज्यमंत्री रही कमलेश ढांडा से भी उनके सुरक्षा स्टाफ ने कभी मिलने नहीं दिया।
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राघव राणा ने कहा कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि बच्चों को सेना, पुलिस में जाने के लिए या खेलों की तैयारी के लिए नहर की पटड़ी पर अपनी तैयारी करनी पड़ रही है। युवाओं के पास अपनी तैयारी करने के लिए स्थान ही नहीं है। पिछले पांच साल में नहर की पटरी पर की गई तैयारी से 15 से 20 युवा सेना में जा चुके हैं।
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निखिल राणा ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर युवा वर्ग नगर पालिका सचिव से लेकर मंत्री तक ज्ञापन दे चुके हैं पर उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। तत्कालीन सांसद नायब सैनी को भी युवाओं ने ज्ञापन दिया था पर उन्होंने भी कोई ध्यान नहीं दिया।
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राघव राणा ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों ने उनसे वायदा किया था। कलायत से विधायक चुने गए विकास सहारण से सत्र के दौरान उन्होंने दूरभाष पर बात की तो कहा कि उनको सत्र में बोलने के लिए डेढ़ मिनट का समय मिला था और वे बोल चुके हैं। युवाओं में इस बात की टीस है कि उनकी मांगों को लेकर पूर्व में राज्यमंत्री रही कमलेश ढांडा से भी उनके सुरक्षा स्टाफ ने कभी मिलने नहीं दिया।