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दलित समाज को मिला योजनाओं का लाभ : सुदेश
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कैथल। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कांग्रेस और विपक्षी राजनीतिक दलों पर हमला बोलते उन्हें दलित विरोध करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजादी से लेकर वर्ष 2014 तक विशेष तौर से कांग्रेस ने दलितों को सत्ता की सीढ़ी के तौर पर इस्तेमाल किया।
2014 में जब प्रदेश की बागडोर मनोहर लाल ने बतौर मुख्यमंत्री संभाली तो उन्होंने भाई भतीजावाद और क्षेत्रवाद की रिवायत को बदलते हुए अंत्योदय उत्थान की ओर कदम बढ़ाया। इसका सबसे ज्यादा फायदा दलित समाज को मिला। सुदेश कटारिया रविवार को कैथल में आयोजित हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर का अपमान किया। वहीं भाजपा ने ना केवल बाबा साहेब का सम्मान किया, बल्कि उनके आदर्शों पर चलते हुए दलितों का प्रत्येक क्षेत्र में उत्थान किया। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में घरानों, क्षेत्रवाद और भाईभतीजावाद की राजनीति को बदलते हुए अंत्योदय उत्थान की ओर कदम बढ़ाया। इसका सबसे ज्यादा फायदा दलितों और वंचितों को हुआ। जो दलित समाज योजनाओं के लाभ से वंचित था, उन्हें घर बैठे पोर्टल के जरिए योजनाओं का लाभ मिला।
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मिशन मेरिट का दलितों को हुआ सबसे बड़ा लाभ : सुदेश कटारिया ने कहा कि 2014 में बतौर मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल ने व्यवस्था परिवर्तन की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने मिशन मेरिट की शुरुआत की। मिशन मेरिट का सबसे बड़ा लाभ वंचित, शोषित व दलित समाज को मिला, जो योग्य होने के बावजूद भी नौकरी नहीं पाने से वंचित थे।
क्योंकि पूर्व की सरकारों में भाईभतीजावाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद हावी था। मगर मनोहर लाल ने व्यवस्था परिवर्तन का ऐसा कदम उठाया, जिसका दूसरे प्रदेश भी आज अनुसरण कर रहे हैं। अब इस मिशन को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगे बढ़ा रहे हैं।
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2014 में जब प्रदेश की बागडोर मनोहर लाल ने बतौर मुख्यमंत्री संभाली तो उन्होंने भाई भतीजावाद और क्षेत्रवाद की रिवायत को बदलते हुए अंत्योदय उत्थान की ओर कदम बढ़ाया। इसका सबसे ज्यादा फायदा दलित समाज को मिला। सुदेश कटारिया रविवार को कैथल में आयोजित हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर का अपमान किया। वहीं भाजपा ने ना केवल बाबा साहेब का सम्मान किया, बल्कि उनके आदर्शों पर चलते हुए दलितों का प्रत्येक क्षेत्र में उत्थान किया। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में घरानों, क्षेत्रवाद और भाईभतीजावाद की राजनीति को बदलते हुए अंत्योदय उत्थान की ओर कदम बढ़ाया। इसका सबसे ज्यादा फायदा दलितों और वंचितों को हुआ। जो दलित समाज योजनाओं के लाभ से वंचित था, उन्हें घर बैठे पोर्टल के जरिए योजनाओं का लाभ मिला।
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मिशन मेरिट का दलितों को हुआ सबसे बड़ा लाभ : सुदेश कटारिया ने कहा कि 2014 में बतौर मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल ने व्यवस्था परिवर्तन की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने मिशन मेरिट की शुरुआत की। मिशन मेरिट का सबसे बड़ा लाभ वंचित, शोषित व दलित समाज को मिला, जो योग्य होने के बावजूद भी नौकरी नहीं पाने से वंचित थे।
क्योंकि पूर्व की सरकारों में भाईभतीजावाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद हावी था। मगर मनोहर लाल ने व्यवस्था परिवर्तन का ऐसा कदम उठाया, जिसका दूसरे प्रदेश भी आज अनुसरण कर रहे हैं। अब इस मिशन को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगे बढ़ा रहे हैं।