सिपाही भर्ती परीक्षा पर उठे सवाल: अपने स्थान पर दूसरे से परीक्षा दिलाने वाला अभ्यर्थी भी हुआ सफल, पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़
पुलिस ने दूसरे की जगह परीक्षा देकर पास करवाने वाला गिरोह पकड़ा है। सिपाही भर्ती परीक्षा के 11 दिसंबर को ही रिजल्ट जारी किया गया, 17 से मेडिकल शुरू हुए हैं। परीक्षा में अपने स्थान पर दूसरे से परीक्षा दिलाने वाला अभ्यर्थी भी सफल हुआ है। गिरोह का जाल चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में फैला है।
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प्रश्नपत्र लीक होने के कारण सात अक्तूबर को हुई सिपाही भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद 31 अक्तूबर को हुई परीक्षा भी सवालों के घेरे में है। इस परीक्षा का परिणाम अभी 11 दिसंबर को ही आया है और 17 दिसंबर से इस परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों के लिए मेडिकल परीक्षण शुरू हो गया है। इस बीच कैथल पुलिस ने इस परीक्षा में दूसरे की जगह बैठकर परीक्षा देकर पास करवाने वाले गिरोह को पकड़ा है।
आरोपियों के पास से कई परीक्षाओं के एडमिट कार्ड और दस्तावेज बरामद
बताया गया है कि गिरोह के तार चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी फैला है। कारण कि धरे गए आरोपियों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार इस पूरे गिरोह का सरगना चंडीगढ़ बुड़ैल जेल में हेड क्लर्क संजय है, जो मूल रूप से जींद के छातर गांव का रहने वाला है और उसने कैथल के भैणी माजरा में घर बनाया हुआ है।
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रविवार को छापामारी कर पुलिस ने संजय के घर से उसके गांव के साथी संदीप को भी काबू किया है, जिसके स्थान पर उसने बल्लभगढ़ के राहुल से परीक्षा दिलवाई थी, जिसमें सफल होने के बाद सात लाख रुपये की राशि लेकर संदीप पहुंचा था। पुलिस ने नकदी के साथ ही आरोपियों के पास से बैंकों के 10 कार्ड, कैलरम निवासी सुशील पुत्र बलवान का ओरिजनल वोटर कार्ड, आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस, बाबा लदाना निवासी राहुल पुत्र कृष्ण का आधार कार्ड तथा छातर गांव निवासी सुमित पुत्र दलबीर का वोटर कार्ड व जींद के अलीपुरा निवासी सुमित गिल पुत्र रमेश का आधार कार्ड बरामद किया है।
साथ ही महेंद्रगढ़ तिजले के गांव मालरा बास निवासी पंकज पुत्र विजेन्द्र का स्टोर कीपर टेक्निकल का एडमिट कार्ड तथा पोस्ट ऑफ असिसटेंट रेवेन्यू क्लर्क भर्ती परीक्षा का जींद के जामनी गांव निवासी अशोक का एडमिट कार्ड, जिस पर पकड़े गए आरोपी राहुल का सत्यापित फोटो लगा हुआ एक पेज मिला है।
इसके अलावा हरियाणा पुलिस भर्ती परीक्षा के बेलरखां निवासी रविन्द्र पुत्र मंगल का एडमिट कार्ड मिला है, जिस पर पकड़े गए राहुल का सत्यापित फोटो लगा हुआ है। साथ ही कैलरम निवासी संजीत पुत्र रामकुमार के एडमिट कार्ड की प्रति मिली। इस पर भी राहुल का फोटो लगा हुआ मिला। इसके अलावा काब्रच्छा जींद निवासी नवीन पुत्र बलवान का एडमिट कार्ड जिस पर राहुल का फोटो लगा हुआ है मिला।
पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल के बैग से डेढ़ लाख रुपये और छातर निवासी संदीप का हरियाणा पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड भी मिला, जिस पर राहुल की ही फोटो लगी हुई है। फार्म पर प्रिंट फोटो भी राहुल के ही है।
वहीं आरोपी संदीप के बैग से डेढ़ लाख रुपये व दसवीं व बारहवीं कक्षा की ओरिजल मार्कशीट सहित हरियाणा पुलिस भर्ती की फिजिकल परीक्षा के एडमिट कार्ड की तीन प्रति मिलीं हैं, जिनमें फार्म भरते हुए फार्म पर प्रिंट फोटो तो राहुल की है लेकिन तीनों प्रतियों पर संदीप की फोटो सत्यापित की हुई मिली।
धरे गए एक अन्य आरोपी यूपी से अश्वनी प्रताप के बैग से हरियाणा पुलिस भर्ती परीक्षा का धमतान साहब जींद के गोपाल पुत्र सुरेश का एडमिट कार्ड मिला, जिस पर अश्वनी प्रताप की सत्यापित फोटो लगी हुई है। साथ ही उसके पास से ओरिजनल आधार कार्ड, बैंकों के कार्ड व नकदी बरामद हुई।
एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि जिस परीक्षा को पास करवाने के बाद सात लाख रुपये लिए जा रहे थे। वह परीक्षा कैथल में प्रश्न पत्र लीक के बाद रद्द की गई परीक्षा के बाद आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में दूसरे की जगह बैठकर परीक्षा देने की बात सामने आई है। कहीं न कहीं परीक्षा के अंदर दूसरे के प्रवेश के कारण लीकेज रही है। यह जांच का विषय है।