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आस्ट्रेलिया ले जाने के नाम पर कंबोडिया में छोड़ दिया
beauro kaithal
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:41 AM IST
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आस्ट्रेलिया में ले जाकर सेटल करवाने के नाम पर दो युवकों को एजेंट ने कंबोडिया में ले जाकर अपने हाल पर छोड़ दिया और फरार हो गया। दोनों युवक मुश्किल से वतन वापस लौटे। यहां पहुंचकर युवकों ने पुलिस में एजेंट के खिलाफ शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
गांव जडौला निवासी अनिल ने पुलिस को बताया कि वह और उसके दोस्त रणधीर सिंह को वर्ष 2015 में उनके खेत के पड़ोसी बिट्टू पटवालिया ने उन्हें आस्ट्रेलिया में सेटल करवाने का आश्वासन दिया। जिस कारण वे उसकी बातों में आ गए। अनिल ने बताया कि एक नवंबर 2015 को बिट्टू उन्हें चंद्रशेखर हांडा से मिलवाने के लिए जालंधर के बाटला स्थित उसके कार्यालय पर ले गया। वहां बिट्टू ने चंद्रशेखर हांडा व प्रदीप को अपने रिश्तेदार बताते हुए उनसे मिलवाया। चंद्रशेखर ने विदेश भेजकर नौकरी लगवाने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की। परिवार वालों ने रिश्तेदार व अन्य व्यक्तियों से पैसे लेकर उन्हें विदेश भेजने का इंतजाम किया।
दस नवंबर को चंद्रशेखर हांडा, प्रदीप, बिटू पटवालिया व एक महिला जो चंद्रशेखर हांडा की पत्नी थी, उन्हें ढांड में मिले। वहां आरोपियों को आस्ट्रेलिया जाने के लिए नौ लाख रुपये, पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज दिए। आरोपियों ने कहा विदेश जाने की तैयारी करो, दोनों का वीजा जल्द आ जाएगा। इसके बाद 21 नवंबर को बिट्टू उनके घर आया और टिकटों व शो मनी (विदेश जाने के लिए डॉलर में दिखाई जाने वाली राशि) के नाम पर तीन लाख रुपए लिए और आस्ट्रेलिया ले जाने के नाम पर दोनों युवकों को भी अपने साथ ले गया। उन्हें दिल्ली से कोलकाता व कोलकाता से बैंकाक भेजा गया। बैंकाक के एक होटल में दोनो युवकों के पास चंद्रशेखर हांडा व प्रदीप आए और आस्ट्रेलिया की टिकटें दिखाकर कहा कि उनका काम बन गया। अगली फ्लाइट कंबोडिया की होगी और कंबोडिया से आस्ट्रेलिया भेजा जाएगा।
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अनिल ने बताया कि वहां से उन्हें टैक्सी के माध्यम से कंबोडिया भेजा गया। कंबोडिया ले जाकर चंद्रशेखर हांडा स्वयं के खर्च के लिए जबरन तीन लाख रुपये वसूले। इसके बाद चंद्रशेखर उनके मोबाइल धोखे से लेकर फरार हो गया। होटल से बाहर आकर दुकानदारों से पता किया तो उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। किसी तरह तीन दिसंबर 2015 वे अपने घर पहुंचे। यहां आकर आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो वे उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। जिस कारण मजबूरन अब पुलिस की शरण लेनी पड़ी है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई विजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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गांव जडौला निवासी अनिल ने पुलिस को बताया कि वह और उसके दोस्त रणधीर सिंह को वर्ष 2015 में उनके खेत के पड़ोसी बिट्टू पटवालिया ने उन्हें आस्ट्रेलिया में सेटल करवाने का आश्वासन दिया। जिस कारण वे उसकी बातों में आ गए। अनिल ने बताया कि एक नवंबर 2015 को बिट्टू उन्हें चंद्रशेखर हांडा से मिलवाने के लिए जालंधर के बाटला स्थित उसके कार्यालय पर ले गया। वहां बिट्टू ने चंद्रशेखर हांडा व प्रदीप को अपने रिश्तेदार बताते हुए उनसे मिलवाया। चंद्रशेखर ने विदेश भेजकर नौकरी लगवाने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की। परिवार वालों ने रिश्तेदार व अन्य व्यक्तियों से पैसे लेकर उन्हें विदेश भेजने का इंतजाम किया।
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दस नवंबर को चंद्रशेखर हांडा, प्रदीप, बिटू पटवालिया व एक महिला जो चंद्रशेखर हांडा की पत्नी थी, उन्हें ढांड में मिले। वहां आरोपियों को आस्ट्रेलिया जाने के लिए नौ लाख रुपये, पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज दिए। आरोपियों ने कहा विदेश जाने की तैयारी करो, दोनों का वीजा जल्द आ जाएगा। इसके बाद 21 नवंबर को बिट्टू उनके घर आया और टिकटों व शो मनी (विदेश जाने के लिए डॉलर में दिखाई जाने वाली राशि) के नाम पर तीन लाख रुपए लिए और आस्ट्रेलिया ले जाने के नाम पर दोनों युवकों को भी अपने साथ ले गया। उन्हें दिल्ली से कोलकाता व कोलकाता से बैंकाक भेजा गया। बैंकाक के एक होटल में दोनो युवकों के पास चंद्रशेखर हांडा व प्रदीप आए और आस्ट्रेलिया की टिकटें दिखाकर कहा कि उनका काम बन गया। अगली फ्लाइट कंबोडिया की होगी और कंबोडिया से आस्ट्रेलिया भेजा जाएगा।
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अनिल ने बताया कि वहां से उन्हें टैक्सी के माध्यम से कंबोडिया भेजा गया। कंबोडिया ले जाकर चंद्रशेखर हांडा स्वयं के खर्च के लिए जबरन तीन लाख रुपये वसूले। इसके बाद चंद्रशेखर उनके मोबाइल धोखे से लेकर फरार हो गया। होटल से बाहर आकर दुकानदारों से पता किया तो उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। किसी तरह तीन दिसंबर 2015 वे अपने घर पहुंचे। यहां आकर आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो वे उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। जिस कारण मजबूरन अब पुलिस की शरण लेनी पड़ी है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई विजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।