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बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख 25 हजार रुपये की धोखाधड़ी
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Thu, 04 May 2017 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब नेशनल बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख 25 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पूूंडरी पुलिस ने दिल्ली ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन में कंडक्टर की नौकरी करने वाले गांव करोड़ा निवासी दयानंद की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ 15.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।
दयानंद ने बताया कि वह डीटीसी में परिचालक के पद पर तैनात है। ड्यूटी के दौरान उसका संपर्क न्यू दिल्ली निवासी राकेश कुमार के साथ हुआ। बस में आते-जाते उससे बातचीत होने लगी। राकेश कुमार ने बताया कि उसका संपर्क पीएनबी अधिकारियों के साथ है और वह उसके पुत्र व अन्य युवकों को दिल्ली में नौकरी भी लगवा सकता है। इसके लिए उसे अधिकारियों को पैसे देने होंगे। दयानंद ने बताया कि वह आरोपी के झांसे में आ गया। राकेश ने ही उसे न्यू दिल्ली निवासी आरके वर्मा व नरेश कुमार से मिलवाया, जो अपने आपको बैंक अधिकारी बताते थे। उसने अपने भाई कृष्ण कुमार, भतीजे प्रदीप व उसके पड़ोसी बलकार को नौकरी लगवाने के लिए आरोपियों को किस्तों में करीब 15.25 लाख रुपये दे दिए।
दयानंद का आरोप है कि पैसे दिए जाने के बाद काफी समय तक आरोपियों ने तीनों युवकों को नौकरी पर नहीं लगाया और न ही उनके पैसे लौटाए। कई बार उनसे बातचीत भी हुई, लेकिन वे पैसे देने में आनाकानी करने लगे। इसके बाद उसने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत 20 दिसंबर 2016 को एसपी सुमेर प्रताप सिंह को दी थी। मामले की जांच इकोनॉमिक सेल को दी गई। सेल ने मामले की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट एसपी को सौंप दी थी। यह मामला धोखाधड़ी का पाया गया।
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जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर केहर सिंह ने बताया कि पुलिस ने दयानंद की शिकायत पर न्यू दिल्ली निवासी राकेश, आरके वर्मा व नरेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दयानंद का कहना है कि एक आरोपी आरके वर्मा ने उसे 3.25 लाख रुपये लौटा दिए हैं।
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दयानंद ने बताया कि वह डीटीसी में परिचालक के पद पर तैनात है। ड्यूटी के दौरान उसका संपर्क न्यू दिल्ली निवासी राकेश कुमार के साथ हुआ। बस में आते-जाते उससे बातचीत होने लगी। राकेश कुमार ने बताया कि उसका संपर्क पीएनबी अधिकारियों के साथ है और वह उसके पुत्र व अन्य युवकों को दिल्ली में नौकरी भी लगवा सकता है। इसके लिए उसे अधिकारियों को पैसे देने होंगे। दयानंद ने बताया कि वह आरोपी के झांसे में आ गया। राकेश ने ही उसे न्यू दिल्ली निवासी आरके वर्मा व नरेश कुमार से मिलवाया, जो अपने आपको बैंक अधिकारी बताते थे। उसने अपने भाई कृष्ण कुमार, भतीजे प्रदीप व उसके पड़ोसी बलकार को नौकरी लगवाने के लिए आरोपियों को किस्तों में करीब 15.25 लाख रुपये दे दिए।
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दयानंद का आरोप है कि पैसे दिए जाने के बाद काफी समय तक आरोपियों ने तीनों युवकों को नौकरी पर नहीं लगाया और न ही उनके पैसे लौटाए। कई बार उनसे बातचीत भी हुई, लेकिन वे पैसे देने में आनाकानी करने लगे। इसके बाद उसने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत 20 दिसंबर 2016 को एसपी सुमेर प्रताप सिंह को दी थी। मामले की जांच इकोनॉमिक सेल को दी गई। सेल ने मामले की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट एसपी को सौंप दी थी। यह मामला धोखाधड़ी का पाया गया।
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जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर केहर सिंह ने बताया कि पुलिस ने दयानंद की शिकायत पर न्यू दिल्ली निवासी राकेश, आरके वर्मा व नरेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दयानंद का कहना है कि एक आरोपी आरके वर्मा ने उसे 3.25 लाख रुपये लौटा दिए हैं।