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50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया एएसआई
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:23 AM IST
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रंगे हाथों पकड़ा गया एएसआई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विजिलेंस की टीम ने मंगलवार देर शाम थाना सिविल लाइन में तैनात एएसआई राममेहर को पुलिस थाने में ही 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ प्यौदा रोड निवासी एक व्यक्ति ने पैसे छीनने व मारपीट के केस में डकैती की धारा जोड़ने व आरोपियों की गिरफ्तारी की एवज में 50 हजार रुपये की मांग करने की शिकायत दी थी। समाचार लिखे जाने तक विजिलेंस की टीम आवश्यक कार्रवाई में जुटी थी।
मिली जानकारी के अनुसार प्यौदा रोड गली नंबर 12 निवासी प्रदीप ने विजिलेंस में शिकायत दी थी। उसने बताया था कि 26 जून को कुछ लोगों ने उसके साथ नकदी छीनते हुए मारपीट की थी। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। इस मामले की जांच एएसआई राममेहर कर रहा था। उसने यह कहा था कि आरोपी पक्ष केस में आरोपियों को छोड़ने के लिए रिश्वत दे रहे हैं। जिस पर एएसआई राममेहर ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने व डकैती की धारा जोड़ने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसमें 50 हजार रुपये पहले व 50 हजार रुपये बाद में देने की बात तय हो गई थी। वह इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ था। उसने विजिलेंस में शिकायत दी। जिस पर विजिलेंस की टीम ने प्रशासन से अनुमति लेकर नायब तहसीलदार सुरेश चौहान को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाया।
मंगलवार रात्रि आठ बजे के बाद प्रदीप ने सिविल पुलिस थाने में जाकर एएसआई को यह राशि सौंप दी। वहीं विजिलेंस की टीम जिमखाना क्लब में बैठ कर इंतजार करती रही। जैसे ही इशारा मिला तो टीम ने छापा मारकर एएसआई के पास से ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा चिन्हित करके दी गई 50 हजार रुपये की राशि बरामद
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मिली जानकारी के अनुसार प्यौदा रोड गली नंबर 12 निवासी प्रदीप ने विजिलेंस में शिकायत दी थी। उसने बताया था कि 26 जून को कुछ लोगों ने उसके साथ नकदी छीनते हुए मारपीट की थी। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। इस मामले की जांच एएसआई राममेहर कर रहा था। उसने यह कहा था कि आरोपी पक्ष केस में आरोपियों को छोड़ने के लिए रिश्वत दे रहे हैं। जिस पर एएसआई राममेहर ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने व डकैती की धारा जोड़ने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसमें 50 हजार रुपये पहले व 50 हजार रुपये बाद में देने की बात तय हो गई थी। वह इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ था। उसने विजिलेंस में शिकायत दी। जिस पर विजिलेंस की टीम ने प्रशासन से अनुमति लेकर नायब तहसीलदार सुरेश चौहान को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाया।
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मंगलवार रात्रि आठ बजे के बाद प्रदीप ने सिविल पुलिस थाने में जाकर एएसआई को यह राशि सौंप दी। वहीं विजिलेंस की टीम जिमखाना क्लब में बैठ कर इंतजार करती रही। जैसे ही इशारा मिला तो टीम ने छापा मारकर एएसआई के पास से ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा चिन्हित करके दी गई 50 हजार रुपये की राशि बरामद
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