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बैंक अधिकारी बनकर राइस मिलर के साथ 1.12 करोड़ की ठगी
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खुद को बैंक अधिकारी बताया और राइस मिलर से ठग लिए 1.12 करोड़
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी के आरोप में मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक राइस मिलर से एक व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर 1.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन पुलिस ने स्वामी ग्रनेस इंडिया कैथल के डायरेक्टर जयचंद बजाज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने एसबीआई से लोन लिया था। वर्ष 2011-12 में उसे मिल में काफी घाटा हुआ। जिस कारण उसकी लोन की किश्त भी टूट गई। लेकिन वह किश्त भरना चाहता था। इसलिए उसने बैंक से वन टाइम सेटलमेंट के लिए आवेदन दिया। जिस पर सुनवाई होनी थी। इसी बीच प्रार्थी को अप्रैल 2016 में एक शादी समारोह में आरोपी संजीव धवन, रितु धवन व सुखविंद्र सिंह मिले। यहां तीनों आरोपियों ने प्रार्थी को बताया कि वे एसबीआई में लिफ्टिंग अधिकारी हैं और स्वयं के पहचान पत्र भी दिखाए। आरोपियों ने उसे आश्वस्त किया कि वे उसका ओटीसी स्कीम के तहत कम से कम पैसे में लोन क्लीयर करवा देंगे और इसके बदले उन्होंने उससे 60 लाख रुपये की मांग की। प्रार्थी बैंक का लोन भरना चाहता था, इसलिए आरोपियों की बातों में आ गया और वर्ष 2016 व 2018 के बीच आरोपियों के अलग-अलग खातों में उसके खाते से 40 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद सुखविंद्र के खाते में 12.50 लाख रुपये, 2 बार आरोपियों को 30-30 लाख रुपये नकद दिए। आरोपी जल्द उसका काम करवाने की बात करता रहा, लेकिन वर्ष 2018 में जाकर उसका ओटीएस नामंजूर हो गया। उसने आरोपियों से जब अपने पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया और दोबारा पैसे मांगे जान पर जान से मारने की धमकी दी।
सब इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जयचंद की शिकायत पर संजीव धवन, रितु धवन, रिशब धवन, दिपांकर धवन निवासी सेक्टर 12 द्वारका नई दिल्ली व सुखविंद्र निवासी पावन प्रोडक्ट्स निवासी मायापुरी दिल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी के आरोप में मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक राइस मिलर से एक व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर 1.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन पुलिस ने स्वामी ग्रनेस इंडिया कैथल के डायरेक्टर जयचंद बजाज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने एसबीआई से लोन लिया था। वर्ष 2011-12 में उसे मिल में काफी घाटा हुआ। जिस कारण उसकी लोन की किश्त भी टूट गई। लेकिन वह किश्त भरना चाहता था। इसलिए उसने बैंक से वन टाइम सेटलमेंट के लिए आवेदन दिया। जिस पर सुनवाई होनी थी। इसी बीच प्रार्थी को अप्रैल 2016 में एक शादी समारोह में आरोपी संजीव धवन, रितु धवन व सुखविंद्र सिंह मिले। यहां तीनों आरोपियों ने प्रार्थी को बताया कि वे एसबीआई में लिफ्टिंग अधिकारी हैं और स्वयं के पहचान पत्र भी दिखाए। आरोपियों ने उसे आश्वस्त किया कि वे उसका ओटीसी स्कीम के तहत कम से कम पैसे में लोन क्लीयर करवा देंगे और इसके बदले उन्होंने उससे 60 लाख रुपये की मांग की। प्रार्थी बैंक का लोन भरना चाहता था, इसलिए आरोपियों की बातों में आ गया और वर्ष 2016 व 2018 के बीच आरोपियों के अलग-अलग खातों में उसके खाते से 40 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद सुखविंद्र के खाते में 12.50 लाख रुपये, 2 बार आरोपियों को 30-30 लाख रुपये नकद दिए। आरोपी जल्द उसका काम करवाने की बात करता रहा, लेकिन वर्ष 2018 में जाकर उसका ओटीएस नामंजूर हो गया। उसने आरोपियों से जब अपने पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया और दोबारा पैसे मांगे जान पर जान से मारने की धमकी दी।
सब इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जयचंद की शिकायत पर संजीव धवन, रितु धवन, रिशब धवन, दिपांकर धवन निवासी सेक्टर 12 द्वारका नई दिल्ली व सुखविंद्र निवासी पावन प्रोडक्ट्स निवासी मायापुरी दिल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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