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हिसार पुलिस हिरासत में युवक ने बस के आगे कूद कर आत्महत्या की
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:28 AM IST
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हिसार पुलिस की हिरासत में युवक ने बस के आगे कूद कर दी जान
हिसार पुलिस और दो डॉक्टरों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हिसार सीआईए-2 पुलिस की हिरासत में एक युवक ने कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर स्थित गांव टीक के सत्संग घर के सामने हरियाणा रोडवेज के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। चोरी के आरोप में युवक हिसार पुलिस की हिरासत में था। हिसार पुलिस के कर्मचारी युवक के शव को निजी अस्पताल में छोड़कर कई घंटों तक लापता रहे। किसी तरह मामले की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने हिसार के दो डॉक्टरों, कैथल के ही एक व्यक्ति सहित हिसार पुलिस पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
हिसार की सीआईए-2 पुलिस के चार कर्मचारी कैथल के फ्रेंड्स कालोनी निवासी अमरजीत को कुरुक्षेत्र की ओर लेकर जा रहे थे। यहां किसी काम से रुकने के दौरान गांव टीक के सत्संग घर के सामने उसने रोडवेज की बस के सामने छलांग लगा दी। इस कारण बस से टकराकर वह काफी दूर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मचारी उसे अंबाला रोड बाईपास स्थित निजी अस्पताल में छोड़ गए। काफी देर तक यहां पुलिस कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। बाद में कैथल पुलिस व मृतक के परिजन पहुंचे।
मृतक के भाई प्रदीप ने बताया कि उसका बड़ा भाई अमरजीत कैथल में ही गैस एजेंसी का संचालक था। उसका हिसार में डॉ. संदीप बूरा व अजय पूनिया के साथ लेन-देन था। उसके भाई को संदीप बूरा से 9 लाख रुपये लेने थे। इसके लिए संदीप बूरा का चेक लिया हुआ था। यह चेक बाउंस हो गया था। इस पर उसके भाई ने केस कर दिया था। इस केस से निपटने के लिए संदीप बुरा ने उन पैसों की एवज में उसके भाई को आई-20 गाड़ी देने के लिए बुला लिया। बुधवार को उसका भाई अमरजीत, मौसी के लडक़े कुलदीप के साथ हिसार में गाड़ी लेने के लिए गया था। जैसे ही वह गाड़ी लेकर वहां से निकला, उसी समय डा. संदीप बुरा व डा.अजय पूनिया के साथ साठगांठ किए हुए हिसार सीआईए-2 पुलिस ने उसे रोक लिया और गाड़ी के कागजात मांगे। उसे उसी दिन हिरासत में ले लिया। उसका भाई व कुलदीप उनकी 18 लाख रुपये मूल्य की नई गाड़ी में गए थे। उसे भी पुलिस कर्मियों ने वहीं रख लिया और उन्हें कहा कि अमरजीत ने 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी कुबूली है। इसीलिए 9 लाख रुपये ले आओ और मामला खत्म हो जाएगा। वे 9 लाख रुपये का प्रबंध कर रही रहे थे। शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण बैंक बंद थे। उनके पास करीब 3 लाख रुपये सहित आभूषण एकत्रित हुए थे। इसी बीच उन्हें पता चला कि उसके भाई की मौत हो गई। हिसार पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। प्रदीप ने आरोप लगाया कि कैथल निवासी राममेहर, हिसार में सरकारी डॉक्टर संदीप बूरा व अजय श्योराण सहित हिसार सीआईए-2 पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। उसका भाई चार पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ गया है।
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डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि पुलिस ने शिकायत अनुसार डॉ. संदीप बुरा, अजय पूनिया, राममेहर सहित हिसार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के लिए आग्रह किया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
एसपी आस्था मोदी ने कहा कि हिसार पुलिस 2016 के किसी मामले में अमरजीत को हिरासत में लेकर कैथल में बरामदगी के लिए लाई थी। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
हिसार पुलिस की भूमिका संदिग्ध...
अस्पताल में अमरजीत की जगह लिखवाया रजनीश नाम
मेरे सामने लगाई थी गुहार-भाई मुझे बचा लो...कुलदीप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पूरे घटनाक्रम में हिसार सीआईए-2 पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। परिजनों का तो यहां तक आरोप था कि अमरजीत को अवैध हिरासत में रखा गया। उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था। पुलिस की टीम मृतक अमरजीत को सिगन्स अस्पताल में लावारिस जैसी हालत में छोड़कर फरार हो गई। कई घंटों बाद पता चला कि शाम को हिसार पुलिस ने ढांड थाने में पहुंच कर घटना की रिपोर्ट की। तब तक किसी भी पुलिस कर्मचारी ने हिसार पुलिस द्वारा मामले की जानकारी देने के बारे में हामी नहीं भरी।
नाम ही रजनीश बता दिया अस्पताल में
हिसार पुलिस की एक ओर बड़ी लापरवाही कहें या जानबूझ कर सच्चाई छिपाने का प्रयास। सिग्नस अस्पताल में अमरजीत का नाम रजनीश लिखवाया गया। इस कारण पुलिस को शव देते समय अस्पताल प्रबंधन द्वारा जब आईडी मांगी गई तो कोई पहचान पत्र नहीं दिखाया जा सका। यहां हिसार पुलिस का कोई कर्मचारी नहीं था। ढांड पुलिस ने अपनी जिम्मेवारी पर वहां से शव सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
मुझसे कहा था, बचा लो भाई
मृतक के मौसी के भाई कुलदीप ने बताया कि वह हिसार में समझौते के प्रयासों में अमरजीत के साथ था। समझौता करते समय पुलिस ने अंदर ले गई और कई घंटों बाद जब उसे लेकर आई तो पुलिस ने अमरजीत से कहलवाया कि उसने गड़बड़ी की है। पुलिस के दबाव में उसके भाई ने कह दिया कि पैसे ले आओ। रुआंसी आवाज में कुलदीप का गला भर आया और उसने कहा कि उसके भाई ने उससे कहा था कि मुझे बचा ले मेरे भाई...। इसके बाद कुलदीप से कुछ नहीं बोला गया। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमरजीत के साथ क्या बीती होगी?
प्रदीप व कुलदीप सहित सोनू ने बताया कि जब अमरजीत हिसार गया तो उसकी गाड़ी में लाखों रुपये थे। यह राशि कहां है कोई पता नहीं? गाड़ी हिसार पुलिस की हिरासत में है। वह नई गाड़ी थी। अमरजीत पर केवल चोरी का केस था तो उसे इतना मजबूर क्यों किया गया कि उसकी मौत हो गई? कई सवाल हैं, जिनका उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा।
वहीं बलजीत नामक कर्मचारी, जो अस्पताल में मृतक को छोड़कर गया था, उसके नंबर पर फोन किया गया तो उसने कहा कि वह व्यस्त है। बाद में बात करना। हिसार सीआईए-2 प्रभारी का फोन स्विच ऑफ मिला। ढांड थाने से पता चला कि बाद दोपहर हिसार पुलिस ने ढांड थाने में सूचना दी है कि अमरजीत उनकी हिरासत में था और उसने बस के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली।
चालक ने बताया, उन्हें लगा सवारी हैं, हाथ देंगी, लेकिन बस नहीं रुकवाई
हरियाणा रोडवेज के चालक बलवान ने बताया कि वह कुरुक्षेत्र डिपो की बस से कैथल से कुरुक्षेत्र के लिए साढ़े 10 बजे चला था। करीब पौने ग्यारह बजे टीक से आगे सत्संग घर के गेट के सामने दो व्यक्ति खड़े थे। उन्हें लगा सवारी हैं और हाथ देंगे। जिस कारण उन्होंने बस कुछ धीमा कर दी। लेकिन उन्होंने हाथ नहीं दिया, जैसे ही बस पास पहुंची तो एक व्यक्ति बस के आगे आ गया और यह हादसा हो गया। बस को वहीं रोक दिया गया।
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हिसार पुलिस और दो डॉक्टरों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हिसार सीआईए-2 पुलिस की हिरासत में एक युवक ने कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर स्थित गांव टीक के सत्संग घर के सामने हरियाणा रोडवेज के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। चोरी के आरोप में युवक हिसार पुलिस की हिरासत में था। हिसार पुलिस के कर्मचारी युवक के शव को निजी अस्पताल में छोड़कर कई घंटों तक लापता रहे। किसी तरह मामले की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने हिसार के दो डॉक्टरों, कैथल के ही एक व्यक्ति सहित हिसार पुलिस पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
हिसार की सीआईए-2 पुलिस के चार कर्मचारी कैथल के फ्रेंड्स कालोनी निवासी अमरजीत को कुरुक्षेत्र की ओर लेकर जा रहे थे। यहां किसी काम से रुकने के दौरान गांव टीक के सत्संग घर के सामने उसने रोडवेज की बस के सामने छलांग लगा दी। इस कारण बस से टकराकर वह काफी दूर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मचारी उसे अंबाला रोड बाईपास स्थित निजी अस्पताल में छोड़ गए। काफी देर तक यहां पुलिस कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। बाद में कैथल पुलिस व मृतक के परिजन पहुंचे।
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मृतक के भाई प्रदीप ने बताया कि उसका बड़ा भाई अमरजीत कैथल में ही गैस एजेंसी का संचालक था। उसका हिसार में डॉ. संदीप बूरा व अजय पूनिया के साथ लेन-देन था। उसके भाई को संदीप बूरा से 9 लाख रुपये लेने थे। इसके लिए संदीप बूरा का चेक लिया हुआ था। यह चेक बाउंस हो गया था। इस पर उसके भाई ने केस कर दिया था। इस केस से निपटने के लिए संदीप बुरा ने उन पैसों की एवज में उसके भाई को आई-20 गाड़ी देने के लिए बुला लिया। बुधवार को उसका भाई अमरजीत, मौसी के लडक़े कुलदीप के साथ हिसार में गाड़ी लेने के लिए गया था। जैसे ही वह गाड़ी लेकर वहां से निकला, उसी समय डा. संदीप बुरा व डा.अजय पूनिया के साथ साठगांठ किए हुए हिसार सीआईए-2 पुलिस ने उसे रोक लिया और गाड़ी के कागजात मांगे। उसे उसी दिन हिरासत में ले लिया। उसका भाई व कुलदीप उनकी 18 लाख रुपये मूल्य की नई गाड़ी में गए थे। उसे भी पुलिस कर्मियों ने वहीं रख लिया और उन्हें कहा कि अमरजीत ने 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी कुबूली है। इसीलिए 9 लाख रुपये ले आओ और मामला खत्म हो जाएगा। वे 9 लाख रुपये का प्रबंध कर रही रहे थे। शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण बैंक बंद थे। उनके पास करीब 3 लाख रुपये सहित आभूषण एकत्रित हुए थे। इसी बीच उन्हें पता चला कि उसके भाई की मौत हो गई। हिसार पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। प्रदीप ने आरोप लगाया कि कैथल निवासी राममेहर, हिसार में सरकारी डॉक्टर संदीप बूरा व अजय श्योराण सहित हिसार सीआईए-2 पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। उसका भाई चार पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ गया है।
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डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि पुलिस ने शिकायत अनुसार डॉ. संदीप बुरा, अजय पूनिया, राममेहर सहित हिसार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के लिए आग्रह किया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
एसपी आस्था मोदी ने कहा कि हिसार पुलिस 2016 के किसी मामले में अमरजीत को हिरासत में लेकर कैथल में बरामदगी के लिए लाई थी। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
हिसार पुलिस की भूमिका संदिग्ध...
अस्पताल में अमरजीत की जगह लिखवाया रजनीश नाम
मेरे सामने लगाई थी गुहार-भाई मुझे बचा लो...कुलदीप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पूरे घटनाक्रम में हिसार सीआईए-2 पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। परिजनों का तो यहां तक आरोप था कि अमरजीत को अवैध हिरासत में रखा गया। उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था। पुलिस की टीम मृतक अमरजीत को सिगन्स अस्पताल में लावारिस जैसी हालत में छोड़कर फरार हो गई। कई घंटों बाद पता चला कि शाम को हिसार पुलिस ने ढांड थाने में पहुंच कर घटना की रिपोर्ट की। तब तक किसी भी पुलिस कर्मचारी ने हिसार पुलिस द्वारा मामले की जानकारी देने के बारे में हामी नहीं भरी।
नाम ही रजनीश बता दिया अस्पताल में
हिसार पुलिस की एक ओर बड़ी लापरवाही कहें या जानबूझ कर सच्चाई छिपाने का प्रयास। सिग्नस अस्पताल में अमरजीत का नाम रजनीश लिखवाया गया। इस कारण पुलिस को शव देते समय अस्पताल प्रबंधन द्वारा जब आईडी मांगी गई तो कोई पहचान पत्र नहीं दिखाया जा सका। यहां हिसार पुलिस का कोई कर्मचारी नहीं था। ढांड पुलिस ने अपनी जिम्मेवारी पर वहां से शव सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
मुझसे कहा था, बचा लो भाई
मृतक के मौसी के भाई कुलदीप ने बताया कि वह हिसार में समझौते के प्रयासों में अमरजीत के साथ था। समझौता करते समय पुलिस ने अंदर ले गई और कई घंटों बाद जब उसे लेकर आई तो पुलिस ने अमरजीत से कहलवाया कि उसने गड़बड़ी की है। पुलिस के दबाव में उसके भाई ने कह दिया कि पैसे ले आओ। रुआंसी आवाज में कुलदीप का गला भर आया और उसने कहा कि उसके भाई ने उससे कहा था कि मुझे बचा ले मेरे भाई...। इसके बाद कुलदीप से कुछ नहीं बोला गया। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमरजीत के साथ क्या बीती होगी?
प्रदीप व कुलदीप सहित सोनू ने बताया कि जब अमरजीत हिसार गया तो उसकी गाड़ी में लाखों रुपये थे। यह राशि कहां है कोई पता नहीं? गाड़ी हिसार पुलिस की हिरासत में है। वह नई गाड़ी थी। अमरजीत पर केवल चोरी का केस था तो उसे इतना मजबूर क्यों किया गया कि उसकी मौत हो गई? कई सवाल हैं, जिनका उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा।
वहीं बलजीत नामक कर्मचारी, जो अस्पताल में मृतक को छोड़कर गया था, उसके नंबर पर फोन किया गया तो उसने कहा कि वह व्यस्त है। बाद में बात करना। हिसार सीआईए-2 प्रभारी का फोन स्विच ऑफ मिला। ढांड थाने से पता चला कि बाद दोपहर हिसार पुलिस ने ढांड थाने में सूचना दी है कि अमरजीत उनकी हिरासत में था और उसने बस के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली।
चालक ने बताया, उन्हें लगा सवारी हैं, हाथ देंगी, लेकिन बस नहीं रुकवाई
हरियाणा रोडवेज के चालक बलवान ने बताया कि वह कुरुक्षेत्र डिपो की बस से कैथल से कुरुक्षेत्र के लिए साढ़े 10 बजे चला था। करीब पौने ग्यारह बजे टीक से आगे सत्संग घर के गेट के सामने दो व्यक्ति खड़े थे। उन्हें लगा सवारी हैं और हाथ देंगे। जिस कारण उन्होंने बस कुछ धीमा कर दी। लेकिन उन्होंने हाथ नहीं दिया, जैसे ही बस पास पहुंची तो एक व्यक्ति बस के आगे आ गया और यह हादसा हो गया। बस को वहीं रोक दिया गया।