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मीन की खरीद-फरोख्त में लगाया 3 लाख से अधिक का चूना
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:19 AM IST
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जमीन की खरीद-फरोख्त में लगाया 3 लाख से अधिक का चूना
पुलिस ने दर्ज किया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव मोहना में जमीन की खरीद फरोख्त में 3 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। गांव मोहना निवासी रघुबीर सिंह ने बताया कि गांव के ही संगत राम ने अक्टूबर 2010 को बताया था कि उसके पास 12 मरले जमीन जो उसने खरीद की हुई है। वह उसे बेचना चाहता है। उसकी बातों में आकर उसने 12 मरले जमीन अलग-अलग खेवटों में 3 लाख 10 हजार रुपये में बेचने के लिए इकरार कर लिया। 24 अप्रैल को एक इकरारनामा लिखवाया गया। इसके बाद 2 लाख रुपये उसे दे दिए। बकाया छह माह बाद देने की बात कही। आरोप है कि संगत राम के कहने पर उसे अदा कर दिया और कब्जा इकरार नामा के साथ दे दिया। शिकायतकर्ता ने तीनों लड़कों के अलग-अलग रिहायशी मकान बना लिए और उसमें रहने लगे, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद संगत राम ने कोई रजिस्ट्री नहीं करवाई। राजेंद्र कुमार, रामनिवास व बुद्धराज ने तीनों प्लाटों के मालिकों ने हक पर दावा डाला। कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद जब रिकार्ड देखा तो पता चला कि संगत राम इस जमीन का मालिक नहीं है, बल्कि देशराज, लखमी, सूरजभान इसके मालिक हैं। आरोपी ने धोखा करते हुए जमीन के नाम पर उनके साथ ठगी की है।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव मोहना में जमीन की खरीद फरोख्त में 3 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। गांव मोहना निवासी रघुबीर सिंह ने बताया कि गांव के ही संगत राम ने अक्टूबर 2010 को बताया था कि उसके पास 12 मरले जमीन जो उसने खरीद की हुई है। वह उसे बेचना चाहता है। उसकी बातों में आकर उसने 12 मरले जमीन अलग-अलग खेवटों में 3 लाख 10 हजार रुपये में बेचने के लिए इकरार कर लिया। 24 अप्रैल को एक इकरारनामा लिखवाया गया। इसके बाद 2 लाख रुपये उसे दे दिए। बकाया छह माह बाद देने की बात कही। आरोप है कि संगत राम के कहने पर उसे अदा कर दिया और कब्जा इकरार नामा के साथ दे दिया। शिकायतकर्ता ने तीनों लड़कों के अलग-अलग रिहायशी मकान बना लिए और उसमें रहने लगे, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद संगत राम ने कोई रजिस्ट्री नहीं करवाई। राजेंद्र कुमार, रामनिवास व बुद्धराज ने तीनों प्लाटों के मालिकों ने हक पर दावा डाला। कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद जब रिकार्ड देखा तो पता चला कि संगत राम इस जमीन का मालिक नहीं है, बल्कि देशराज, लखमी, सूरजभान इसके मालिक हैं। आरोपी ने धोखा करते हुए जमीन के नाम पर उनके साथ ठगी की है।