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पाकिस्तानी गिरोह ने किया कैथल से मलेशिया गए युवक का अपहरण, 25 लाख मांगे
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:05 AM IST
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पाकिस्तानी गिरोह ने किया मलयेशिया गए युवक का अपहरण, 25 लाख मांगे, तीन गिरफ्तार
- कैथल पुलिस की सूचना पर मलयेशिया पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर युवक को मुक्त करवाया
- युवक ने कोडवर्ड से खतरा बताया तो परिजनों ने दी थी पुलिस को सूचना
- मलयेशिया व कैथल में दो अलग-अलग एफआईआर, सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक मलयेशिया में ही रहेगा कैथल से गया युवक
फोटो संख्या-4 से 6
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मलयेशिया में कैथल के युवक का पाकिस्तानी गिरोह ने अपहरण कर परिजनों से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों की सूचना के बाद कैथल पुलिस ने कुआलालंपुर स्थित भारतीय दूतावास की मदद से युवक को पाकिस्तानी गिरोह के चंगुल से छुड़वा लिया है और तीन पाकिस्तानी युवकों को मलयेशिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एक एफआईआर मलयेशिया में भी दर्ज करवाई गई है। अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त हुआ युवक वहां केस की सुनवाई के चलते कुछ दिन मलयेशिया में ही रहेगा। वहीं कैथल पुलिस ने भी एक अन्य मामला दर्ज कर एजेंटों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
एसपी आस्था मोदी ने अपने कैंपस कार्यालय में मीडिया को बताया कि गांव जाजनपुर निवासी एक जमींदार परिवार का युवक एजेंटों के झांसे में आकर 19 जुलाई को कैथल से आस्ट्रेलिया के लिए गया था। इसके लिए एजेंटों ने साढ़े आठ लाख रुपये मांगे थे। उसे पहले बैंकाक ले जाया गया, उसी दिन वह मलयेशिया पहुंच गया। वहां पहुंच कर वहां रहे कुछेक भारतीयों व अन्य लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। युवक ने घर से निकलने पर एक कोडवर्ड परिजनों को बताया था कि यदि वह खतरे में हुआ तो उस शब्द का प्रयोग करेगा। उसने बार-बार उसी कोडवर्ड का प्रयोग किया। इससे परिजनों को आभास हुआ कि वह खतरे में है। गत 27 जुलाई को परिजनों ने कैथल पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तुरंत मामले की जानकारी कुआलालंपुर स्थित भारतीय दूतावास को दी और मलयेशिया मेें एक अलग से एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद मलयेशिया पुलिस ने परिजनों के साथ चल रही अपहर्ताओं की लगातार बातचीत से मिली जानकारी के आधार पर छापेमार कार्रवाई की। कुआलालंपुर से करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित एक जगह से पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर जाजनपुर से गए युवक को रिहा करवा लिया। गिरफ्तार किए गए तीनों युवक पाकिस्तानी हैं। पुलिस को इसी बात का अंदेशा था। वे परिजनों को यहां तक धमकी दे रहे थे कि यदि उन्हें 25 लाख रुपये नहीं दिए तो वे युवक की किडनी तक निकाल कर बेच देंगे।
एसपी ने लोगों का आह्वान किया कि वे ऐसे लोगों के झांसे में न आएं। ये ऐसे ग्रुप हैं, जो अंग भंग से लेकर जान तक लेने में नहीं हिचकते। एसपी के पास पहुंचे युवक के माता-पिता ने कैथल पुलिस का आभार जताया और कहा कि पुलिस तत्परता से कार्रवाई न करती तो शायद उनके बच्चे की जान ही नहीं बच पाती।
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हवाला के माध्यम से नकदी भिजवाने की मांग रखी : बताया जा रहा है कि भारत से अपहृत युवकों के परिजनों से इस गिरोह द्वारा पहले भी फिरौती वसूली जाती रही है। यही कारण है कि इस पूरे नेटवर्क में हवाला के माध्यम से पैसों का लेन-देन होता है। कैथल से गए युवक के अपहर्ताओं ने भी अमृतसर स्थित एक हवाला एजेंट के माध्यम से नकदी भिजवाने का रास्ता बताया था। लेकिन परिजनों ने शनिवार व रविवार की छुट्टी का हवाला दिया और इसी दौरान अपहर्ता पुलिस की पकड़ में आ गए।
- कैथल पुलिस की सूचना पर मलयेशिया पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर युवक को मुक्त करवाया
- युवक ने कोडवर्ड से खतरा बताया तो परिजनों ने दी थी पुलिस को सूचना
- मलयेशिया व कैथल में दो अलग-अलग एफआईआर, सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक मलयेशिया में ही रहेगा कैथल से गया युवक
फोटो संख्या-4 से 6
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मलयेशिया में कैथल के युवक का पाकिस्तानी गिरोह ने अपहरण कर परिजनों से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों की सूचना के बाद कैथल पुलिस ने कुआलालंपुर स्थित भारतीय दूतावास की मदद से युवक को पाकिस्तानी गिरोह के चंगुल से छुड़वा लिया है और तीन पाकिस्तानी युवकों को मलयेशिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एक एफआईआर मलयेशिया में भी दर्ज करवाई गई है। अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त हुआ युवक वहां केस की सुनवाई के चलते कुछ दिन मलयेशिया में ही रहेगा। वहीं कैथल पुलिस ने भी एक अन्य मामला दर्ज कर एजेंटों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
एसपी आस्था मोदी ने अपने कैंपस कार्यालय में मीडिया को बताया कि गांव जाजनपुर निवासी एक जमींदार परिवार का युवक एजेंटों के झांसे में आकर 19 जुलाई को कैथल से आस्ट्रेलिया के लिए गया था। इसके लिए एजेंटों ने साढ़े आठ लाख रुपये मांगे थे। उसे पहले बैंकाक ले जाया गया, उसी दिन वह मलयेशिया पहुंच गया। वहां पहुंच कर वहां रहे कुछेक भारतीयों व अन्य लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। युवक ने घर से निकलने पर एक कोडवर्ड परिजनों को बताया था कि यदि वह खतरे में हुआ तो उस शब्द का प्रयोग करेगा। उसने बार-बार उसी कोडवर्ड का प्रयोग किया। इससे परिजनों को आभास हुआ कि वह खतरे में है। गत 27 जुलाई को परिजनों ने कैथल पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तुरंत मामले की जानकारी कुआलालंपुर स्थित भारतीय दूतावास को दी और मलयेशिया मेें एक अलग से एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद मलयेशिया पुलिस ने परिजनों के साथ चल रही अपहर्ताओं की लगातार बातचीत से मिली जानकारी के आधार पर छापेमार कार्रवाई की। कुआलालंपुर से करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित एक जगह से पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर जाजनपुर से गए युवक को रिहा करवा लिया। गिरफ्तार किए गए तीनों युवक पाकिस्तानी हैं। पुलिस को इसी बात का अंदेशा था। वे परिजनों को यहां तक धमकी दे रहे थे कि यदि उन्हें 25 लाख रुपये नहीं दिए तो वे युवक की किडनी तक निकाल कर बेच देंगे।
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एसपी ने लोगों का आह्वान किया कि वे ऐसे लोगों के झांसे में न आएं। ये ऐसे ग्रुप हैं, जो अंग भंग से लेकर जान तक लेने में नहीं हिचकते। एसपी के पास पहुंचे युवक के माता-पिता ने कैथल पुलिस का आभार जताया और कहा कि पुलिस तत्परता से कार्रवाई न करती तो शायद उनके बच्चे की जान ही नहीं बच पाती।
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हवाला के माध्यम से नकदी भिजवाने की मांग रखी : बताया जा रहा है कि भारत से अपहृत युवकों के परिजनों से इस गिरोह द्वारा पहले भी फिरौती वसूली जाती रही है। यही कारण है कि इस पूरे नेटवर्क में हवाला के माध्यम से पैसों का लेन-देन होता है। कैथल से गए युवक के अपहर्ताओं ने भी अमृतसर स्थित एक हवाला एजेंट के माध्यम से नकदी भिजवाने का रास्ता बताया था। लेकिन परिजनों ने शनिवार व रविवार की छुट्टी का हवाला दिया और इसी दौरान अपहर्ता पुलिस की पकड़ में आ गए।