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न्यायालय में बोली विजिलेंस, जांच में सहयोग नहीं कर रहे इंस्पेक्टर जयवीर
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इंस्पेक्टर जयवीर को विजिलेंस टीम ने एक दिन के पुलिस रिमांड के बाद शुक्रवार दोपहर के समय न्यायालय में पेश किया। जहां दोनों पक्षों में चली लंबी बहस के बाद न्यायालय ने इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया। एक दिन के रिमांड में रिश्वत की पांच हजार रुपये की नकद राशि बरामद नहीं हो पाई। इसीलिए विजिलेंस ने तीन दिन के ओर रिमांड की मांग की थी। लेकिन न्यायालय ने एक दिन का रिमांड स्वीकार किया। साथ में पूछताछ में इंस्पेक्टर के वकील को साथ रखने के निर्देश जारी किए।
विदित रहे कि चीका एसएचओ इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को बुधवार को विजिलेंस की टीम ने चीका निवासी चांद राम से पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन नकदी बरामद नहीं हो पाई थी। विजिलेंस ने वीरवार को इंस्पेक्टर जयवीर को न्यायालय में पेश कर सात दिन के रिमांड पर भेजने की मांग की थी। लेकिन न्यायालय ने कई तरह के सवाल उठाते हुए इंस्पेक्टर जयवीर को एक दिन के रिमांड पर भेजा था।
इंस्पेक्टर जयवीर के अधिवक्ता बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक गौत्तम ने बताया कि न्यायालय ने विजिलेंस को आदेश दिए थे कि पूछताछ में बतौर इंस्पेक्टर जयवीर के वकील वे साथ रहेंगे। लेकिन विजिलेंस टीम ने शुक्रवार सुबह करीब दस बजे फोन करके बुलाया। पौने 11 बजे तक उनके सामने पूछताछ की। जिसमें इंस्पेक्टर जयवीर ने विजिलेंस को पूरा सहयोग किया। 24 घंटे में विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर जयवीर से कोई नकदी बरामद नहीं कर सकी। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां बहस में यह बात सामने आई कि विजिलेंस ने न्यायालय में बताया कि इंस्पेक्टर जयवीर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसीलिए उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा जाए, ताकि वे नकदी बरामद कर सकें। लेकिन बचाव पक्ष ने इस बात का विरोध किया कि जब एक दिन में यह राशि बरामद नहीं हुई तो अब कहां से बरामद होगी? इसी बीच न्यायालय ने इस मामले में चीका निवासी उस पवन नामक व्यक्ति को बुलाकर 164 के तहत ब्यान करवाने को कहा, जिसने रिश्वत की शिकायत देने वाले चांद राम के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद पवन नामक व्यक्ति को बुलाकर कोर्ट में 164 के तहत न्यायाधीश के सामने ब्यान दर्ज किए गए।
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अधिवक्ता अशोक गौत्तम ने बताया कि बहस में सामने आया कि पवन नामक व्यक्ति ने कहा है कि उसने एसएचओ को ऐसी कोई शिकायत नहीं दी। जिस पर बचाव पक्ष ने यह कहा कि जब एसएचओ के पास चांद राम के खिलाफ कोई शिकायत ही नहीं दी गई तो वे बिना शिकायत पर चांद राम को क्यों बुलाएंगे? इसके बाद विजिलेंस टीम ने एसएचओ जयवीर से नकदी बरामद करने, पूछताछ करने व वह शिकायत बरामद करने के लिए तीन दिन का रिमांड मांगा, जो चांद राम के खिलाफ पवन नामक व्यक्ति द्वारा दी गई बताई गई है। इसके बाद न्यायालय ने विजिलेंस की मांग पर इंस्पेक्टर जयवीर को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश जारी कर दिया।
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विदित रहे कि चीका एसएचओ इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को बुधवार को विजिलेंस की टीम ने चीका निवासी चांद राम से पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन नकदी बरामद नहीं हो पाई थी। विजिलेंस ने वीरवार को इंस्पेक्टर जयवीर को न्यायालय में पेश कर सात दिन के रिमांड पर भेजने की मांग की थी। लेकिन न्यायालय ने कई तरह के सवाल उठाते हुए इंस्पेक्टर जयवीर को एक दिन के रिमांड पर भेजा था।
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इंस्पेक्टर जयवीर के अधिवक्ता बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक गौत्तम ने बताया कि न्यायालय ने विजिलेंस को आदेश दिए थे कि पूछताछ में बतौर इंस्पेक्टर जयवीर के वकील वे साथ रहेंगे। लेकिन विजिलेंस टीम ने शुक्रवार सुबह करीब दस बजे फोन करके बुलाया। पौने 11 बजे तक उनके सामने पूछताछ की। जिसमें इंस्पेक्टर जयवीर ने विजिलेंस को पूरा सहयोग किया। 24 घंटे में विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर जयवीर से कोई नकदी बरामद नहीं कर सकी। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां बहस में यह बात सामने आई कि विजिलेंस ने न्यायालय में बताया कि इंस्पेक्टर जयवीर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसीलिए उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा जाए, ताकि वे नकदी बरामद कर सकें। लेकिन बचाव पक्ष ने इस बात का विरोध किया कि जब एक दिन में यह राशि बरामद नहीं हुई तो अब कहां से बरामद होगी? इसी बीच न्यायालय ने इस मामले में चीका निवासी उस पवन नामक व्यक्ति को बुलाकर 164 के तहत ब्यान करवाने को कहा, जिसने रिश्वत की शिकायत देने वाले चांद राम के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद पवन नामक व्यक्ति को बुलाकर कोर्ट में 164 के तहत न्यायाधीश के सामने ब्यान दर्ज किए गए।
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अधिवक्ता अशोक गौत्तम ने बताया कि बहस में सामने आया कि पवन नामक व्यक्ति ने कहा है कि उसने एसएचओ को ऐसी कोई शिकायत नहीं दी। जिस पर बचाव पक्ष ने यह कहा कि जब एसएचओ के पास चांद राम के खिलाफ कोई शिकायत ही नहीं दी गई तो वे बिना शिकायत पर चांद राम को क्यों बुलाएंगे? इसके बाद विजिलेंस टीम ने एसएचओ जयवीर से नकदी बरामद करने, पूछताछ करने व वह शिकायत बरामद करने के लिए तीन दिन का रिमांड मांगा, जो चांद राम के खिलाफ पवन नामक व्यक्ति द्वारा दी गई बताई गई है। इसके बाद न्यायालय ने विजिलेंस की मांग पर इंस्पेक्टर जयवीर को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश जारी कर दिया।