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पटाखे नहीं जलाने के लिए मुनादी करवाकर लोगों को जागरूक कर रही नप
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बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और स्मॉग को देखते हुए इस बार दिवाली पर पटाखे जलाने की मनाही की गई है। इस बार दुकानदार न तो पटाखे बेच सकेंगे और न ही लोग पटाखे जला सकेंगे। पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण और अन्य प्रकार के नुकसान को देखते हुए अमर उजाला द्वारा एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध अभियान चलाया गया है। अब जिला प्रशासन द्वारा भी पटाखों पर रोक लगाकर इस अभियान को गति दी गई है।
नगर परिषद भी करवा रही मुनादी
पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा नगर परिषद को जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। अब नगर परिषद द्वारा भी ऑटो रिक्शा पर स्पीकर लगाकर लोगों को पटाखे नहीं जलाने बारे जागरूक किया जा रहा है। साथ ही इससे स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी जा रही है। नगर परिषद के ईओ अशोक कुमार ने बताया कि शहर में पटाखे नहीं जलाने बारे लगातार मुनादी करवाई जा रही है। प्रशासन और सरकार द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है।
गौरतलब है कि पटाखों के कारण कई प्रकार की हानिकारक गैसें पैदा होती हैं, जो स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती हैं। इससे आंखों में जलन जैसी बीमारियां पैदा होती हैं। इसके अलावा सांस के रोगों के मरीजों पर भी इसका प्रभाव ज्यादा पड़ता है। जिस दिन पटाखे जलाए जाते हैं, उस दिन प्रदूषण का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा पटाखों के कारण फैलता है।
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कोरोना काल का भी प्रभाव
इस बार कोरोना काल का भी काफी प्रभाव रहा है कि पटाखे जलाने पर रोक लगी है। सरकार व प्रशासन की ओर से लोगों को लगातार सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कोरोना के प्रभाव से बचा जा सके। पटाखे जलाते समय भी लोगों का भीड़ न हो, इसे ध्यान में रखते हुए पटाखों पर रोक लगाई गई है।
इस संबंध जमें एसडीएम कैथल संजय कुमार ने बताया कि इस बार दिवाली पर पटाखे बेचने के लिए किसी को स्टॉल लगाने का लाइसेंस नहीं दिया गया है।
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नगर परिषद भी करवा रही मुनादी
पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा नगर परिषद को जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। अब नगर परिषद द्वारा भी ऑटो रिक्शा पर स्पीकर लगाकर लोगों को पटाखे नहीं जलाने बारे जागरूक किया जा रहा है। साथ ही इससे स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी जा रही है। नगर परिषद के ईओ अशोक कुमार ने बताया कि शहर में पटाखे नहीं जलाने बारे लगातार मुनादी करवाई जा रही है। प्रशासन और सरकार द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है।
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गौरतलब है कि पटाखों के कारण कई प्रकार की हानिकारक गैसें पैदा होती हैं, जो स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती हैं। इससे आंखों में जलन जैसी बीमारियां पैदा होती हैं। इसके अलावा सांस के रोगों के मरीजों पर भी इसका प्रभाव ज्यादा पड़ता है। जिस दिन पटाखे जलाए जाते हैं, उस दिन प्रदूषण का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा पटाखों के कारण फैलता है।
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कोरोना काल का भी प्रभाव
इस बार कोरोना काल का भी काफी प्रभाव रहा है कि पटाखे जलाने पर रोक लगी है। सरकार व प्रशासन की ओर से लोगों को लगातार सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कोरोना के प्रभाव से बचा जा सके। पटाखे जलाते समय भी लोगों का भीड़ न हो, इसे ध्यान में रखते हुए पटाखों पर रोक लगाई गई है।
इस संबंध जमें एसडीएम कैथल संजय कुमार ने बताया कि इस बार दिवाली पर पटाखे बेचने के लिए किसी को स्टॉल लगाने का लाइसेंस नहीं दिया गया है।