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Kaithal News: जान बचाने के लिए सीपीआर को समझाया
Thu, 16 Oct 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 16 Oct 2025 01:14 AM IST
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प्राथमिक चिकित्सा सहायता बारे किया गया जागरुक।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पुलिस लाइन में आयोजित सेमिनार में जॉन एंबुलेंस कैथल के लेक्चरर राजा सिंह ने पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को प्राथमिक चिकित्सा सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। जानकारी दी गई कि सीपीआर का मतलब कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है, यह जीवन रक्षक तकनीक है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी का दिल धड़कना या सांस लेना बंद कर देता है।
सेमिनार के दौरान डीएसपी सुशील प्रकाश, कार्यालय पुलिस अधीक्षक के अधिकारी तथा थाना-चौकियों से आए पुलिस कर्मी मौजूद रहे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लेक्चरर राजा सिंह ने सीपीआर, हार्ट अटैक, ब्लीडिंग, फ्रैक्चर, बेहोशी और चोकिंग जैसी आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के सही तरीके समझाए। उन्होंने व्यावहारिक रूप से दिखाया कि कैसे आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी मदद दी जा सकती है।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व से अवगत कराना है। कई बार हादसों में समय पर फर्स्ट एड या चिकित्सीय सुविधा न मिलने से अधिक नुकसान हो जाता है, जबकि अगर घायल को समय पर प्राथमिक सहायता मिल जाए तो उसकी स्थिति काफी हद तक सुधारी जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान पुलिसकर्मियों को सतर्कता बढ़ाने, स्वयं को
सुरक्षित रखने और दूसरों की सहायता करने में मदद करता है। इसलिए प्रत्येक पुलिस कर्मचारी के लिए प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण आवश्यक है।
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कैथल। पुलिस लाइन में आयोजित सेमिनार में जॉन एंबुलेंस कैथल के लेक्चरर राजा सिंह ने पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को प्राथमिक चिकित्सा सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। जानकारी दी गई कि सीपीआर का मतलब कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है, यह जीवन रक्षक तकनीक है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी का दिल धड़कना या सांस लेना बंद कर देता है।
सेमिनार के दौरान डीएसपी सुशील प्रकाश, कार्यालय पुलिस अधीक्षक के अधिकारी तथा थाना-चौकियों से आए पुलिस कर्मी मौजूद रहे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लेक्चरर राजा सिंह ने सीपीआर, हार्ट अटैक, ब्लीडिंग, फ्रैक्चर, बेहोशी और चोकिंग जैसी आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के सही तरीके समझाए। उन्होंने व्यावहारिक रूप से दिखाया कि कैसे आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी मदद दी जा सकती है।
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डीएसपी सुशील प्रकाश ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व से अवगत कराना है। कई बार हादसों में समय पर फर्स्ट एड या चिकित्सीय सुविधा न मिलने से अधिक नुकसान हो जाता है, जबकि अगर घायल को समय पर प्राथमिक सहायता मिल जाए तो उसकी स्थिति काफी हद तक सुधारी जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान पुलिसकर्मियों को सतर्कता बढ़ाने, स्वयं को
सुरक्षित रखने और दूसरों की सहायता करने में मदद करता है। इसलिए प्रत्येक पुलिस कर्मचारी के लिए प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण आवश्यक है।