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Kaithal News: सदन की बैठक में पार्षदों ने किया जमकर हंगामा

Wed, 03 Jul 2024 06:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 03 Jul 2024 06:08 AM IST
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Councilors created ruckus in the House meeting
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को हुई सदन की बैठक पूर्वानुमान के अनुसार हंगामेदार रही। सुबह 11 बजे शुरू होकर लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों पर अवैध कॉलोनी काटने, स्ट्रीट लाइट टेंडर में गोलमाल करने और कई अन्य आरोप लगाए। बैठक में 31 में से 21 पार्षद ही पहुंचे और 10 पार्षदों ने बैठक से किनारा कर लिया।

हंगामे के दौरान पार्षद मोहन लाल ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में 300 स्ट्रीट लाइट लगनी थी, जिनमें से अभी तक सिर्फ 45 लाइटें ही उन्हें दी गई हैं। पार्षद ने इन लाइट में लगने वाले पाइप व तार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो सामान शहर से सिर्फ 60 से 70 रुपये का मिल जाता है, उसका बिल 435 रुपये दिखाया गया है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
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पार्षद महेश गोगिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता धड़ल्ले से अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध कॉलोनी काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता राम प्रताप गुप्ता ने 16 कॉलोनी काटी हैं। इसके अलावा अशोक गोयल ने भी कॉलोनी काटी हैं। इनको नोटिस तो दिया गया, लेकिन भाजपा ज्वाइन करने के बाद ये मामला ढीला पड़ गया। पार्षद महेश गोगिया ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि ये लोग एग्रीकल्चर में जमीन दिखाकर रजिस्ट्री करवा लेते हैं। इसी तरह इन्होंने एक स्कूल को एग्रीकल्चर में दिखा रखा है। इस कारण एनडीसी लेने की जरूरत नहीं पड़ती। कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है।
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बाद में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर में लगी तिरंगा लाइट की जांच बीच में रुकी हुई है। पिहोवा में 250 लाइट लगने की कीमत सात लाख 52 हजार रुपये थी, लेकिन कैथल के अंदर 300 लाइट का बिल करीब 20 लाख का दिखाया गया। उन्होंने कहा कि 12 से 13 लाख रुपये का घोटाला इसमें किया गया है।

बैठक शुरू होते ही मीडिया को भी बाहर कर दिया गया, जिस पर बाद में अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने माफी मांगते हुए कहा कि कुछ पार्षदों को इस पर आपत्ति थी, जिसके चलते मीडिया को बाहर भेजा गया। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने कहा कि मीडिया को इसलिए बाहर भेजा गया कि कहीं, इनके घोटालों की पोल बैठक में खुल न जाए।

नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि बैठक में शहर के रुके पड़े विकास कार्यों पर चर्चा की गई। सबसे बड़ा मुद्दा शहर में सफाई व्यवस्था का रहा, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। इसके लिए आने वाले एक या दो दिन में इसका टेंडर लग जाएगा।

बैठक मंे लाइट व्यवस्था पर भी सभी पार्षदों की तरफ से सवाल उठाया गया, जिस पर अमल करते हुए आज या कल में इनका वर्क ऑर्डर जारी करवाने की अध्यक्ष ने बता कही। सभी पार्षदों से अपने अपने वार्ड की मांगें व समस्याएं अध्यक्ष व अधिकारियों के सामने रखीं।

बची 13 कॉलोनियों को वैध कराने पर मिला आश्वासन

पार्षदों के हंगामे के बीच बची 13 कॉलोनियों के वैध कराने के मुद्दे पर नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसका प्रस्ताव दोबारा से सरकार को भेजा जाएगा और पैरवी करके इन्हें भी वैध कराने की कार्रवाई गंभीरपूता पूर्वक कराई जाएगी।


गौरतलब है कि सरकार की ओर से पिछले वर्ष जुलाई में शहर की 33 में से 20 कॉलोनियों को वैध किया गया था जबकि बची हुई 13 कॉलोनियों को अवैध से वैध करने के लिए नगर परिषद की सदन की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यालय में वैध करने के लिए भेजा दिया था परंतु मुख्यालय ने इन 13 कॉलोनियों पर आपत्ति जता दी है।
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