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Kaithal News: जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में वृंदावन, मथुरा से आईं पोशाकें
Thu, 14 Aug 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 14 Aug 2025 01:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयार जोरों पर है। जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में वृंदावन और मथुरा से आईं पोशाकें भी बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध हैं।
बाजार में जगह-जगह स्टॉलों पर दुकानदारों ने दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण की रंग-बिरंगी पोशाकों का भंडार पहले ही कर लिया है। दुकानदार कविता रानी ने बताया कि बाजार में 150 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की भगवान की पोशाकें मिल रही हैं। कुछ दुकानों पर कांसे की भी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति मिल रही है। कांसे की मूर्ति महंगी होने से उसकी मांग कम है।
प्रजापति समाज के लोगों ने मिट्टी की भगवान श्रीकृष्ण की अकेली और राधा-कृष्ण की सामूहिक मूर्तियां बनाई हैं। दुकानों पर यह मूर्ति महज 70 व 80 रुपये से लेकर 300 रुपये तक में मिल रही हैं। प्रजापति समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि मिट्टी बहुत महंगी है। भगवान की मूर्ति होने के कारण उसको लागत में ही बेच रहे हैं। जन्माष्टमी मनाने वालों से मुनाफा तो दूर मेहनत तक नहीं ली जा रही है।
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उधर, मंदिरों के अलावा स्कूली बच्चों में श्रीकृष्ण लीला का रंग चढ़ा हुआ है। हर कोई कान्हा के प्रति भक्ति दिखा रहा है। 16 अगस्त को मंदिरों में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाने के लिए तैयारी जोरशोर से चल रही हैं। मंदिर में कान्हा को पालना में झूलाने के लिए सजावट की जा रही है, जिसके चलते शहर के विभिन्न मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाए जा रहे हैं।
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कैथल। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयार जोरों पर है। जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में वृंदावन और मथुरा से आईं पोशाकें भी बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध हैं।
बाजार में जगह-जगह स्टॉलों पर दुकानदारों ने दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण की रंग-बिरंगी पोशाकों का भंडार पहले ही कर लिया है। दुकानदार कविता रानी ने बताया कि बाजार में 150 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की भगवान की पोशाकें मिल रही हैं। कुछ दुकानों पर कांसे की भी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति मिल रही है। कांसे की मूर्ति महंगी होने से उसकी मांग कम है।
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प्रजापति समाज के लोगों ने मिट्टी की भगवान श्रीकृष्ण की अकेली और राधा-कृष्ण की सामूहिक मूर्तियां बनाई हैं। दुकानों पर यह मूर्ति महज 70 व 80 रुपये से लेकर 300 रुपये तक में मिल रही हैं। प्रजापति समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि मिट्टी बहुत महंगी है। भगवान की मूर्ति होने के कारण उसको लागत में ही बेच रहे हैं। जन्माष्टमी मनाने वालों से मुनाफा तो दूर मेहनत तक नहीं ली जा रही है।
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उधर, मंदिरों के अलावा स्कूली बच्चों में श्रीकृष्ण लीला का रंग चढ़ा हुआ है। हर कोई कान्हा के प्रति भक्ति दिखा रहा है। 16 अगस्त को मंदिरों में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाने के लिए तैयारी जोरशोर से चल रही हैं। मंदिर में कान्हा को पालना में झूलाने के लिए सजावट की जा रही है, जिसके चलते शहर के विभिन्न मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाए जा रहे हैं।