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Kaithal News: सिरसा ब्रांच नहर में एसटीपी का दूषित पानी, स्वास्थ्य से खिलवाड़
Sat, 06 Dec 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 06 Dec 2025 12:33 AM IST
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5केएलटी4: सिरसा ब्रांच नहर में डाला जा रहा एसटीपी का गंदा पानी
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। जन स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही उस समय उजागर हुई जब सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का बेहद दूषित व दुर्गंधयुक्त पानी सीधे सिरसा ब्रांच नहर में छोड़ा जाता पाया गया। स्थानीय निवासी विनोद, सुनील मलिक, रवि व अन्य ने इसे जन-जीवन के लिए सीधा खतरा बताया है, क्योंकि इसी नहर के पानी को आगे गांवों और शहरों में पेयजल के रूप में सप्लाई किया जाता है। उन्होंने इसे आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया।
दूषित पानी से उठती तीखी बदबू आसपास के लोगों को परेशान कर रही है। वहीं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. साहिल ने चेतावनी दी है कि ऐसे पानी के सेवन से टाइफाइड, कोलेरा, त्वचा संक्रमण से लेकर आंतों का कैंसर तक होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी मौन बने हुए हैं और अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
22 करोड़ से बनाई गई थी योजना, विफलता पर उठे सवाल : कलायत में जलभराव दूर करने के लिए 22 करोड़ रुपये की लागत से 17 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन परियोजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना पिछले ढाई वर्ष से अधूरी पड़ी है। कार्य पूरा न होने के कारण शहर आज भी जलभराव से जूझ रहा है, और अब नहर में छोड़े जा रहे दूषित पानी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने डीसी अपराजिता और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लापरवाह अधिकारियों की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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पानी केवल कपिल मुनि ड्रेन में डाले जाने का प्रावधान ः एसडीओ
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ नरेश जागलान ने सफाई देते हुए कहा कि एसटीपी का पानी केवल कपिल मुनि ड्रेन में डाले जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यदि पानी नहर में छोड़ा गया है तो इसकी जांच की जाएगी। पाइपलाइन कार्य के
संबंध में उन्होंने बताया कि काम कोर्ट में स्टे के कारण रुका हुआ है। विभाग ने अपील दायर कर रखी है और अनुमति मिलते ही शेष कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
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कलायत। जन स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही उस समय उजागर हुई जब सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का बेहद दूषित व दुर्गंधयुक्त पानी सीधे सिरसा ब्रांच नहर में छोड़ा जाता पाया गया। स्थानीय निवासी विनोद, सुनील मलिक, रवि व अन्य ने इसे जन-जीवन के लिए सीधा खतरा बताया है, क्योंकि इसी नहर के पानी को आगे गांवों और शहरों में पेयजल के रूप में सप्लाई किया जाता है। उन्होंने इसे आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया।
दूषित पानी से उठती तीखी बदबू आसपास के लोगों को परेशान कर रही है। वहीं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. साहिल ने चेतावनी दी है कि ऐसे पानी के सेवन से टाइफाइड, कोलेरा, त्वचा संक्रमण से लेकर आंतों का कैंसर तक होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी मौन बने हुए हैं और अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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22 करोड़ से बनाई गई थी योजना, विफलता पर उठे सवाल : कलायत में जलभराव दूर करने के लिए 22 करोड़ रुपये की लागत से 17 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन परियोजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना पिछले ढाई वर्ष से अधूरी पड़ी है। कार्य पूरा न होने के कारण शहर आज भी जलभराव से जूझ रहा है, और अब नहर में छोड़े जा रहे दूषित पानी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने डीसी अपराजिता और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लापरवाह अधिकारियों की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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पानी केवल कपिल मुनि ड्रेन में डाले जाने का प्रावधान ः एसडीओ
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ नरेश जागलान ने सफाई देते हुए कहा कि एसटीपी का पानी केवल कपिल मुनि ड्रेन में डाले जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यदि पानी नहर में छोड़ा गया है तो इसकी जांच की जाएगी। पाइपलाइन कार्य के
संबंध में उन्होंने बताया कि काम कोर्ट में स्टे के कारण रुका हुआ है। विभाग ने अपील दायर कर रखी है और अनुमति मिलते ही शेष कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।

5केएलटी4: सिरसा ब्रांच नहर में डाला जा रहा एसटीपी का गंदा पानी- फोटो : 1