मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश भर की 40 मिट्टी जांच लैब का उद्घाटन ऑनलाइन किया। जिसमें जिले को चार लैब पूंडरी, पाई व कलायत और ढांड में मिली हैं।
डीसी प्रदीप दहिया ने इन लैब का जिलास्तर पर शुभारंभ किया। डीसी ने सीएम के ऑनलाइन संबोधन के बाद लघु सचिवालय के ईवीएम सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिट्टी जांच को अनिवार्य बताया और कहा कि इस जांच से पता चल जाता है कि भूमि को किस पोषक तत्व की आवश्यकता है। जिले में इन चार लैब के साथ अब ऐसी छह लैब हो गई हैं। डीसी ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा अनुदान भी दिया जा रहा है ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ पहुंचे। भूमि की जांच से किसानों को पता चलेगा कि किस चीज की कमी भूमि में है और वह उसी के अनुरूप कृषि कार्य करते हुए फसल की बुआई कर सकेंगे। डीडीए कृषि एवं कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने डीसी प्रदीप दहिया का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पहले गुहला और कैथल में भूमि परीक्षण प्रयोगशाला भी अब चार और प्रयोगशालाएं बन गई हैं, जो कि किसानों बड़ी पुरानी मांग थी। मिट्टी जांच से उपज की गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों को अपने नजदीक मिट्टी जांच की सुविधा मिलेगी। इस मौके पर नगराधीश अमित कुमार, रामफल मलिक, कार्यकारी अभियंता सतपाल, एसडीओ गुलाब सिंह, सतीश नारा, भीमसेन अग्रवाल, डीआइओ दीपक खुराना मौजूद थे।