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Kaithal News: सफाई कर्मचारियों को नहीं मिल रहा मेहनताना
Sun, 01 Jun 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में एक वर्ष तक टेंडर प्रक्रिया के तहत नगर पालिका के सात पार्कों की साफ-सफाई करने वाले छह कर्मियों की पगार के नाम पर झोली खाली है। टेंडर की समय अवधि 4 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी है। इसके चलते एक तो इनके हाथ से रोजगार चला गया और दूसरी अभी तक मेहनताना नहीं मिला। प्रभावित कर्मी रिषीपाल, सोनू, सुनीता, चिमल, राजू और बलराम ने इस संबंध में जिला उपायुक्त के साथ-साथ प्रदेश मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है।
इनका कहना है कि एक वर्ष पहले एक समिति ने नगरपालिका कलायत के माध्यम से वे शहर पार्कों की सफाई करते रहे हैं। इसमें महाराजा अग्रसेन पार्क, नगरपालिका परिसर, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन, सैनी कालोनी, माडल टाउन पार्क, प्राचीन रूढ़पुरी पुरी और श्री कपिल मुनि सरोवर तट पर भगवान विश्वकर्मा वाटिका परिसर शामिल है।
टेंडर प्रक्रिया के तहत काम करने वाले कर्मियों ने बताया कि वर्ष भर में उन्हें केवल दो बार पगार मिली। बाकी दस माह तक उनसे बिना मेहनताना काम लिया जाता रहा। सारी स्थिति से नगर पालिका प्रशासन भली भांति वाकिफ है। इस संदर्भ में अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य टेंडर के माध्यम से एक एजेंसी को दिया गया था इसलिए उनकी इसमेंं कोई जिम्मेदारी नहीं।
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स्वच्छ वातावरण विकास समिति संचालकों के अनुसार फिलहाल नगर पालिका के पास उनके सात माह के बिल पेंडिंग हैं। इसके चलते ही सफाई कर्मियों का भुगतान नही हो पा रहा। यदि नगर पालिका उनके बकाया बिलों का भुगतान कर दे तो उन्हें कर्मियों का तुरंत प्रभाव से मेहताना अदा कर देंगे। भुगतान को लेकर वे बार-बार नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।
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कलायत। कलायत में एक वर्ष तक टेंडर प्रक्रिया के तहत नगर पालिका के सात पार्कों की साफ-सफाई करने वाले छह कर्मियों की पगार के नाम पर झोली खाली है। टेंडर की समय अवधि 4 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी है। इसके चलते एक तो इनके हाथ से रोजगार चला गया और दूसरी अभी तक मेहनताना नहीं मिला। प्रभावित कर्मी रिषीपाल, सोनू, सुनीता, चिमल, राजू और बलराम ने इस संबंध में जिला उपायुक्त के साथ-साथ प्रदेश मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है।
इनका कहना है कि एक वर्ष पहले एक समिति ने नगरपालिका कलायत के माध्यम से वे शहर पार्कों की सफाई करते रहे हैं। इसमें महाराजा अग्रसेन पार्क, नगरपालिका परिसर, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन, सैनी कालोनी, माडल टाउन पार्क, प्राचीन रूढ़पुरी पुरी और श्री कपिल मुनि सरोवर तट पर भगवान विश्वकर्मा वाटिका परिसर शामिल है।
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टेंडर प्रक्रिया के तहत काम करने वाले कर्मियों ने बताया कि वर्ष भर में उन्हें केवल दो बार पगार मिली। बाकी दस माह तक उनसे बिना मेहनताना काम लिया जाता रहा। सारी स्थिति से नगर पालिका प्रशासन भली भांति वाकिफ है। इस संदर्भ में अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य टेंडर के माध्यम से एक एजेंसी को दिया गया था इसलिए उनकी इसमेंं कोई जिम्मेदारी नहीं।
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स्वच्छ वातावरण विकास समिति संचालकों के अनुसार फिलहाल नगर पालिका के पास उनके सात माह के बिल पेंडिंग हैं। इसके चलते ही सफाई कर्मियों का भुगतान नही हो पा रहा। यदि नगर पालिका उनके बकाया बिलों का भुगतान कर दे तो उन्हें कर्मियों का तुरंत प्रभाव से मेहताना अदा कर देंगे। भुगतान को लेकर वे बार-बार नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।