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Kaithal News: तीन दिन में भुगतान का दावा, एक सप्ताह बाद भी इंतजार
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कैथल। जिले में गेहूं का सीजन लगभग समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक कई किसानों के खातों में भुगतान की राशि नहीं पहुंच पाई है। इस कारण किसानों में काफी रोष है जबकि सरकारी नियमों के तहत अनाज मंडियों में किसानों की फसल का 72 घंटे में भुगतान करने का नियम है। वहीं इस बार एक सप्ताह से अधिक समय बीत रहा है परंतु किसानों की ओर से बेची गई फसलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
किसानों का कहना है कि संबंधित विभाग भुगतान मामले में उनकी अनदेखी कर रहा है। वहीं, अनाज मंडियों में लगभग सीजन समाप्त हो चुका है और अब केवल 15 से 20 प्रतिशत गेहूं का उठान ही बाकी है। मामले में अधिकारियों का कहना है कि किसानों के खातों की जांच करवाकर भुगतान की राशि भिजवाई जा रही है। अभी तक जिले में विभिन्न एजेंसियों की ओर से कुल छह लाख 67 हजार 912 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। हैफेड की ओर से तीन लाख दो हजार 475 एमटी गेहूं की खरीद की गई। जिसकी 688 करोड़ 13 लाख रुपये की राशि बनती है। इसमें से करीब 500 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। इसी प्रकार से डीएफएससी की ओर से करीब 18 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की, जिसकी 409 करोड़ 22 लाख 25 हजार रुपये की राशि बनती है। इसमें से 294 करोड़ 26 लाख 11 हजार 45 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसमें से करीब 250 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान होना बाकी है।
एक सप्ताह बाद भी नहीं आई राशि-
गांव भानपुरा निवासी किसान रामस्वरूप ने बताया कि उसने शहर की नई अनाज मंडी में करीब एक सप्ताह पहले ही गेहूं की फसल बेची थी। इस फसल को बेचने के बाद उसे आश्वासन मिला था कि 72 घंटे में भुगतान हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कई बार बैंक में चक्कर काटकर खाते में रुपये आने की जानकारी ली, लेकिन रुपये अभी तक नहीं आए हैं। वहीं एक अन्य किसान सूरजभान ने बताया कि उसने भी करीब 10 दिन पहले गेहूं बेची थी, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। भुगतान न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सीजन में खरीदे गए गेहूं की राशि का 80 प्रतिशत तक भुगतान कर दिया गया है। अन्य 20 प्रतिशत तक जो भुगतान होना बाकी है, उसे भी जल्द ही किसानों को करवा दिया जाएगा। इससे किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।
-निशांत राठी, डीएम, डीएफएसी, कैथल।
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किसानों का कहना है कि संबंधित विभाग भुगतान मामले में उनकी अनदेखी कर रहा है। वहीं, अनाज मंडियों में लगभग सीजन समाप्त हो चुका है और अब केवल 15 से 20 प्रतिशत गेहूं का उठान ही बाकी है। मामले में अधिकारियों का कहना है कि किसानों के खातों की जांच करवाकर भुगतान की राशि भिजवाई जा रही है। अभी तक जिले में विभिन्न एजेंसियों की ओर से कुल छह लाख 67 हजार 912 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। हैफेड की ओर से तीन लाख दो हजार 475 एमटी गेहूं की खरीद की गई। जिसकी 688 करोड़ 13 लाख रुपये की राशि बनती है। इसमें से करीब 500 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। इसी प्रकार से डीएफएससी की ओर से करीब 18 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की, जिसकी 409 करोड़ 22 लाख 25 हजार रुपये की राशि बनती है। इसमें से 294 करोड़ 26 लाख 11 हजार 45 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसमें से करीब 250 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान होना बाकी है।
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एक सप्ताह बाद भी नहीं आई राशि-
गांव भानपुरा निवासी किसान रामस्वरूप ने बताया कि उसने शहर की नई अनाज मंडी में करीब एक सप्ताह पहले ही गेहूं की फसल बेची थी। इस फसल को बेचने के बाद उसे आश्वासन मिला था कि 72 घंटे में भुगतान हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कई बार बैंक में चक्कर काटकर खाते में रुपये आने की जानकारी ली, लेकिन रुपये अभी तक नहीं आए हैं। वहीं एक अन्य किसान सूरजभान ने बताया कि उसने भी करीब 10 दिन पहले गेहूं बेची थी, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। भुगतान न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सीजन में खरीदे गए गेहूं की राशि का 80 प्रतिशत तक भुगतान कर दिया गया है। अन्य 20 प्रतिशत तक जो भुगतान होना बाकी है, उसे भी जल्द ही किसानों को करवा दिया जाएगा। इससे किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।
-निशांत राठी, डीएम, डीएफएसी, कैथल।