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हत्या आरोपी की ज्वाइनिंग को लेकर हाबड़ी के ग्रामीणों ने लगाया जाम
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:25 AM IST
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गांव हाबड़ी के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में फरवरी 2015 में स्कूल में माली की हत्या के आरोपी रहे चौकीदार सुभाष की ज्वाइनिंग को लेकर गांव के लोग भड़क उठे। छात्राओं के साथ लोगों ने मुख्य हाबड़ी मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समझाए जाने के बाद जाम खोला।
जाम लगा रहे गांव वालों एसएमसी प्रधान रामफल, संतरों देवी, सतबीर, निर्मला, अनीता, दर्शनी देवी, वेदप्रकाश, गुज्जर सिंह, दलबीर, सतीश, उषा रानी व रजनी समेत सैकड़ों ग्रामीणों का कहना था कि 2 फरवरी 2015 को स्कूल के माली बलवान सिंह की हत्या कर दी गई थी। स्कूल ही चौकीदार सुभाष पर इस संबंध में आरोप लगाया गया था कि उसी ने बलवान की हत्या की है। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया था।
लेकिन अब कोर्ट ने सुभाष को बरी कर दिया और वह सोमवार को फिर से स्कूल में ज्वाइन करने आया था। गांव वालों का कहना था कि सुभाष के फिर से स्कूल आने की खबर से ही उनकी लड़कियां बुरी तरह डरी हुई हैं और यदि सुभाष ने फिर से इस स्कूल में ज्वाईन कर लिया तो उनकी बच्चियां स्कूल नहीं जा पाएंगी। गांव वालों का कहना था कि वे किसी कीमत पर भी चौकीदार सुभाष को हाबड़ी स्कूल में ज्वाइन नहीं करने देंगे।
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स्कूल के एसएमसी प्रधान रामफल ने कहा कि ये लड़कियों का स्कूल है और अभी तक लड़कियां अपने स्कूल के माली की हत्या को नहीं भुला पाई है। ऐसे में माली के हत्यारोपी रह चुके व्यक्ति के फिर से स्कूल आने से वे डर के माहौल में स्कूल नहीं आ पाएंगी और उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए न तो बच्चे और न ही अभिभावक चौकीदार सुभाष की ज्वाइनिंग के पक्ष में है।
वहीं खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान चंद मैहला ने कहा कि उनके पास अभी तक कोई ऐसा आदेश नहीं आया है कि चौकीदार सुभाष को ज्वाइन करवाया जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद कोर्ट से शिक्षा निदेशक को आदेश होते हैं और वहां से जिला शिक्षा अधिकारी को और बाद में उन्हें आदेश मिलते है। लेकिन अभी तक सुभाष के केस में ऐसा कुछ नहीं है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों व स्कूल प्रधानाचार्या की ओर से उन्हें पता चला था कि सुभाष स्कूल में जाकर प्रधानाचार्या से ज्वाइन करने के लिए कह रहा था। स्कूल की ओर से थाना प्रभारी पूंडरी को एक लिखित शिकायत दे दी गई है कि बिना किसी आदेश के चौकीदार सुभाष को स्कूल में प्रवेश न करने दिया जाए।
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जाम लगा रहे गांव वालों एसएमसी प्रधान रामफल, संतरों देवी, सतबीर, निर्मला, अनीता, दर्शनी देवी, वेदप्रकाश, गुज्जर सिंह, दलबीर, सतीश, उषा रानी व रजनी समेत सैकड़ों ग्रामीणों का कहना था कि 2 फरवरी 2015 को स्कूल के माली बलवान सिंह की हत्या कर दी गई थी। स्कूल ही चौकीदार सुभाष पर इस संबंध में आरोप लगाया गया था कि उसी ने बलवान की हत्या की है। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया था।
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लेकिन अब कोर्ट ने सुभाष को बरी कर दिया और वह सोमवार को फिर से स्कूल में ज्वाइन करने आया था। गांव वालों का कहना था कि सुभाष के फिर से स्कूल आने की खबर से ही उनकी लड़कियां बुरी तरह डरी हुई हैं और यदि सुभाष ने फिर से इस स्कूल में ज्वाईन कर लिया तो उनकी बच्चियां स्कूल नहीं जा पाएंगी। गांव वालों का कहना था कि वे किसी कीमत पर भी चौकीदार सुभाष को हाबड़ी स्कूल में ज्वाइन नहीं करने देंगे।
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स्कूल के एसएमसी प्रधान रामफल ने कहा कि ये लड़कियों का स्कूल है और अभी तक लड़कियां अपने स्कूल के माली की हत्या को नहीं भुला पाई है। ऐसे में माली के हत्यारोपी रह चुके व्यक्ति के फिर से स्कूल आने से वे डर के माहौल में स्कूल नहीं आ पाएंगी और उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए न तो बच्चे और न ही अभिभावक चौकीदार सुभाष की ज्वाइनिंग के पक्ष में है।
वहीं खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान चंद मैहला ने कहा कि उनके पास अभी तक कोई ऐसा आदेश नहीं आया है कि चौकीदार सुभाष को ज्वाइन करवाया जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद कोर्ट से शिक्षा निदेशक को आदेश होते हैं और वहां से जिला शिक्षा अधिकारी को और बाद में उन्हें आदेश मिलते है। लेकिन अभी तक सुभाष के केस में ऐसा कुछ नहीं है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों व स्कूल प्रधानाचार्या की ओर से उन्हें पता चला था कि सुभाष स्कूल में जाकर प्रधानाचार्या से ज्वाइन करने के लिए कह रहा था। स्कूल की ओर से थाना प्रभारी पूंडरी को एक लिखित शिकायत दे दी गई है कि बिना किसी आदेश के चौकीदार सुभाष को स्कूल में प्रवेश न करने दिया जाए।